संघर्ष से सफलता के शिखर तक, भारत की 40 महिला उद्यमी


महिला उद्यमी, कॉर्पोरेट लीडर और अनेक अन्य प्रेरक महिला उद्यमियों की चुनौतियों और संघर्षों की कहानी

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'योर स्टोरी' महिला उद्यमियों की चुनौतियों और संघर्षों तथा उनकी प्रेरक कहानियों का साक्षी रही है। महिला उद्यमी, कॉर्पोरेट लीडर और अनेक अन्य प्रेरक महिलाएं अपने काम में डटी रही हैं और आगे बढ़ने तथा सफलताओं की तलाश में उनलोगों ने अवराधों को पीछे धकेल दिया है। खुदरा, प्रौद्योगिकी, एडवेंचर, शिक्षा या सामाजिक उद्यमिता - कोई भी क्षेत्र हो, उनमें महिला उद्यमियों की ताकत हर साल बढ़ती जा रही है। अधिकाधिक महिलाएं अपने सुविधाजनक क्षेत्रों से बाहर आ रही हैं और नेतृत्वकारी तथा परिवर्तनकारी के बतौर उभर रही हैं। यहां 40 महिला उद्यमियों की सूची प्रस्तुत है जिन्होंने कम आवागमन वाला रास्ता चुना, चुनौतियों को स्वीकार किया और पीछे मुड़कर देखना पसंद नहीं किया।

1. अदिति अवस्थी मुंबई आधारित शिक्षा प्रौद्योगिकी स्टार्टअप एंबाइब की संस्थापक और CEO हैं जो प्रौद्योगिकी और डेटा साइंस को जोड़ता है और JEE मेन, JEE एडवांस्ड, BITSAT और SET/ AIPMT जैसी प्रतिस्पर्धी जटिल परीक्षाओं (MCCE) में विद्यार्थियों की मदद करता है। एंबाइब ने स्पीड, एक्यूरेसी, समय प्रबंधन, अटेंम्प्ट प्लानिंग, स्टेमिना जैसे परीक्षा में अच्छे प्रदर्शन संबंधी मैट्रिक्स के इर्दगिर्द केंद्रित विद्यार्थियों की बिल्कुल सही कमजोरियों को पकड़ने कमजोरियों को पकडने और आत्मविश्वास जैसे मनोवैज्ञानिक कारकों पर काम करने के लिए एक्शनेबल एनालिटिक्स इंजन डिजाइन किया है। एंबाइब प्रतिस्पर्धी परीक्षा व्यवस्था के मामले में अदिति जी के व्यक्तिगत अनुभव का परिणाम है।

2. अदिति गुप्ता मेंस्ट्रूपीडिया की संस्थापक हैं जो अपने वेबसाइट के जरिए समाज को मासिक स्राव संबंधी स्वास्थ्य और साफ-सफाई के बारे में शिक्षित कर रही हैं। मेंस्ट्रूपीडिया मासिक स्राव के मामले में फ्रेंडली गाइड है जिसका लक्ष्य मीडिया के जरिए सूचनापरक सामग्री उपलब्ध कराना है। मेंस्ट्रूपीडिया मासिक स्राव को लेकर मौजूद टेबू की भ्रांतियों को दूर करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। अदिति जी की पहली कदमी को जबर्दस्त रिस्पांस मिला है।

3. अजंता शाह 2010 में स्थापित फ्रंटियर मार्केट की संस्थापक और CEO हैं। फ्रंटियर मार्केट का फोकस विभिन्न विनिर्माताओं के उत्पादों के लास्ट माइल वितरण पर है। उत्पाद अनिवार्यतः स्वच्छ ऊर्जा वाले उत्पाद होते हैं। अजंता जी ने टफ्ट्स यूनिवर्सिटी से इंटरनेशनल रिलेशंस में बी.ए. किया है और वह हेल्पिंग स्केल क्लीन एनर्जी ऐक्सेस ग्लोबली में उत्प्रेरक रही हैं।

4. अनु श्रीधरन एक विशेष उद्य़म नेक्स्टड्रॉप की CEO हैं जो मैसेजिंग के जरिए पानी की डेलीवरी के बारे में सही-सही और विश्वसनीय जानकारी देता है। यह निवासियों पाइप के जरिए जलापूर्ति के बारे में समय पर और विश्वसनीय जानकारी उपलब्ध कराता है। नेक्स्टड्रॉप की स्थापना सबसे पहले कर्नाटक के जुड़वे शहरों हुबली-धारवाड़ में हुई थी।

