नये आसमान तलाश करती दिल्ली कोलाज आफ आर्ट की प्रदर्शनी

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दिल्ली में कोलाज आफ आर्ट की  प्रदर्शनी का मुख्य उद्देश्य आम लोगों को कला के साथ जोड़ना है। इसलिए यह प्रदर्शनी कला के एक सीमित दायरे से आगे बढ़कर अपने लिए नये आसमान तलाशती दिखाई देती है।

कालेज के प्रमुख अश्विनी कुमार ‘पृथ्वीवासी’ ने बताया, ‘‘हमने सोचा कला हमेशा एक वर्ग विशेष तक सिमटकर रह जाती है और सवा अरब से अधिक आबादी वाले देश में लोग जानते ही नहीं कि देश में कितनी कला दीर्घायें हैं। इसलिए किसी को दोष देने की बजाय हमने खुद ही पहल करने की ठानी और आम लोगों को कला से जोड़ने का इरादा लेकर अपनी तरह के इस नये सफर पर निकल पड़े।’

दिल्ली  कोलाज ऑफ आर्ट : डीसीए : के ‘आर्ट कार्निवल’ का चौदहवां संस्करण ‘ऑल इंडिया फाइन आर्ट्स एंड क्राफ्ट सोसायटी’ में चल रहा है। इसमें कला के विविध स्वरूपों को प्रदर्शित किया गया है और संस्थान के 170 से अधिक उदीयमान कलाकारों की 365 पेंटिंग्स प्रदर्शित की गयीं।

पारंपरिक रूप के साथ ही क्लासिक कला को भी प्रदर्शनी में रखा गया। कला के इस मेले में कलाकृतियों को बिक्री के लिए भी रखा गया था। प्रदर्शनी में बतौर प्रतिभागी शामिल नवोदित कलाकार प्रेरणा ने कहा कि कहीं ना कहीं हम सभी के अंदर एक कलाकार छिपा हुआ है, लेकिन बहुत कम लोग खुद को किसी कला से जोड़ पाते हैं। कैनवास पर उभरते रंग व्यक्ति के भीतर के कलाकार की भावनाओं को अभिव्यक्त करने का सबसे सुंदर माध्यम हैं।

डीसीए की समन्वयक रेनू गुप्ता कहती हैं, ‘‘इस प्रदर्शनी के जरिए हमारा उद्देश्य आम आदमी को कला से जोड़ना है, जो कला की गूढ़ जानकारी न होने के बावजूद कैनवास पर उकेरे गए चित्रों से खुद को जोड़े और उनमें छिपे संदेश को समझ ले।’’

डीसीए के विद्यार्थियों ने चित्रकला की विभिन्न विधाओं से कहीं मनभावन चेहरों को कागज पर उतारा है तो कहीं स्टिल आर्ट के सुंदर नमूने पेश किए हैं। हर कलाकृति अपने आप में नायाब और कलाकार की भावनाओं को व्यक्त करती हुई। कहीं सुंदर चटख रंग तो कहीं झुर्रियों से भरे चेहरे, फ्रेम तोड़कर निकलता भाप छोड़ता इंजन और बलिष्ठ शरीर सौष्ठव का प्रदर्शन करते युवक का चित्र इन उभरते कलाकारों के आसमान छूते इरादों को पंख दे रहे हैं। (पीटीआई)