होटल कारोबार में चमकता सितारा ‘Keys Hotels’

‘Keys Hotels’ की देशभर में 14 शाखाएंदिल्ली, मुबंई, चेन्नई जैसे बड़े शहरों में है ‘Keys Hotels’‘Keys Hotels’ के पास 1770 कर्मचारी

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कहते हैं कि सफलता का रास्ता मेहनत से होकर ही जाता है। तभी तो संजय सेठी जो आज मैनेजिंग डॉयरेक्टर और सीईओ हैं ‘Berggruen Hotels’ के वो अब तक ताज ग्रुप के लिए काम करते थे। ‘Berggruen Hotels’ देश भर में ‘Keys Hotels’ ब्रांड के तहत बिजनेस होटल की चेन चला रहा है। ‘Keys Hotels’ ब्रांड की देश भर में 35 संपत्तियां हैं इनमें से कुछ संपत्तियों पर विकास का काम जारी है। इस वक्त ‘Keys Hotels’ 14 जगहों पर काम कर रहा हैं। इनमें से 6 संपत्तियां उसकी अपनी हैं, जबकि 8 संपत्तियों पर वो प्रबंधन का काम संभाल रहा है। इन सभी सम्पत्तियों में उसके पास कुल मिलाकर 13सौ कमरे हैं। जबकि शेष 21 संपत्तियों का काम विभिन्न स्तर पर चल रहा है और उनके पूरा होते ही शुरू कर दिया जाएगा। फिलहाल ‘Keys Hotels’ की मौजूदगी औरंगाबाद, बेंगलुरु, चेन्नई, लुधियाना, मुंबई, पुणे, दिल्ली और तिरुवनंतपुरम में है। जहां पर इसके बिजनेस होटल चल रहे हैं। जबकि महाबलेश्वर, गोवा और दिल्ली में उसके अपने रिसार्ट और बेंगलुरू में सर्विस्ड अपार्टमेंट है।

इससे पहले संजय ताज ग्रुप ऑफ होटल्स के लिए काम करते थे। वो ताज हैदराबाद में एरिया डॉयरेक्टर के तौर पर काम कर रहे थे जहां पर वो ‘फलकनुमा पैलेस’ के विकास के काम से जुड़े थे। जब वो लक्जरी महल वाले होटल को देख रहे थे तभी उनकी मुलाकात ‘Berggruen Hotels’ के अफसरों से हुई। जो उस वक्त पूरे देश के लिए ऐसे व्यक्ति की तलाश कर रहे थे जो उनकी होटल चेन को संभाल सके। इसके बाद चीजें एक दूसरे से जुड़ती चली गई और इस तरह संजय ने उद्यमी के तौर पर नई पारी की शुरूआत की। संजय का कहना है कि होटल को स्थापित करने के लिए काफी रकम की जरूरत होती है इसलिए अगर वो अपने बलबूते ऐसा कुछ करने की सोचते तो ये संभव नहीं होता। इसके बाद ‘Berggruen होल्डिंग्स’ ने कारोबार शुरू करने के लिए पैसा लगाया, तो वहीं संजय के पास एक दशक से ज्यादा का हास्पिटेलिटी का अनुभव काम आया।

‘Berggruen होल्डिंग्स’ से जुड़ने के बाद संजय ने सबसे पहले एक कोर टीम का गठन किया इसके लिए उन्होने इस कारोबार से जुड़े दिग्गज लोगों से बातचीत की और उनको अपने साथ जोड़ा। संजय ने इन लोगों को एक हिस्सेदार के तौर पर अपने साथ काम करने का मौका दिया और कारोबार के विकास के लिए जरूरी गठबंधन किये। एक बार टीम तैयार होने के बाद संजय अगली चुनौती को पूरा करने में जुट गये। जो थी सही जगह पर सही उत्पाद। यही वजह है कि औरंगाबाद और तिरुवनंतपुरम जैसी जगहों पर ‘Keys Hotels’ की टीम ने अंतिम फैसला लेने के लिए काफी मेहनत की।

अपना उत्पाद लाने से पहले इन लोगों ने सबसे पहले संभावित ग्राहकों से बातें की। इन ग्राहकों में वो लोग शामिल थे जो निरंतर यात्राएं करते हैं, एकल महिलाओं के ग्रुप और 3टीयर होटल में आने वाले ग्राहक जिन्होने उनको कई शुरूआती जानकारियां दी। इस काम को तीन शहरों में अंजाम दिया गया। जिसके बाद ग्राहकों से मिली प्रतिक्रियाओं को उन्होने अपने उत्पाद के साथ जोड़ने की कोशिश की। वास्तव में जब इन लोगों ने अपने पहले होटल की शुरूआत की थी तो एक बार फिर इन लोगों ने ग्राहकों से राय जानने की कोशिश कि क्या उनकी जरूरतों को ये होटल पूरा करने में कामयाब हो सका है। इसका परिणाम ये हुआ कि ‘Keys Hotels’ मिड सेगमेंट के क्षेत्र में अपनी स्थिति दर्ज करने में कामयाब हो सका।