5. अर्पिता गणेश एक अंतःवस्त्र कंपनी बटरकप्स की संस्थापक हैं जिसकी स्थापना 1 नवंबर 2008 को महिलाओं को उनके सही साइज और व्यक्तिगत फिटिंग के अनुरूप ऑनलाइन अंतःवस्त्र पाने में मदद करने के लिए हुई थी। अंतर्राष्ट्रीय सर्किल में ‘इंडियन ब्रा क्वीन’ के नाम से मशहूर अर्पिता देश की एकमात्र ब्रा फिटर हैं और उन्होंने अभी तक 3000 महिलाओं के लिए फिटिंग की है।

6. अश्विनी अशोकन मैड स्ट्रीट डेन (माइंड एबल्ड डिवाइसेज) की सह-संस्थापक और मैड स्ट्रीट लैब (UX थिंक टैंक) की संस्थापक हैं। मैड स्ट्रीट डेन मशीनों को अधिक मानवीय बनाते हुए उन्हें अधिक उपयोगी बना रहा है। यह ऐप्स के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपलब्ध करा रहा है। अश्विनी जी बाहर से चेन्नई आकर बसी हैं। चेन्नई आने और अपने पति के साथ उद्यम शुरू करने के पहले वह सिलिकन वैली में इंटेल्स इंटरऐक्शन एंड एक्सपेरिएंस रिसर्च लैब ;प्ग्त्द्ध में मोबाइल पोर्टफोलियो मैनेजर थीं।

7. चित्रा गुरनानी डागा थ्रिलोफिलिया की सह-संस्थापक और CEO हैं जो यात्रा, क्यूरेटेड टूर और अनुभवों तथा ऑफबीट छुट्टियों के एक वन-स्टॉप सॉल्यूशन है। चित्रा जी आइएसबी, हैदराबाद से MBA हैं और उन्होंने पूर्व में सैप के साथ काम किया है। उन्होंने थ्रिलोफिलिया की स्थापना अपने पति अभिषेक डागा के साथ मिलकर की।

8. देवदत्ता उपाध्याय टाइमसेवर्ज की सह-संस्थापक हैं जो घरेलू सेवा चाहने वालों और धरेलू सेवा देने वाले लोगों को जोड़ने वाला मोबाइल फर्स्ट मार्केटप्लेस है। दूसरे शब्दों में, यह सेवाओं का मार्केटप्लेस है।

9. गरिमा साजिता पॉशवाइन की संस्थापक हैं। पॉशवाइन शुरू करने के पहले उन्होंने नौकरी.कॉम और ओजोन मीडिया में काम किया। पॉशवाइन लोगों को अपने प्रिय लोगों के यूनिक अनुभव कराता है। चाहे खाना पकाने की कक्षाएं हों या यात्रा, कार्यशालाएं हों या ट्रेकिंग - आप पॉशवाइन के साथ सबकुछ होता देख सकते हैं।

10. हरप्रीत कौर अपने तीसरे उद्यम लव4एपल की सह-संस्थापक हैं। वह भारत में सफल आइटी सेवा एवं उत्पाद प्रदाता कंपनी सिस्टम3 की चीफ ऑपरेटर भी हैं। लव4एपल एपल के उत्पादों के लिए एसेसरीज बेचता है जिसमें सर्वोत्तम कलाकारों द्वारा डिजाइन किए गए कवर और ग्राहकों के लिए अपने पर्सनलाइज्ड आइटम तैयार करने के लिए प्लेटफार्म भी शामिल हैं। उनके लिए व्यवसाय हमेशा ही जुनून रहा है।

11. जया झा इंस्टास्क्राइब, पोथी.कॉम की सह-संस्थापक हैं। जया जी को उद्यमिता, प्रौद्योगिकी और कविता के प्रति अपने प्रेम के कारण सफलता मिली है। उन्होंने अभय अग्रवाल के साथ मिलकर सेल्फ-पब्लिशिंग प्लेटफॉर्म पोथी.कॉम की स्थापना की और अब वह सामान्यतः माइक्रोसॉफ्ट वर्ड डॉक्यूमेंट में प्रयुक्त होने वाले *.rtf फॉर्मेट के ई-बुक की विषयवस्तु को ईपब और मोबी फॉर्मेट में बदलने के लिए इंस्टास्क्राइब बना रही हैं।

