'Relisted', होम शेफ, बेकर्स और बारटेंडर्स के लिए वरदान


होम शेफ, कैटर्रस, होम बेकरों और बारटेंडरों की जानकारी प्रदान करने वाली एक डायरेक्ट्री है ‘रीलिस्टिड’

घरों में आयोजित होने वाले उत्सवों और पार्टियों के लिये उपलब्ध करवाते हैं उच्च गुणवत्ता वाली खाद्य सामग्री के विक्रेता

दिल्ली के रहने वाले तीन युवाओं के रोहित पिल्लई, शांभवी सिंह और अखिल वाबले दिमाग की है उपज

फिलहाल सिर्फ दिल्ली ही है कार्यक्षेत्र लेकिन आने वाले समय में देशभर में विस्तार का है इरादा

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हमारे मिलने-जुलने वालों में से कितने व्यक्ति ऐसे हैं जो घर पर अपने हाथों से खाना पकाने में महारथ रखते हैं? हममें से कितने लोग ऐसे हैं जो अपने घर पर आयोजित होने वाली पाार्टियों में और अधिक परिष्कृत भोजन तैयार करवाने की इच्छा रखते हैं? हममें से कितनों ने अपने किसी परिचित या मित्र के जन्मदिन पर एक प्रतिभाशाली बेकर से सुंदर दिखने वाला विशेष केक तैयार करवाया है? मुझे उम्मीद है कि यह संख्या बहुत कम होगी।

बीते कुछ वर्षों के दौरान घर के पके अपनी पसंद के खाने की मांग काफी बढ़ी है। आज के समय में विकल्पों की मौजूदगी में हम अपनी पार्टियों, समारोहों और मेल-मिलाप के अवसरों को बेहद कुशलता से योजनाबद्ध तरीके से आयोजित करते हैं और इनकी शान होता है परोसा गया अद्वितीय भोजन।

Relisted (रीलिस्टिड) दिल्ली के शानदार और मशहूर होम शेफ, कैटर्रस, होम बेकरों और बारटेंडरों की जानकारी प्रदान करने वाली एक डायरेक्ट्री है। इनकी कोशिश कुछ देखे-भाले और परखे हुए उन विक्रेताओं को अपना हुनर दिखाने का एक अवसर प्रदान करवाना है जिनके बारे में आमतौर पर लोगों का पता ही नहीं होता है और ये लोग गुमनामी के अंधेरों में ही खोकर रह जाते हैं। इस मंच के द्वारा इसे संस्थपकों का प्रयास इनको अपना हुनर दिखाने का एक मौका दिलवाकर दुनिया की नजरों में अपनी चनक बिखेरने का एक अवसर प्रदान करवाना है।


प्रारंभ

रीलिस्टिड का संचालन दिल्ली में स्थित एक चार सदस्यीय टीम द्वारा जाता है। इस टीम के पहले सदस्य हैं रोहित पिल्लई जो इसके सह-संस्थापक होने के अलावा एक एमबीए पासआउट हैं और इन्हें सिटीग्रुप, ग्रुपआॅन जैसे बड़े नामों के अलावा एक एड एजेंसी के साथ रिलेशनशिप मैनेजमेंट और बिजनेस डवलपमेंट के कार्य करने का सात वर्षों से भी अधिक का लंबा अनुभव है। टीम की दूसरी सदस्य हैं सह-संस्थापक शांभवी सिंह जिन्हें मार्केटिंग और संचार का 10 वर्षों से भी अधिक का अनुभव है और कुछ दिन पहले तक वे बुटीक क्रियेटिव एजेंसी के लिये कार्य कर रही थीं। इसके तीसरे सह-संस्थापक अखिल वाबले सीएमयू से स्नातक हैं और वे फेसबुक के प्रारंभिक इंजीनियरों में से एक हैं जहां वे सर्च प्रोडक्ट और इंफ्रास्ट्रक्चर के प्रमुख थे। इसके अलावा वे ड्राॅपबाॅक्स द्वारा अधिग्रहित की गई कोव के भी सहसंस्थापक रहे हैं। इस टीम की चैथी सदस्य हैं रोशनी चावला जो इनकी सामग्री और मार्केंटिंग की प्रमुख हैं। इससे पूर्व में ये शीर्ष लाइफस्टाइल उपभोक्ताओं के लिये पीआर का काम कर चुकी हैं और एक फ्रेंच परामर्श कंपनी के संचार के काम की अध्यक्षता करने के बाद एक प्रसिद्ध स्पोट्र्स मार्केटिंग फर्म के कम्युनिकेशन और ग्राहक सेवा विभाग का नेतृतवश्व कर चुकी हैं।

