भारत के लिए खुशखबरी, प्रति व्यक्ति एवरेज जीडीपी में एक पायदान की बढ़ोत्तरी

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भारत एक पायदान ऊपर यानी 126वें स्थान पर पहुंच गया है। इस लिस्ट में कतर नंबर वन है। कतर में तेल का अच्छा कारोबार होता है और वहां की पूरी अर्थव्यवस्था तेल पर ही निर्भर है।

भारत के पीएम नरेंद्र मोदी
भारत के पीएम नरेंद्र मोदी
इस बार आईएमएफ के द्वारा जारी की गई रिपोर्ट के मुताबिक प्रति व्यक्ति औसत 1,24,930 डॉलर के जीडीपी के साथ कतर 2017 में सबसे अमीर देश रहा। इसके बाद मकाऊ (प्रति व्यक्ति जीडीपी -1,14,430 डॉलर) और लक्जमबर्ग (1,09,109 डॉलर) का स्थान है।

चालू वित्त वर्ष में आर्थिक वृद्धि दर 6.9 फीसदी रहने का अनुमान है जबकि इससे पिछले वित्त वर्ष में यह 8.4 फीसदी थी। प्रति व्यक्ति आय की गणना राष्ट्रीय आय में देश की आबादी का भाग देकर की जाती है। यह देश की समृद्धि का सूचक है।

आर्थिक दुनिया में तमाम मुश्किल हालात से गुजर रहे भारत के लिए एक के बाद एक छोटी ही सही मदर अच्छी खबरें आ रही हैं। हाल ही में ईज ऑफ डूइंग बिजनेस और मूडीज द्वारा जारी की जाने वाली ग्लोबल रेटिंग में 30 पायदान की उछाल के बाद अब जीडीपी में प्रति व्यक्ति के मामले में देश को एक पायदान का इजाफा हुआ है। अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष (आईएमएफ) ने एक रिपोर्ट जारी की है। इस रिपोर्ट के अनुसार भारत एक पायदान ऊपर यानी 126वें स्थान पर पहुंच गया है। इस लिस्ट में कतर नंबर वन है। कतर में तेल का अच्छा कारोबार होता है और वहां की पूरी अर्थव्यवस्था तेल पर ही निर्भर है।

भारत को एक पायदान का फायदा भले ही हुआ हो, लेकिन अभी उसे काफी प्रगति करनी है क्योंकि दक्षेस संगठन के बाकी देश उससे ऊपर हैं। यह रैंकिंग अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष की अक्टूबर 2017 की क्रय शक्ति समानता पर आधारित आंकड़ों पर की गई है। भारत में प्रति व्यक्ति औसत जीडीपी पिछले साल 6,690 डॉलर के मुकाबले बढ़कर इस साल 7,170 (4,65,619 रुपये) डॉलर हो गया और वह 126वें पायदान पर पहुंच गया। दिलचस्प बात यह है कि हाल ही में क्रेडिट सुइस रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में 2.45 लाख करोड़पति हैं और देश की कुल घरेलू संपदा 5000 अरब डॉलर है।

वहीं अगर प्रति व्यक्ति आमदनी की बात करें तो मार्च-2017 की एक सरकारी रिपोर्ट के मुताबिक भारत में प्रति व्यक्ति आमदनी 2016-17 में 9.7 प्रतिशत बढ़कर 1,03,219 रुपये हो गई, जो एक साल पहले 94,130 रुपये थी। 2015-16 में देश में प्रति व्यक्ति शुद्ध आमदनी की वृद्धि दर 7.4 प्रतिशत रही थी। 2016-17 में मौजूदा कीमतों पर प्रति व्यक्ति आमदनी 1,03,219 रुपये के स्तर पर पहुंचने का अनुमान है, जो 2015-16 में 94,130 रुपये थी। इस तरह से इसमें 9.7 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। यह आंकड़ा सांख्यिकी एवं कार्यक्रम क्रियान्वयन मंत्रालय की ओर से जारी किया गया था।

इस बार आईएमएफ के द्वारा जारी की गई रिपोर्ट के मुताबिक प्रति व्यक्ति औसत 1,24,930 डॉलर के जीडीपी के साथ कतर 2017 में सबसे अमीर देश रहा। इसके बाद मकाऊ (प्रति व्यक्ति जीडीपी -1,14,430 डॉलर) और लक्जमबर्ग (1,09,109 डॉलर) का स्थान है। ब्रिक्स देशों में प्रति व्यक्ति औसत जीडीपी के लिहाज से भारत का स्थान सबसे नीचे हैं। रूस में प्रति व्यक्ति औसत जीडीपी 27,900 डॉलर जबकि चीन में 16,620 डॉलर, ब्राजील में 15,500 डॉलर और दक्षिण अफ्रीका में प्रति व्यक्ति औसत जीडीपी 13,400 डॉलर है। शीर्ष 10 देशों में चौथे स्थान पर सिंगापुर ( 90,530 डॉलर), पांचवें पर ब्रूनई (76,740 डॉलर), छठवें पर आयरलैंड (72,630 डॉलर), सातवें पर नोर्वे ( 70,590 डॉलर), आठवें पर कुवैत ( 69,670 डॉलर), 9वें पर संयुक्त अरब अमीरत ( 68,250 डॉलर), 10वें पर स्विट्जरलैंड ( 61,360 डॉलर) है।

वहीं फरवरी में अनुमान लगाया गया था कि देश में प्रति व्यक्ति आय 2011-12 में 60,000 रुपये से अधिक हो सकती है। मासिक आधार पर यह 5,000 रुपये महीना बनती है। केंद्रीय सांख्यिकी संगठन (सीएसओ) के अग्रिम अनुमान के मुताबिक, 'चालू मूल्य पर प्रति व्यक्ति आय 2011-12 में 14.3 फीसदी बढ़कर 60,972 करोड़ रुपये रहने का अनुमान है जो 2010-11 में 53,331 करोड़ रुपये थी।' अगर आर्थिक वृद्धि कम नहीं होती, तो प्रति व्यक्ति आय और ऊंची होती। चालू वित्त वर्ष में आर्थिक वृद्धि दर 6.9 फीसदी रहने का अनुमान है जबकि इससे पिछले वित्त वर्ष में यह 8.4 फीसदी थी। प्रति व्यक्ति आय की गणना राष्ट्रीय आय में देश की आबादी का भाग देकर की जाती है। यह देश की समृद्धि का सूचक है।

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