बड़ी कॉफी शॉप्स में ही नहीं अब सड़क किनारे चाय की दुकान पर भी मिलेगा वाईफाई

दिल्ली और बेंगलुरु में कई सारे ऐसे स्टार्टअप शुरू हो रहे हैं जो छोटी-छोटी दुकानों पर 10 रुपये में कुछ देर के लिए फ्री वाई फाई का एक्सेस प्रदान करवा रहे हैं...

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 दिल्ली और बेंगलुरु में कई दुकानों ने इन स्टार्टअप्स के साथ पार्टनरशिप की है और वे अब 1 रुपये से लेकर 20 रुपये तक में वाईफाई उपलब्ध करवा रहे हैं। कम पैसों में वाई फाई उपलब्ध कराने का मकसद ग्रामीण और स्लम इलाकों में इंटरनेट कनेक्टिविटी को उपलब्ध करवाना है।

सांकेतिक तस्वीर
सांकेतिक तस्वीर
 इसमें ज्यादातर 15 से 25 साल के युवा हैं, जो इन कूपन को खरीदते हैं। वे पांच मिनट के लिए आते हैं और कोई गेम या गाना डाउनलोड करते हैं और चले जाते हैं।

बड़ी-बड़ी कॉफी शॉप्स और रेस्टोरेंट में तो आपने फ्री वाई-फाई के बारे में सुना होगा और हो सकता है कि यूज भी किया हो, लेकिन क्या आप चाय की टपरी या किराना स्टोर पर फ्री वाईफाई के बारे में सोच सकते हैं। दिल्ली और बेंगलुरु में कई सारे ऐसे स्टार्टअप शुरू हो रहे हैं जो छोटी-छोटी दुकानों पर 10 रुपये में कुछ देर के लिए फ्री वाई फाई का एक्सेस प्रदान करवा रहे हैं। दिल्ली और बेंगलुरु में कई दुकानों ने इन स्टार्टअप्स के साथ पार्टनरशिप की है और वे अब 1 रुपये से लेकर 20 रुपये तक में वाईफाई उपलब्ध करवा रहे हैं। कम पैसों में वाई फाई उपलब्ध कराने का मकसद ग्रामीण और स्लम इलाकों में इंटरनेट कनेक्टिविटी को उपलब्ध करवाना है।

साउथ दिल्ली के संगम विहार इलाके में स्टेशनरी स्टोर चलाने वाले ब्रह्मप्रकाश ने करीब ढाई महीने पहले अपनी दुकान में वाईफाई हॉटस्पॉट लगाया है और तब से अब तक वह 250 रुपये के कूपन बेच चुके हैं। इसमें सबसे ज्यादा डिमांड 1 रुपये के कूपन की है, जिससे ग्राहकों को 5 मिनट इंटरनेट कनेक्शन मिलता है। ब्रह्मप्रकाश ने बताया कि इसमें ज्यादातर 15 से 25 साल के युवा हैं, जो इन कूपन को खरीदते हैं। वे पांच मिनट के लिए आते हैं और कोई गेम या गाना डाउनलोड करते हैं और चले जाते हैं। जहां एक तरफ ये स्टार्ट-अप शहरी झुग्गियों में काम कर रहे हैं, वहीं ग्राम पंचायतों में भी इसे पायलट प्रॉजेक्ट के तौर पर शुरू किया जा रहा है।

दिल्ली में ये सर्विस देने वाले स्टार्ट अप का नाम i2e1 और बेंगलुरु में वाईफाई डिब्बा ये काम कर रहा है। इसमें दूरसंचार प्राधिकरण (ट्राई) का भी सहयोग मिल रहा है। ये स्टार्टअप पब्लिक डेटा ऑफिस (पीडीओ) के जरिए सभी लोगों तक वाईफाई पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं। टेलीमैटिक्स डेवलप करने के लिए सरकार पीडीओ स्थापित करने के लिए भी काम कर रही है, जिसकी कीमत 50,000 रुपये होगी और उपयोगकर्ताओं को 10 रुपये में डेटा खरीदने की अनुमति होगी। यह पूरी तरह ट्राई से जुड़ा हुआ है, इसके लिए दुकानदारों को एक बार 2000 रुपये की फीस देनी होगी।

i2e1 के को फाउंडर सत्यम डरमोरा ने बताया, 'हमारे विश्लेषण में यह बात सामने आई है कि जिन किराना दुकानों में राउटर इंस्टॉल किया है, वहां ग्राहकों की संख्या में 23 प्रतिशत बढ़ोतरी हुई है।' वहीं वाईफाई डब्बा के सह-संस्थापक शुभेंदु शर्मा ने बताया, 'हमारी कंपनी के पास इंटरनेट सर्विस मुहैया कराने का लाइसेंस है। हम फाइबर ऑप्टिक्स के साथ छोटे राउटर्स के जरिए डेटा उपलब्ध कराते हैं।' उन्होंने कहा, 'बेंगलुरू में करीब 600 दुकानों पर हमारे राउटर्स हैं, जिसके द्वारा 100-200 मीटर के दायरे तक 50 MBPS की स्पीड के साथ डेटा उपलब्ध कराया जाता है।'

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