12. कनिका टेकरीवाल जेटसेटगो की संस्थापक हैं। यह इंटरएक्टिव टेक्नोलॉजी ड्राइवन प्लेटफॉर्म उपभोक्ताओं को पूरे भारत में वायुयान और हेलीकॉप्टर खोजने और किराए पर लेने की सुविधा प्रदान करता है। भारत में चलने वाले लगभग 80 प्रतिशत निजी जेटों का बेड़ा जेटसेटगो के पास है। इस उद्यमी ने कैंसर से संघर्ष किया और वह आशा एवं सकारात्मकता की अथक अनुयायी हैं।

13. कविता अय्यर 2013 में स्थापित थेरामाइट नोवोबायोलॉजिक्स की सह-संस्थापक हैं। मैराथन धाविका, शौकिया चित्रकार, शौकिया कलाकार और पूर्व-जिम्नास्ट तथा अनेक उद्यमिताओं वाली कविता जी ने 2007 में इनबायोप्रो की स्थापना की थी। इनबायोप्रो छोड़ने के बाद उन्होंने थेरामाइट नोवोबायोलॉजिक्स की स्थापना प्लेटफॉर्म प्रौद्योगिकियों से युक्त ड्रग डिजाइनिंग को संयुक्त करने वाले बायो-सीमिलर और बायो-बेटर विकास को ध्यान में रखकर की। गत अक्तूबर में उन्होंने आरिन कैपिटल, एक्सेल पार्टनर्स आइडीजी वेंचर्स और कर्नाटक राज्य सरकार पोषित किटवेन से 27.8 करोड़ रु. की फंडिंग हािसिल की और जनवरी 2014 में उन्होंने अपनी नई प्रयोगशाला स्थापित की।

14. लीसा स्राव आइ ब्रांड्स बीवरेजेज लि. की अध्यक्ष और महाप्रबंधक हैं। इस कंपनी की स्थापना उन्होंने अगस्त 2010 में की और आज वह मद्य उद्योग के नियमों का पुनर्लेखन कर रही हैं। उनका लक्ष्य उत्पादों को ब्लेंड, डिजाइन, देखने और महसूस करने के लिहाज से अंतराष्ट्रीय स्तर की गुणवत्ता वाला और अपने ग्राहकों के लिए किफायती बनाना था।

15. नीरू शर्मा इन्फीबीम की सह-संस्थापक हैं। अमेजन और अल्काटेल के लिए काम करने के बाद उन्हें अपने इरादों का पक्का पता चल गया कि वह इन्नोवेटिव और ऊर्जावान युवा-युवतियों के सहयोग से अपना खुद का उद्यम शुरू करना चाहती थीं। इन्फीबीम भारत में ऑटोमोबाइल, पुस्तकों और इलक्ट्रॉनिक्स के लिए बहुत ही सफल ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म है। इसका मुख्यालय अहमदाबाद में है। तीन अन्य शहरों में भी इसके कार्यालय हैं और इसमें लगभग 1300 कर्मचारी कार्यरत हैं। इसने कुछ अन्य कंपनियों का भी अधिग्रहण किया है जैसे कि 2008 में पिकस्क्वायर और ओडिग्मा।

16. नीतू भाटिया क्याजूंगा की सह-संस्थापक और CEO हैं जिसकी शुरुआत 2007 में हुई थी। निवेश बैंकर से उद्यमी बनी नीतू ने मसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी से मैनेजमेंट एंड इंजीनियरिंग में MS किया है। क्याजूंगा मनोरंजन और खेलों के टिकटिंग की कंपनी है।

17. नेहा बेहानी मूजिक की सह-संस्थापक हैं जो स्थानीय दूकानों के लिए इन-स्टोर रेडियो है जिससे ग्राहकों को अपने द्वारा साइनअप किए गए स्थानों पर प्लेलिस्ट के साथ इंटरऐक्ट करने की छूट मिलती है। उन्होंने अपनी नौकरी छोड़कर इस सफल उद्यम की शुरुआत की जिसे 2013 में 50,000 डॉलर की फंडिंग मिली।

18. नेहा मोटवानी फिटर्निटी की संस्थापक हैं। फिटर्निटी फिटनेस संबंधी गतिविधियों की तलाश और बुक करने के इच्छुक फिटनेस के लिए उत्सुक लोगों के लिए विश्वसनीय फिटनेस कंटेट और एक ई-स्टोर समर्थिक प्लेटफॉर्म है। नेहा जी के मन में फिटर्निटी का विचार अपनी फिटनेस यात्रा के दौरान आया था और उनका इरादा भारत के फिटनेस के उत्साही लोगों के लिए संपूर्ण समाधान उपलब्ध कराने का है।

