CarIQ- हमारी अपनी कार ईकोसिस्टम

एक सिंपल प्लग एंड प्ले डिवाइस

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इस साल भारत में हार्डवेयर उद्योग में अच्छे अवसर दिख रहे हैं। इस फील्ड में ढेर सारे स्टार्टअप भी आ रहे हैं। पुणे बेस्ड हार्डवेयर स्टार्टअप CarIQ के संस्थापकों का दावा है कि ये कारों को क्लाउड से कनेक्ट कर और भी ज्यादा स्मार्ट बनाता है जिससे ड्राइवर रियल टाइम डेटा के आधार पर अपने फैसले ले सकता है।

सागर आप्टे और कुछ दूसरे अनुभवी उद्यमियों द्वारा स्थापित CarIQ एक प्लग एंड प्ले डिवाइस है। इसके बारे में CarIQ में क्रियेटिव डिपार्टमेंट संभाल रहे दीपक थॉमस बताते हैं, “यहां तक कि एक 10 साल का बच्चा भी इसे कार से कनेक्ट कर सकता है। आपको बोनट तक भी खोलने की जरूरत नहीं पड़ती है। सिर्फ दरवाजा खोलिए और स्टियरिंग व्हील के पास कनेक्टर से डिवाइस को कनेक्ट कर दीजिए। एक बार ये कनेक्ट हो जाता है तो ये डिवाइस पूरी तरह से कार को समझ लेता है और उसके आधार पर खुद को कॉन्फिगुर कर लेता है।” डिवाइस में एक इन-बिल्ट जीएसएम टेक्नॉलॉजी है जो बगैर किसी बाधा के कार से डेटा इकट्ठा करता है। ये डेटा क्लाउड को भेजा जाता है जहां ये प्रोसेस्ड होता है और यूजर वेब या स्मार्टफोन एप पर रिजल्ट को हासिल कर पाता है।

CarIQ आपके कार के विभिन्न इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम्स जैसे इंजन, एबीएस, एयर बैग से डेटा इकट्ठा करता है और किन चीजों को सर्विस की जरूरत है इसकी सूचना के साथ साथ महत्वपूर्ण अलर्ट, इंजन की सेहत, ड्राइविंग डेटा, फ्यूल इकॉनॉमी जैसी सूचनाए भेजता है। इस सूचना को यूजर सोशल मीडिया पर भी शेयर कर सकता है। CarIQ में सर्विस प्रोवाइडर्स का एक ईकोसिस्टम है जिसके जरिए यूजर सर्विस प्रोवाइडर्स से अपॉइंटमेंट भी हासिल कर सकता है। ये सभी बड़ी कार निर्माताओं जैसे टोयोटा, महेंद्रा, टाटा, ह्यूंडई की 2008 के बाद की बनी कारों को सपोर्ट करता है।

कोई भी 5,999 रुपये के प्री-ऑर्डर पर CarIQ का दो साल के लिए सबस्क्रिप्शन ले सकता है। दीपक बताते हैं, “प्रोडक्ट को दो साल के लिए डेटा ट्रांसफर हेतु खरीदा जा सकता है। ईकोसिस्टम के वर्कशॉप पार्टनर, इंश्योरेंस कंपनियों और ब्रेकडाउन असिस्टेंट प्रोवाइडर जैसे पार्टनर अपनी शानदार सेवाएं मुहैया कराते हैं।” फिलहात CarIQ को मुख्य तौर पर ऑनलाइन मार्केटिंग के जरिये सीधे उपभोक्ताओं को बेचा जाता है। मगर दीपक बताते हैं कि वो उपभोक्ताओं तक अपनी पहुंच बढ़ाने के लिए ऑफलाइन डिस्ट्रिब्यूशन स्ट्रेट्जी पर भी काम कर रहे हैं।

पुणे भारत की ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री का हब है और CarIQ को आकार देने में उसकी अहम भूमिका है। CarIQ के को-फाउंडर सागर आप्टे बताते हैं, “पुणे में ऑटोमोटिव से बहुत सारे एक्सपर्ट हैं। एक ऑटो हब होने की वजह से पुणे में हमें ईकोसिस्टम को विकसित करने में बहुत मदद मिली। हमारी टीम, हमारे एडवाइजर, ऑटोमोबाइल को लेकर दीवानगी वाले वे लोग जिन्होंने हमे सपोर्ट किया और हमारा मनोबल बढ़ाया एक टीम के रुप में एक साथ जुड़कर हमारी बहुत मदद करते हैं।” ये टीम ईकोसिस्टम से जुड़ी बड़ी कंपनियों के साथ पार्टनर की कोशिश कर रही है ताकि कंज्यूमर्स को सबस्क्रिप्शन के लिए कीमत न अदा करनी पड़े।

पूरी तरह से भारत में ही विकसित और डिजाइन की गई CarIQ हार्डवेयर के उभरते उद्योग में कामयाबी की एक बेमिसाल दास्तां है। CarIQ आने वाले कुछ हफ्तों में प्री-ऑर्डर्स पर फोकस कर 45 दिन के भीतर उन्हें प्रोडक्ट प्रोवाइड कराने की क्षमता हासिल करने की योजना बना रही है।