‘Zebu Games’ का खुमार, धीरे धीरे चढ़ रहा है परवान

6 लाख रुपये के निवेश से ‘Zebu Games’ की शुरूआत‘Wordmint’ और ‘Follow The Dots’ को मिले 10 हजार डाउनलोडइस साल आएंगे 5 और नये गेमहर साल 12 नये गेम लाने का लक्ष्य

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जैक गोल्ड, एक स्टैनफोर्ड स्नातक हैं गर्मियों में उन्होने दक्षिण पूर्ण एशिया में घूमने का फैसला लिया। जिसके बाद वो और उनके दोस्त अक्साई ने फैसला लिया कि वो थाईलेंड, इंडोनेशिया होते हुए भारत जाएंगे। उनकी यात्रा उम्मीदों के मुताबिक चल रही थी। इस दौरान उन्होने समुंद्री यात्राएं और वन्य जीवों के बीच अपना समय तो गुजारा ही साथ ही साथ अच्छा खाना और इन देशों में घूमने फिरने का भी खूब आनंद लिया। भारत में इन लोगों ने मैसूर, कोयमबत्तूर और चेन्नई घूमने का फैसला लिया।

जैक अपने कॉलेज के दिनों में मोबाइल के संसार में खूब सारे बोर्ड खेलते थे और अब उनको तलाश थी किसी नये खेल की। उनके दोस्त अक्साई ने वर्ल्ड मिंट खेल से परिचय कराया जिसका विकास किया था ‘Zebu Games’ ने। इसके बाद तो दोनों दोस्त इस खेल में ऐसे उलझे की उन्होने अपनी बाकि की यात्रा के दौरान इस खेल के खूब मजे लिये। दोनों इस खेल में एक दूसरे से प्रतियोगिता करते। इतना ही नहीं इस खेल को लेकर उनका जुनून इतना बढ़ गया था कि उन्होने व्हट्सऐप पर अपने जानकारों का एक ग्रुप भी बना लिया था और वो सब व्यक्तिगत स्तर पर खेल के स्कोर पर चर्चा करते।

आज के दौर में मोबाइल खेल काफी बड़ा बाजार बनते जा रहा है। हाल ही में newzoo.com की एक रिपोर्ट के मुताबिक ये करीब 12 बिलियन डॉलर का बाजार है। newzoo.com दुनिया भर के खेल उद्योग पर नजर रखती है। मोबाइल खेल की बढ़ती डिमांड की मुख्य वजह दिनों दिन बढ़ता मोबाइल बाजार है। इसी तरह Global Mobile Game Confederation की रिपोर्ट बताती है कि साल 2017 तक ये बाजार 40 बिलियन डॉलर तक पहुंच जाएगा। जबकि Angry Birds और Candy Crush जैसे खेल दुनिया भर में सबसे ज्यादा डाउनलोड हुए। इसी तरह वर्ल्ड गेम जैसे Ruzzle और Words With Friends ने तो 50 मिलियन डाउनलोड के आंकडे को भी पार कर दिया।

ये कहानी ‘Zebu Games’ की है। ये भी एक मोबाइल गेम स्टार्टअप है जो इतने बड़े मौके को हाथ से नहीं जाने देना चाहता। पिछले साल के.श्रीकृष्णा और बिकास चौधरी ने फैसला लिया कि वो बेंगलुरू में मोबाइल गेम स्टूडियो की शुरूआत करेंगे। दोनों ही लोग स्टार्टअप के माहौल से अच्छी तरह परिचित थे। बिकास इससे पहले ‘InMobi’ कंपनी स्थापित करने के लिए रास्ता बनाया था।