19. पल्लवी गुप्ता मस्त कलंदर की सह-संस्थापक हैं। वर्ष 2006 में पल्लवी और उनके पति गौरव जैन ने एक रेस्टोरेंट शुरू करने के लिए आइटी की नौकरियां छोड़ दीं। कुछ वर्षों में उसकी लोकप्रियता असाधारण रूप से बढ़ी और अभी चार शहरों में उसकी 50 शाखाएं हैं। स्पष्ट है कि रिटेल कंसल्टेंसी में रहा उनका अनुभव सूचना प्रौद्योगिकी में ही मददगार नहीं था।

20. पंखुरी श्रीवास्तव ग्रैबहाउस की सह-संस्थापक और CMO हैं। जब पंखुरी मुंबई पहुंचीं तो उन्हें अनुमान भी नहीं था कि वह रीयल एस्टेट के क्षेत्र में काम करेंगी। दलालों को दरकिनार करके आवास पाने की कठिनाई के कारण उनके और उनके सह-संस्थापकों - प्रतीक शुक्ला और अंकित सिंघल के मन में इस व्यवसाय की बात आई। ग्रैबहाउस अब भारत का सबसे बड़ा फ्लैटमेट सर्च इंजन है और अल्पकालिक आवास की प्राप्ति के लिए इसे हाल ही में 5 लाख डॉलर की फंडिंग मिली है।

21. पारुल गुप्ता स्लाइडरूल की सह-संस्थापक हैं। उनके आइआइटी, मुंबई से इलक्ट्रीकल इंजिनियरिंग की डिग्री है और उन्होंने IBM रिसर्च के साथ काम किया है। स्लाइडरूल लोगों के लिए हर विषय में ऑनलाइन कोर्स की तलाश में मददगार उत्पाद है।

22. प्रमद जंध्याला लैटेंटव्यू की सह-संस्थापक हैं जो एक डेटा एनालिटिक्स और डेटा मैनेजमेंट कंपनी है। प्रमद ने बिट्स, पिलानी से कंप्यूटर साइंस में शिक्षा प्राप्त की और IIM, कोलकाता से MBA किया। इसके बाद यह कंपनी शुरू करने के पहले उन्होंने वित्तीय सेवाओं (और एनालिटिक्स) में एक दशक से भी अधिक तक काम किया।

23. प्रांशु भंडारी कल्चरएली की सह-संस्थापक हैं। भाषा सीखने में मददगार अन्य ऐप्स से भिन्न कल्चरएली का फोकस विद्यार्थियों के लिए इसे सीखते समय खेल बना देना है। यह ट्वीटर पर सक्रिय रहने के दौरान भी लोगों को अपना कार्यक्रम पर्सनलाइज करने की छूट देता है और यह पूरी तरह मुफ्त है! प्रांशु के ऐप ने 3.5 लाख से भी अधिक लोगों को मंडारिन और स्पैनिश सिखाया है। वह डिजाइन और प्रौद्योगिकी को लेकर पागल रहती हैं।

24. प्रीता सुखतंकर द लेबल कॉर्प की संस्थापक हैं। यह एक ऑनलाइन रिटेल ब्रांड है जहां क्रिएटिव डारयेक्टर उत्पादों को क्यूरेट करते हैं। द लेबल कॉर्प की स्थापना 2012 में हुई थी और इसने कलारी कैपिटल से सीरीज ए कैपिटल हासिल किया।

25. प्रिया माहेश्वरी भारत में संपदा की खरीद-बिक्री में विश्वास, पारदर्शिता और प्रोफेशनलिज्म लाने के लिए निर्मित प्रोपर्जी की सह-संस्थापक हैं। प्रिया आइवी लीग की ग्रेजुएट हैं जो बंगलोर आने से पहले कैलिफोर्निया के बे एरिया में थीं। अमेरिका में रीयल-एस्टेट की समझ हासिल करने के बाद वह प्रोपर्टी की खरीद के मामले में अच्छा निर्णय लेने में भारतीय ग्राहकों की मदद करना चाहती हैं।

