साल भर में 7 मिलियन डॉलर की आय करने वाली कंपनी, ‘Hallwaze’

साल भर में की 7 मिलियन डॉलर की आय‘Hallwaze’ के दुनिया भर में 60 कर्मचारीअप्रैल, 2014 में शुरू हुई ‘Hallwaze’

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किसी भी संस्थान की बड़ी पूंजी होती है वहां काम करने वाली टीम और ‘Hallwaze’ जानता है कि कैसे संगठन में प्रभावी सहयोग को प्रोत्साहित किया जाए, कर्मचारियों के कौशल की पहचान कैसे हो, विचारों के आदन-प्रदान में कैसे मदद की जाए, फैसलों को कार्रवाई में कैसे बदला जाए और संगठन में जो वर्कफोर्स है उससे कैसे संतोषजनक काम लिया जाए। अपनी इन्ही खूबियों के साथ सैफ अहमद ने ‘Hallwaze’ को अप्रैल, 2014 में शुरू किया। जिनके पास दिल्ली विश्वविद्यालय से कंप्यूटर साइंस की डिग्री थी और था 14 साल का आईटी के क्षेत्र से जुड़ा अनुभव। इससे बढ़कर उनके पास एक सोच थी कि कैसे कारोबारी संगठनों को विश्व स्तरीय प्रौद्योगिकी के साथ जोड़ा जाए।

‘Hallwaze’ की टीम
‘Hallwaze’ की टीम

‘Hallwaze’ का दावा है कि अपने प्लेटफॉर्म में किसी भी संगठन की जरूरत को पूरा करने में सक्षम है। ये उन संगठनों के लिए खासा मददगार है जो आए दिन विभिन्न तरह की चुनौतियों का सामना करते रहते हैं। खासतौर से अपने कर्मचारियों से जुड़ी समस्याओं को लेकर। ये सुरक्षित ऑनलाइन समुदाय बनाने में मददगार साबित होता है जहां पर कर्मचारी, कारोबारी पार्टनर और ग्राहक आपस में बातचीत कर सकते हैं, एक दूसरे को संदेश भेज सकते हैं, अपना स्टेटस अपडेट कर सकते हैं, अपनी प्रगति की रिपोर्ट एक दूसरे के साथ बांट सकते हैं और प्रश्न पूछ सकते हैं। इस सारी बातचीत को संगठन की प्रगति में इस्तेमाल कर सकते हैं।

‘Hallwaze’ के वेबपेज के मुताबिक ये नेटवर्क कार्यस्थल पर सामाजिक ताकत को सामने लाता है। इस प्लेटफॉर्म की सुंदरता इसकी अत्याधिक सरल यूजर इंटरफेस में मौजूद है। जबकि दूसरे ऐसे प्लेटफॉर्म में कई तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। खास बात ये है कि ज्यादातर इंटरप्राइस सोशल नेटवर्किंग का ध्यान सिर्फ कंटेंट और स्ट्रीम पर होता है और उनसे सिर्फ एक क्लिक से जानकारी मिलना मुश्किल होता है। जबकि ‘Hallwaze’ का सर्च इंजन इंडेक्स, कैटलॉग, और हर छोटी बड़ी जानकारी संभाल कर रखता है। ये मेटाडाटा पर आधारित जानकारी को ढूंढता है। इन लोगों का मानना है कि भारत तेजी से उभरता हुआ बाजार है।

‘Hallwaze’ वेबसाइट के मुताबिक आंतरिक सहयोग उपकरण के जरिये ये कंपनियों को उनके कर्मचारियों से जोड़े रखाता है, ये बहु-आयामी प्रतिभा की खोज करता है और नये मौकों का लाभ उठाने के लिए कैसे लोगों से काम लिया जाए इसके बारे में जानकारी देता है। तो वहीं दूसरी ओर ये कर्मचारियों को बताता है कि कैसे अपने वरिष्ठ से जुड़ें, विभिन्न जगहों पर मौजूद सहकर्मियों से सम्पर्क करें। ये ना सिर्फ अपने से वरिष्ठ लोगों के साथ जोड़े रखता है बल्कि समान विचार वाले सहकर्मियों को आसानी से ढूंढ निकालता है।

इस उद्यम की शुरूआत छोटे पैमाने पर हुई थी, सैफ ने इसे आगे बढ़ाने में सबसे बड़ी भूमिका निभाई। उन्होने अल्पकालिक और दीर्घकालिक कारोबारी रणनीतियों पर काम किया, इस क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों से सलाह ली, सेल्स को बढ़ाया और विभिन्न डोमेन में अधिग्रहण का प्रयास किया। सैफ का कहना है कि उनके पास एक छोटी लेकिन बहु प्रतिभावान टीम है। टीम को इस बात की पूरी छूट है कि वो जो चाहें वो अपनी पसंद के मुताबिक कर सकते हैं। फिलहाल दुनिया भर में उनके 60 कर्मचारी हैं और सभी संगठन और अपने उत्पाद के प्रति समर्पित हैं।

करीब साल भर पहले शुरू हुई ये कंपनी 100 प्रतिशत भारतीय है और छोटे से वक्त में इसने 7 मिलियन डॉलर की कमाई की और हर साल इसकी आय 10 प्रतिशत की रफ्तार से बढ़ रही है। कंपनी की योजना अपना कारोबार यूरोप और दूसरे देशों में फैलाने की है। फिलहाल वो उत्तरी अमेरिका और दक्षिण एशिया में अपने बाजार की तलाश में है। फिलहाल इनके पास 15 विभिन्न संगठन हैं और हाल ही में कंपनी ने उत्तरी अमेरिका की डिजिटल ब्रॉडकास्ट कंपनी के साथ एक समझौते पर हस्ताक्षर किये हैं।

अब तक जितनी भी कंपनियों ने ‘Hallwaze’ के प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल किया है उनकी काफी सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है। सैफ का कहना है कि इस प्लेटफॉर्म के जरिये कर्मचारियों से जुड़ना कंपनियों के लिए काफी फायदेमंद रहा है। कंपनियों के बड़े अधिकारियों को पता रहता है कि ग्राउंड लेवल पर कितना काम पूरा हो चुका है साथ ही उनको कर्मचारियों का विश्वास जीतने में आसानी होती है। सैफ का मानना है कि बाजार में इस तरह के कई प्लेटफॉर्म मौजूद हैं लेकिन उनका मानना है कि ये बाजार इतना बड़ा है कि इसमें सबके लिए मौके हैं। उनके मुताबिक फिलहाल ये बाजार 840 मिलियन डॉलर का है जो हर साल 13.4 प्रतिशत की दर से बढ़ रहा है। यही वजह है कि इसमें छोटे बड़े सभी खिलाड़ियों के लिए बराबर गुंजाइश बनी हुई है।

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