भारत का प्रदर्शन अन्य देशों के मुकाबले बेहतर: संयुक्त राष्ट्र विशेषज्ञ

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भारत के 2017-18 में 7.8 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज करने के अनुमान के बीच संयुक्तराष्ट्र के एक विशेषज्ञ ने कहा कि सतर्क वृहत्-आर्थिक नीतियों, कम मुद्रास्फीति और कुछ ढांचागत सुधारों से देशें को वैश्विक आर्थिक नरमी के माहौल में अपेक्षाकृत बेहतर प्रदर्शन करने में मदद मिली है।

कल जारी एशिया एवं प्रशांत के लिए संयुक्त राष्ट्र आर्थिक एवं सामाजिक सर्वेक्षण रपट - 2016 में अनुमान जताया गया कि भारतीय अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर 2016-17 में 7.6 प्रतिशत रहने अनुमान है और 2017-18 में यह बढ़कर 7.8 प्रतिशत रहेगी। ऐसा मुख्य तौर पर घेरलू उपभोक्ता मांग और स्थिर रोजगार तथा अपेक्षाकृत कम मुद्रास्फीति की मदद से होगा।


संयुक्तराष्ट्र के आर्थिक एवं सामाजिक मामला विभाग के आर्थिक मामलों के अधिकारी सेबेस्टियन वर्गारा ने इस रपट जारी करने के मौके पर संवाददाताओं से कहा कि भारत अपेक्षाकृत ‘बहुत अच्छे’ तरह के प्रदर्शन के पीछे कई जनांकिकी और ढांचागत कारक काम कर रहे हैं।

वर्गारा ने कहा, ‘‘हाल के वषरें में वृहत्-आर्थिक नीति , विशेष तौर पर राजकोषीय लिहाज से सावधानी भरी रही है । यह उपभोक्ताओं का रझान बेहतर करने का अच्छा ढांचा मुहैया कराने की दृष्टि से सकारात्मक है।’’ उन्होंने कहा कि मौद्रिक नीति की भी हाल के वषरें में मुद्रास्फीति कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका रही है।


पीटीआई

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