26. प्रकल्पा शंकर सोशल कॉप्स की सह-संस्थापक हैं। सोशल कॉप्स 2012 में स्थापित टेक्नोलॉजी डेटा कंपनी है जो स्वास्थ्य देखरेख, शिक्षा और सार्वजनिक अधिसंरचना के क्षेत्र में आंकड़ो के आधार पर निर्णय लेने के मामले में बल प्रदान करती है। जमीनी स्तर से प्राप्त उच्चस्तरीय आंकड़ों के बूते बेहतर निर्णय लेने में यह प्रौद्योगिकी, मोबाइल और सामाजिक समुदाय की ताकत का उपयोग करती है। उनका मिशन उन स्थानों पर, जहां इसकी जरूरत है, काम के लिहाज से बड़े पैमाने पर डेटा उपलब्ध कराना है।

27. राधिका घई अग्रवाल 2011 में स्थापित शॉपक्लूज की सह-संस्थापक और CMO हैं जो क्रेताओं और विक्रेताओं को ऑनलाइन जोड़ने वाला मार्केटप्लेस है। राधिका ने सेंट लुइस स्थित वाशिंगटन यूनिवर्सिटी से MBA किया। उनके पास विज्ञापन एवं जन संपर्क में स्नातकोत्तर की डिग्री भी है। वह फैशन की उत्साही फॉलोवर हैं।

28. राशि चौधरी लोकलबन्या की सह-संस्थापक और COO हैं जो CPG/ FMCG (ग्रॉसरी) के खुदरा क्षेत्र में पहले काम शुरू करने वाली कंपनियों में से है। मई 2014 तक लोकलबन्या मुंबई, थाणे और नवी मुंबई में रोज 600 से अधिक डेलीवरी कर रही थी।

29. राशि नारंग भारत में ‘पॉश’ और फन डॉगी काउटर की खास लक्जरी ब्रांड हेड्स अप फॉर टेल्स की संस्थापक हैं। एक वर्ष के शोध और भारत में पालतू पशु व्यवसाय और पालतू पशु बाजार पर समझ हासिल करने के बाद इसकी शुरुआत 2008 में की गई थी।

30. रिचा कर महिला अधोवस्त्रों की ऑनलाइन खुदरा बिक्री करने वाली कंपनी जिवाम की सह-संस्थापक और CEO हैं। बिट्स, पिलानी से इंजीनियरिंग करने के बाद उन्होंने कुछ दिन सूचना प्रौद्योगिकी उद्योग में काम किया। जिवाम शुरू करने के पहले उन्होंने एक रिटेलर और ग्लोबल टेक्नोलॉजी कंपनी के साथ भी काम किया।

31. रिषिका चंदन मुंबई स्थित कंपनी होम सैलून की संस्थापक और CEO हैं। निवेश बैंकर होने के कारण उन्होंने व्यक्तिगत देखभाल और सैलून जाने के लिए अक्सर हफ्तों समय नहीं मिलता था। यही कारण है कि उन्होंने साफ-सुथरे, पेशेवर और प्रशिक्षित थैरापिस्ट के जरिए घर पर ही ब्यूटी ट्रीटमेंट देने के बारे में सोचा।

32. सबीना चोपड़ा 2006 में स्थापित यात्रा की संस्थापक हैं। यात्रा गुड़गांव आधारित ऑनलाइन ट्रैवल सर्च इंजन है। सबीना जी का 16 वर्षों का कार्यानुभव रहा है। वह दिल्ली विश्वविद्यालय से बी.ए. हैं।

33. सैरी चंचल शेरोज और फ्लैक्सीमॉम्स की संस्थापक हैं। जनवरी 2014 में स्थापित शेरोज भारत में घर से काम करने में सहायता करती है। सैरी जी मेंटर और संसाधनों की प्राप्ति में मदद करके कामकाजी महिलाओं का समुदाय विकसित कर रही हैं। उनका फोकस काम और जीवन का संतुलन बनाते हुए कैरियर बनाने का प्रयास कर रही महिलाओं पर है।

34. साक्षी तुलस्यान पोसिस्ट की सह-संस्थापक हैं। पोसिस्ट में साक्षी जी की भूमिका ‘कार्यकुशलता को उत्प्रेरित’ करने की है। उनके कौशलों का अनुमान लगाया जा सकता है। संभवतः कुकिंग के प्रति अपने प्रेम के कारण ही उन्होंने टेबल ऑर्डर, डेलिवरी, खर्च और रेसिपी आदि के लिए समाधान प्रस्तुत करने वाले क्लाउड आधारित रेस्टोरेंट मैनेजमेंट प्लेटफॉर्म क्लाउड की स्थापना में भागीदारी निभाई।