अब इन लोगों ने अपने ब्रांड को थोड़ा और बड़ा करते हुए हाल ही में ‘Key Klub’ लाने की घोषणा की है। इसके तहत ये होटल 4 और 5 स्टार वाले होंगे। खासतौर से ये होटल कारोबारी यात्रियों की सुविधाओं को ध्यान में रख कर तैयार किये जाएंगे। एक ओर जहां ‘Keys Hotels’ में रूम सर्विस की सेवाएं सीमित हैं वहीं ‘Key Klub’ के होटल में 24/7 कमरे में भोजन की सुविधा, दुनिया भर के खानों का रेस्तरां, लाउंज बार, बैंकेट और कांफ्रेंस हाल की सुविधा होगी। संजय ने अपना ध्यान ब्रांड को स्थापित करने में लगाया हुआ है ताकि उसकी अलग पहचान बन सके। उनका कहना है कि ‘Keys Hotels’ में स्टाइलिश, अत्याधुनिक, अंतरराष्ट्रीय, समकालीन और शिष्टता का मेल है।

संजय का कहना है कि ‘Keys Hotels’ का मुख्य ध्यान मजबूत सेल्स टीम को तैयार करना है उनका दावा है कि फिलहाल उनकी टीम देश में इस क्षेत्र की कुछ बड़ी टीमों में से एक है। यही वजह है कि आज उनके देशभर में 75 सदस्यों वाले 13 सेल्स ऑफिस हैं। संजय बताते हैं कि साल 2008-09 के दौरान उनके लिए थोड़ा मुश्किल वक्त था क्योंकि उस वक्त दुनिया में आई मंदी इसकी बड़ी वजह थी लेकिन कठिन मेहनत के कारण ‘Keys Hotels’ ने बाजार में अच्छी हिस्सेदारी हासिल की। ‘Keys Hotels’ के ज्यादातर ग्राहक कॉरपोरेट सेक्टर से जुड़े होते हैं। यही वजह है कि इन लोगों को अपने कारोबार का करीब 75 प्रतिशत हिस्सा विभिन्न कॉर्पोरेट समझौते से हासिल होता है।

अपनी शानदार सेवाओं के लिए ‘Keys Hotels’ लगातार कई अवॉर्ड से सम्मानित किया जाता रहा है। ‘Keys Hotels’ के कई होटलों को ‘Trip Advisor’ ने कई बार सम्मानित भी किया है। साल 2012 में तिरुवनंतपुरम में ‘Keys Hotels’ की शाखा को देश के 10 बड़े ट्रेंडियस्ट होटल के लिए सम्मानित किया गया था। जबकि उसी साल ‘Trip Advisor’ की तरफ से 6 होटलों को श्रेष्ठता के लिए प्रमाणपत्र मिला। इस उद्यम के लिए ‘Berggruen होल्डिंग्स’ ने करीब 62 मिलियन डॉलर का निवेश किया है जबकि ‘Keys Hotels’ ने विभिन्न जगहों से करीब 183 रुपये का ऋण लिया है। इसके 21 होटल ऐसे हैं जिनके विकास का काम विभिन्न स्तर पर चल रहा है। जल्द ही कोच्ची, विजाग, शिरडी, अमृतसर, वृंदावन और हरिद्वार में इनके होटल बनकर तैयार हो जाएंगे। संजय का कहना है लुधियाना में मौजूद होटल और उनके कुछ एक-दूसरे होटल को छोड़ सभी होटल अच्छा व्यवसाय कर रहे हैं। कंपनी का लक्ष्य अगले वित्तिय वर्ष में 170 करोड़ रुपये की आय हासिल करना है जबकि ये उद्यम हर साल 100 प्रतिशत की रफ्तार से बढ़ रहा है। ‘Keys Hotels’ के साल भर में औसतन 72 प्रतिशत कमरे भरे रहते हैं।

संजय का कहना है कि वो ‘Keys Hotels’ को स्वामित्व वाली संपत्ति, ब्रांड और मजबूत टीम प्रबंधन के जरिये पूरी तरह होटल कंपनी में बदलना चाहते हैं। देश के अलावा उनको मालदीव. मध्य पूर्व के देशों, श्रीलंका, बंग्लादेश और अफ्रिका जैसे दूसरे देशों से कई जानकारियां मांगी जा रही हैं लेकिन उनका कहना है कि देश भी अब भी कई मौके हैं आगे बढ़ने के। ‘Keys Hotels’ के देश भर में चल रहे विभिन्न होटलों में कुल 1770 कर्मचारी काम करते हैं। इन लोगों का अनुमान है कि अगर ये इसी रफ्तार से आगे बढ़ते रहे तो साल 2016 तक इनके पास 4 हजार लोग काम कर रह होंगे।