अगर बैंक हटा लें ये चार्ज तो सस्ता हो जाएगा रेल से सफर

0

आईआरसीटीसी से डेबिट या क्रेडिट कार्ड के जरिए टिकट बुक कराने पर लगने वाले मर्चेंट डिस्काउंट रेट (एमडीआर) चार्ज हटाने पर विचार हो रहा है। 

सांकेतिक तस्वीर (फोटो साभार- सोशल मीडिया)
सांकेतिक तस्वीर (फोटो साभार- सोशल मीडिया)
अभी तक यह चार्ज यात्रियों से ही वसूला जाता है। रेल मंत्री पीयूष गोयल ने बताया है कि सरकार इस संबंध में बैंकों से बात कर रही है।

 रिजर्व बैंक ने पहले डेबिट कार्ड के जरिए 1,000 रुपये तक के पेमेंट पर एमडीआर चार्ज को घटाकर 0.25 फीसदी तक कर दिया था। 

पिछले कुछ सालों से रेलवे से सफर करना काफी मंहगा हो चला है। इसकी मेन वजह टिकट के दामों में हुई बेतहाशा बढ़ोत्तरी है। लेकिन आईआरसीटीसी अब टिकट बुक करने के दौरान बैंको द्वारा लिए जाने वाली फीस में कमी करने की कोशिश कर रहा है। अगर ऐसा होता है तो आने वाले समय में टिकट के दामों में निश्चित ही कमी आएगी और रेल से सफर थोड़ा सस्ता हो सकेगा। आईआरसीटीसी से डेबिट या क्रेडिट कार्ड के जरिए टिकट बुक कराने पर लगने वाले मर्चेंट डिस्काउंट रेट (एमडीआर) चार्ज हटाने पर विचार हो रहा है। अभी तक यह चार्ज यात्रियों से ही वसूला जाता है। रेल मंत्री पीयूष गोयल ने बताया है कि सरकार इस संबंध में बैंकों से बात कर रही है।

रेल मंत्री पीयूष गोयल का कहना है कि डिजिटल ट्रांजैक्शंस को फ्री बनाने के लिए बैंकों को अपने मॉडल पर फिर से काम करना होगा। उन्होंने इस सिलसिले में विस्तार से जानकारी दिए बिना कहा, 'मैं इस बात से सहमत हूं कि एमडीआर का वजूद होना चाहिए, लेकिन न तो कन्ज्यूमर और न ही मर्चेंट को इसका भुगतान करना चाहिए।' इसके पहले रेलवे ने बैंकों से टिकट बुकिंग पर मिलने वाली ट्रांजैक्शन फीस को शेयर करने के लिए कहा था, जिसे बैंकों ने इंकार कर दिया था। इन बैंकों में स्टेट बैंक भी शामिल था। इस बैंक के क्रेडिट और क्रेडिट कार्ड से ट्रांजैक्शन करने पर आईआरसीटीसी ने रोक भी लगा रखी है। इसी वजह से एसबीआई और आईआरसीटीसी के बीच विवाद भी चल रहा है।

इस विवाद में नुकसान देश के आम आदमी को वहन करना पड़ रहा है। हालांकि रेलवे ने सफाई देते हुए कहा है कि किसी भी डेबिट या क्रेडिट कार्ड पर रोक नहीं लगाई गई है। सिर्फ पेमेंट गेटवे का विवाद थाय़ आपकी जानकारी के लिए बता दें कि रिजर्व बैंक ने पहले डेबिट कार्ड के जरिए 1,000 रुपये तक के पेमेंट पर एमडीआर चार्ज को घटाकर 0.25 फीसदी तक कर दिया था। डेबिट कार्ड पेमेंट (सरकारी पेमेंट समेत) से 1,000 रुपये तक के पेमेंट के लिए एमडीआर को घटाकर 0.25 फीसदी और 1,000 से 2,000 रुपये के ट्रांजैक्शंस पर 0.5 फीसदी कर दिया था। बड़े ट्रांजैक्शंस पर 1 फीसदी का एमडीआर लगता है। ये रेट नोटबंदी के बाद आरबीआई की तरफ से जारी गाइडलाइंस पर आधारित हैं, जिसकी मियाद बाद में भी बढ़ा दी गई है।

एमडीआर को तर्कसंगत बनाने के लिए 16 फरवरी को रिजर्व बैंक की ओर जारी ड्राफ्ट गाइडलाइंस के मुताबिक, रेलवे टिकट और पैसेंजर सर्विस ट्रांजैक्शंस पर 1 से 1,000 रुपये के लेनदेन पर 5 रुपये की फ्लैट फीस और 1,001 से 2,000 रुपये तक के लेनदेन पर 10 रुपये फीस लगाए जाने की बात है। ऊंची वैल्यू वाले ट्रांजैक्शंस पर एमडीआर का 0.5 फीसदी तक या अधिकतम 250 रुपये का चार्ज लगाया जा सकता है। हालांकि, टिकट खरीदने वाले मोबाइल वॉलेट का इस्तेमाल कर बुकिंग के लिए पेमेंट कर सकते हैं, जिस पर कन्ज्यूमर या मर्चेंट के लिए कोई चार्ज नहीं है।

ये भी पढ़ें: BMTC की सराहनीय पहल, बस अड्डों पर स्तनपान के लिए होगा अलग कमरा

यदि आपके पास है कोई दिलचस्प कहानी या फिर कोई ऐसी कहानी जिसे दूसरों तक पहुंचना चाहिए, तो आप हमें लिख भेजें editor_hindi@yourstory.com पर। साथ ही सकारात्मक, दिलचस्प और प्रेरणात्मक कहानियों के लिए हमसे फेसबुक और ट्विटर पर भी जुड़ें...