दाम देसी और तड़का विदेशी फैशन का-‘फैब ऐली’

हजारों स्टाइल के कपड़े एक जगह...2012 में शुरू हुई ‘फैब ऐली’...हर महीने 1 करोड़ रुपये की कमाई...

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ई-कामर्स के संसार में हम फ्लिपकार्ट, मंत्रा, जबांग आदि दूसरी कई बेवसाइट देखते हैं जहां जाकर लोग खूब शॉपिंग करते हैं। इन वेबसाइट पर जरूरत की हर चीज मौजूद रहती है। लोगों की बढ़ती डिमांड को देखते हुए हम इन वेबसाइटों पर नियमित तौर पर निजी ब्रांड भी देखते हैं। दरअसल ये ब्रांड खुद विभिन्न समान बनाने वाले निर्माता होते हैं जिनका बनाया समान बाजार में भी आसानी से मिल जाता है। इन्ही निर्माताओं में से एक है “फैब ऐली”। जिसकी बाजार में ना सिर्फ अपनी अलग जगह है बल्कि ये खुद एक स्थापित ब्रांड बन गया है।

‘फैब ऐली’ की शुरूआत तन्वी मलिक और शिवानी पोद्दार ने मिलकर की थी। इस काम को शुरू करने के लिए इन दोनों ने अपनी बढ़िया नौकरी को भी ठोकर मार दी। ‘फैब ऐली’ की स्थापना से पहले ये लोग टाइटन इंडस्ट्री, यूनिलिवर जैसी बड़ी कंपनियों में काम कर चुकी थी। तन्वी मलिक के मुताबिक “हम दोनों कॉरपोरेट सेक्टर में काम करती थीं। इस दौरान हमने पाया कि फैशन को लेकर बड़ा फासला है और देश में इसको वहन करना बड़ा ही मुश्किल है। उस दौरान मैंगो, जारा जैसे स्टोरों में 900 से लेकर 1000 रुपये तक की कोई चीज ही नहीं मिलती थी।” जबकि देश में ज्यादातर महिलाएं नियमित रूप से पहनने वाले कपड़े 900-1000 रुपये के बीच ही पसंद करती थी। इस फासले को भरने के लिए ना तो ऑनलाइन और ना ही ऑफलाइन कोई विकल्प था।

तन्वी मलिक और शिवानी पोद्दार
तन्वी मलिक और शिवानी पोद्दार

तब दोनों ने अपने तुजर्बे के आधार पर बाजार का सर्वे किया। इस सर्वे में 500 महिलाओं को शामिल किया गया जो अपनी बात या तो सीधे या फिर लिखकर बता सकती थी। तब 60 प्रतिशत महिलाओं ने माना कि उन्होने भी फैशन के मामले में ये फासला महसूस किया है। उस दौरान फॉरएवर21 अकेला ऐसा ब्रांड था जो इस फासले को कम कर रहा था लेकिन देश भर में इसके मुठ्ठी भर स्टोर ही थे। शिवानी फ्रक से कहती हैं कि “शुरूआत से ही हम जानते थे कि इस जगह को भरने के लिए हमारे पास 1000 से ज्यादा स्टाइल के कपड़े होने चाहिए। इसके अलावा हम हर महीने 200 अलग अलग स्टाइल के कपड़े बाजार में उतारने लगे और इनके दाम अंतर्राष्ट्रीय ब्रांड को टक्कर देने के लिए काफी थे।“

हालांकि इस रास्ते में पैर रखने से पहले दोनों संस्थापक चाहते थे कि वो ऐक्सेसरी स्टोर में अपना भाग्य अजामाएं। इसलिए उन्होने शुरूआत के चार महीनों के दौरान गहने, जूते, बैग और दूसरी कई चीजें बेचनी शुरू कर दी थी लेकिन जल्द ही उनको इस बात का एहसास हो गया था कि बाजार में केवल ऐक्सेसरी के सहारे नहीं रहा जा सकता और तब उन्होने फैसला लिया कि उनको नियमित रूप से पहनने वाले कपड़ों के क्षेत्र में भी उतरना चाहिए।