बिकास के मुताबिक उनको ये आइडिया साल 2011 के मध्य में आया। उनको उसी वक्त लग गया था कि मोबाइल का कारोबार काफी बड़ा है। उन्होने देखा कि कई लोग छोटी सी टीम बनाकर हर रोज दसियों हजार डॉलर कमा रहे हैं। तो दूसरी ओर बिकास जानते थे कि कैसे इस काम को और विस्तार दिया जा सकता है। हालांकि मोबाइल गेम का विचार इन लोगों को काफी बाद में आया जब इन लोगों ने मिलकर मोबाइल कारोबार के संसार को लेकर काफी माथापच्ची की। श्रीकृष्णा पिछले साल नवंबर तक राष्ट्रीय उद्यमिता नेटवर्क पर एक कार्यक्रम चला रहे थे। तब उन्होने अपने काम से कुछ वक्त के लिए ब्रेक लेने का फैसला लिया ताकि वो एक बार फिर उद्यमियता के क्षेत्र में उतर सकें। इससे पहले भी बिकास और श्रीकृष्णा एक साथ काम कर चुके थे। इन दोनों लोगों ने Impulsesoft की शुरूआत की थी।

ये दोनों जानते थे कि उन्होने पिछली बार कुछ गलतियां की थी लेकिन इस बार ये उन गलतियों से सबक लेते हुए अपने तजुर्बे के आधार पर काम करें तो काफी आगे तक जा सकते हैं। बस फिर क्या था इन दोनों ने मिलकर 6 लाख रुपये निवेश कर ‘Zebu Games’ की शुरूआत की। तब इनके पास सिर्फ एक चीज की कमी थी और वो थी मोबाइल गेम डेवलपर की। जो उनकी सोच को हकीकत में बदल सके। इसके लिए उनको ज्यादा परेशान नहीं होना पड़ा और उनको कंपनी के लिए तीसरा सह-संस्थापक मिल गया। वो थे कोललोल दास। जो बेहतरीन गेम डेवलपर के अलावा अपने काम में काफी माहिर भी थे। तीनों की इस तिकड़ी ने मिलकर अपने पहला गेम जल्द ही बाजार में उतार दिया और उसका नाम रखा ‘Homebound’, ये एक आर्केड खेल था।

‘Zebu Games’ ने दो और खेल लांच किये। जो थे ‘Wordmint’ और ‘Follow The Dots’। ‘Wordmint’ शब्दों का खेल है जिसे एक ही व्यक्ति एक समय में खेल सकता है। जहां पर खिलाड़ी को एक शब्द दिया जाता है जिसको लेकर उसे कई शब्द बनाने पड़ते हैं। इसी के साथ ‘Follow The Dots’ मोबाइल में उंगलियों से खेला जाने वाला ट्रेसिंग खेल है। दोनों ही खेल काफी मनोरंजक हैं जिनको लोग अपने बच्चों के साथ खेल सकते हैं और उनकी समझने बूझने की ताकत को बढ़ा सकते हैं। साथ ही हाथ और आँख में समन्वय के साथ साथ बच्चों की शब्दावली में भी सुधार हो सकता है।

इन खेलों को उतारने के बाद लोगों से काफी अच्छी प्रतिक्रियायें मिल रही हैं। बिकास का कहना है कि ‘Follow The Dots’ को लेकर विकलांग बच्चों से भी अच्छी प्रतिक्रियायें मिली हैं। हालांकि इनका पहला खेल ‘Homebound’ अब मौजूद नहीं लेकिन इनके बाकि दोनों खेलों को अब तक करीब 10 हजार डाउनलोड मिल चुके हैं।

‘Zebu Games’ ने फैसला लिया है कि वो अपने खेलों को हर प्लेटफॉर्म में मुफ्त में उपलब्ध कराएगा। बिकास का कहना है कि भविष्य में वो विज्ञापनों के जरिये अपने काम को आगे बढ़ाएंगे। इन लोगों ने अपने लिये एक स्पष्ट रोड मेप तैयार किया है। जिसके मुताबिक इस साल ये 5 गेम बाजार में उतारेंगे उसके बाद हर साल इनके बनाये 12 गेम लोगों के सामने होंगे। इन लोगों ने तीन खेलों का प्रोटोटाइप भी तैयार किया हुआ है। जिसके बाद उम्मीद है कि ये 5 खेल इस साल के अंत तक बाजार में उतार देंगे। बिकास के मुताबिक उनकी योजना विभिन्न भाषाओं में भी गेम उतारने की है।