35. सौम्या वर्धन ने 2013 में शुभपूजा की शुरुआत की। दिल्ली आधारित यह पोर्टल एक धार्मिक फोरम की भूमिका में है जहां विभिन्न पेशों के लोग विभिन्न अवसरों पर पूजा और कर्मकांड करते हैं। सौम्या ने लंदन में केपीएमजी और अर्न्स्ट एंड यंग में ऑपरेशंस एंड टेक्नोलॉजी कंसल्टेंट के बतौर काम किया था। उन्होंने यूके के इंपीरिकल कॉलेज से MBA किया है।

36. स्नेहा रायसोनी तप्पू की दूकान की संस्थापक हैं। स्नेहा की सृजनात्मकता के लिए चार्टर्ड एकाउंटेंट और निवेश बैंकर का काम पर्याप्त नहीं था। कुछ साल पहले उन्होंने डिजाइन की गई ऑरिजनल पीसेज की बिक्री का खुदरा कारोबार शुरू किया। स्कूटर जैसे पिज्जा कटर, आभूषण रखने के रंग-बिरंगे डिब्बे आदि सृजनात्मकता के कुछ उदाहरण हैं जो तप्पू की दूकान में मौजूद हैं। मुख्यतः अनेक ब्रांडों वाली चीजें बेचने के बाद वह अपनी खुद की चीजें शुरू करने के बारे में सोच रही हैं।

37. शुचि मुखर्जी लिमोनार्ड की संस्थापक और CEO हैं। स्काइप, ईबे और फेसबुक के लिए उत्पाद निर्माण के कैरियर के बाद शुचि मुखर्जी ने अपना खुद का ऑनलाइन रिटेल प्लेटफॉर्म शुरू किया जिसे जबर्दस्त सफलता मिली। इसके 600 से अधिक विक्रेता हैं जिसमें से आधे सिर्फ लिमोनार्ड के लिए बिक्री का काम करते हैं। अप्रील 2013 से इसकी ट्रफिक दसगुनी बढ़ गई है। अपनी टीम संबंधी दक्षता, प्रदर्शन और दृष्टि की स्पष्टता के बूते इस साल के आरंभ में दूसरे राउंड में उन्हें 1.5 करोड़ डॉलर की फंडिंग मिली है।

38. सुरभि देवड़ा मेराकैरियरगाइड की संस्थापक हैं। इंजीनियरिंग की डिग्री और शिक्षा के लिए जुनून ने सुरभि को विद्यार्थियों की कैरियर काउंसलिंग का एक सबसे सफल पोर्टल शुरू करने का कौशल प्रदान किया। मेराकैरियरगाइड अन्य पोर्टलों से इस लिहाज से भिन्न हे कि इससे इंटरनेट के जरिए कहीं से और किसी भी समय संपर्क किया जा सकता है। टीम की दक्षता के कारण ही पोर्टल ने ऐसोचेम के कंसर्न 2012 में बेस्ट कैरियर गाइडेंस प्लेटफॉर्म अवार्ड जीता।

39. उपासना तकु मोबीक्विक सह-संस्थापक और जाकपे की संस्थापक हैं। सर्वोत्तम रूप में संभव पेमेंट सिस्टम को सक्षम बनाने के प्रति उपासना के जुनून ने सिलिकन वैली में पेपाल का काम छुड़वाकर उन्हें भारत में स्टार्टअप की चुनौतीपूर्ण और मोहक दुनिया में पहुंचा दिया। यहां, मोबीक्विक (जिसने हाल में अपनी मोबाइल मनी ट्रांसफर सेवा शुरू की है) में उन्होंने ऑनलाइन भुगतान संबंधी समस्याओं का समाधान किया है जहां वह बिजनस डेवलपमेंट और मर्चेंट ऑपरेशन की प्रधान हैं। इसी जुनून के कारण उन्होंने अपनी भुगतान कंपनी जाकपे की स्थापना की है।

40. वैलरी वैगनर जिपडायल की सह-संस्थापक हैं जो उभरते बाजारों में ग्राहकों को शत-प्रतिशत जोड़े रखने के लिहाज से वैश्विक ब्रांडों के लिए मोबाइल मार्केटिंग और एनालिटिक्स प्लेटफार्म उपलब्ध कराती है। वैलरी जी ने स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी से पढ़ाई की है और अपने कैरियर के शुरुआती दिनों में उन्होंने सिलिकन वैली में ईबे और दो स्टार्टअप - निंग और सेनाउ - के साथ काम किया जहां वह पहले पांच कर्मचारियों में शामिल थीं।

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