आज ‘फैब ऐली’ का करीब 85 फीसदी बिजनैस नियमित रूप से पहनने वाले कपड़ों का होता है जिसे उन्होने जून, 2012 से शुरू किया था। तान्वी का दावा है कि वो मुनाफा कमा रहे हैं और हर महीने 1 करोड़ रुपये की आय हो रही है। पिछले तीन महीनों के दौरान उनका कारोबार 60 प्रतिशत तक बढ़ा है।

‘फैब ऐली’ में मिलने वाले कपड़ों का डिजाइन खुद की एक डिजाइन टीम करती है। हालांकि कंपनी ने ऐक्सेसरी के लिए चीन, यूके और दूसरे देशों के विक्रेताओं के साथ समझौता किया हुआ है। कारोबार की शुरूआत में बिक्री की रफ्तार थोड़ी धीमी थी लेकिन धीरे धीरे काम ने रफ्तार पकड़ी। तान्वी के मुताबिक फैब ऐली को फैशन की पहचान है इसलिए तेजी से बदलते फैशन पर वो तीन महिने पहले से ही काम करना शुरू कर देते हैं। बदलते फैशन के संकेत हमें विश्व में चल रहे ट्रेंड, फैशन ट्रेंड और पहले का फैशन ट्रेंड को देखकर लगाया जा सकता है। यही बात ऐक्सेसरी के मामले में भी है।

फैब ऐली की सबसे ज्यादा ग्राहक वो महिलाएं हैं जिनकी उम्र 22 से 30 साल के बीच हैं वो उनके लिए खास हैं। इसके अलावा दिल्ली, मुंबई, बेंगलौर आदि जगहों से बल्क में ऑर्डर बुक किये जाते हैं। तन्वी के मुताबिक हम लोग लगातार दूसरे शहरों में भी अपना विस्तार कर रहे हैं और अब हमारी योजना टीयर 2 शहरों तक अपनी पहुंच बनाने की है। फैब ऐली अपनी मार्केटिंग के लिए लिए फेसबुक और गूगल का खूब इस्तेमाल करता हैं। इसके अलावा पीआर एजेंसियों की मदद से विभिन्न पत्रिकाओं में इनके काम की खूब चर्चा होती है। इस काम में फैशन ब्लॉगर भी इनकी खूब मदद करते हैं। तन्वी के मुताबिक “हमने फैशन ब्लॉगर के साथ खूब काम किया है जैसे हाई हील, पोपक्सो। जिनकी काफी फालोइंग है। यही वजह है कि हम उनके साथ मिलकर कई प्रतियोगिताएं आयोजित कराते हैं, विज्ञापन करते हैं। आप अगर हमारी वेबसाइट पर जाएं तो वहां देखेंगे जिसे हम लुक बुक कहते हैं, यहां पर शानदार फैशन फोटो किया हुआ है इसके अलावा कई और सामग्री है जहां पर ग्राहक अपने को हमारे साथ जोड़ पाता है।”

आज “फैब ऐली” की टीम में 32 लोग हैं। इनमें से ज्यादातर सदस्य पहले कभी इनके ग्राहक थे और उनकी उम्र 30 साल से कम है। शिवानी के मुताबिक “ये बहुत की तेजतर्रा टीम है हर टीम की तरह हमारी टीम में भी कुछ अच्छी और कुछ बुरी चीजें हैं लेकिन हमें काफी कुछ करना है और इसे अगले स्तर पर ले जाना है।“ भविष्य को लेकर शिवानी का कहना है कि हमारा ध्यान महिलाओं पर लगातार बना हुआ है महिलाओं से जुड़े अब भी कई ऐसे क्षेत्र हैं जिनको हमने अब तक छुआ नहीं है। इतना ही नहीं हम पुरूषों और बच्चों के लिए भी कुछ नया करना चाहते हैं लेकिन इस काम में अभी वक्त लगेगा।