अखिल वाबले
अखिल वाबले

इसके सभी संस्थापक खाने-पीने के बेहद शौकीन हैं। इन्हें अहसास हुआ कि एक ऐसी डायरेक्ट्री की बहुत अधिक आवश्यकता है जो उपयोगर्ताओं को सीधे उच्च गुणवत्ता वाले विक्रेताओं से सीधे संपर्क करने का अवसर प्रदान कर सके। फूडक्लाउड जैसे पोर्टल उपभोक्ताओं को होम शेफ के साथ सीधे संपक करने की आजादी नहीं देते हैं जिसके फलस्वरूप इन शेफ के संपर्क विवरण उपलब्ध नहीं हो पाते हैं। फासोज़ जैे बड़े नाम शेफ एग्रीगेटरों में परिवर्तित हो रहे हैं। घर पर भोजन पकाने वाले होम शेफ के लिये खाना पकाकर उसे भेजने के लिये होलाशेफ और यूमिस्ट जैसे मंच हैं लेकिन ‘रीलिस्टिड’ के संस्थापक बहुत ही उच्च गुणवत्ता वाले कैटर्सस और बारटेंडरों को तैयार करना चाहते थे क्योंकि आप इनके बिना किसी भी समारोह या उत्सव को आयोजित करने की कल्पना ही नहीं कर सकते हैं।

शांभवी सिंह
शांभवी सिंह

रोहित कहते हैं, ‘‘रीलिस्टिड की शुरुआत हमारे अपने जीवन को आसान बनाने की एक प्रक्रिया के दौरान हुई क्योंकि हम सब खुद अपने मिलने वालों के लिये पार्टियों इत्यादि की मेजबानी करने के बेहद शौकीन हैं। लेकिन जैसे-जैसे हम इसे उन्नत करते गए और दूसरों को इसके इस्तेमाल के लिये प्रोत्याहित करते गए हमें इस बात का अहसास हुआ कि हमारे भीतर अब तक असंगठित रूप से संचालित हो रहे फूड एंड बेवरेज के विस्तृत क्षेत्र को एक छत के नीचे व्यस्थित करने की क्षमता थी। हमारे पास अपने इस विश्वास को पक्का करने के लिये कुछ डाटा था और हमने अपने बुनियादी उत्पाद का निर्माण किया।’’

रोशनी चावला
रोशनी चावला

उपभोक्ताओं को उनकी पसंदा के बेहतर विकल्प मुहैया करवाने के लिये किसी भी उत्सव के आकार, उसकी लागत और वहां परोसे जाने वाले भोजन के लिये विभिन्न फिल्टरों को इस वेबसाइट पर डाला गया है। इस पोर्टल को उपभोक्ताओं के लिये काम करते हुए अभी एक महीना ही हुआ है। इस तिकड़ी ने अपने इस सपने को साकार करने के लिये अपनी जेब के पैसों का प्रयोग किया और उपभोक्ताओं से मिलने वाली प्रतिक्रिया के आधार पर ये अपने इस पोर्टल में लगातार सुधार कर रहे हैं। इस वेबसाइट पर अभी तक 300 से अधिक बिक्रेता खुद को पंजीकृत करवा चुके हैं और 50 से भी अधिक अभी कतार में है।

रोहित पिल्लई
रोहित पिल्लई


वर्तमान और भविष्य

यह टीम अपने संभावित विक्रेताओं की पहचान के लिये कई स्त्रोतों का प्रयोग करती है जैसे परिजनों और मित्रों की सिफारिश, प्रासंगिक लेखों वाले प्रकाशन और सोशल मीडिया पर मौजूद फूड ग्रुपों में ट्रेंड करने वाले लेख। प्रत्येक विक्रेता को पहले इनकी टीम द्वारा सत्यापित किया जाता है। इसके अलावा इन्होंने अपने विक्रेताओं को ‘अपने पसंदीदा’ के रूप में दर्शाने के लिये ब्लू स्टार का भी प्रयोग किया है। इस टीम का मानना है कि एक बार वे उपभोक्ताओं के बीच अपनी पैठ बनाने में कामयाब हाो जाएं उसके बाद वे आगे क्याा करना हहै इसके बारे में विचार करेंगे। फिलहाल तो ये दिल्ली को अपना कर्मक्षेत्र बनाकर वहां अपना आधार मजबूत करना चाहते हैं। ये लोग अब कुछ नए कार्यक्षेत्र जैसे सजावट, प्रकाश व्यवस्था, टेबल लिनन और टेंट इत्यादि की व्यवस्था जैसे अन्य कामों को भी जोड़ने पर विचार कर रहे हैं। फिलहाल इनके पोर्टल पर तीन कार्यक्षेत्र, शेफ और र्कटर्सस, केक और डेसर्ट, और बारटेंडर मौजूद हैं। इन संस्थापकों को यकीन है कि आने वाले समय में इनके पोर्टल को पार्टियों और समारोहों के एकमात्र स्थानके रूप में प्रसिद्ध होगा।

प्रारंभिक दौर में इस टीम को भी औरों की तरह कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा। विक्रेताओं तक अपनी पहुंच बनाना बहुत टेढ़ा काम था जैसे 300 से भी अधिक लोगों के बारे में जानकारी एकत्रित करके उन्हें फोन करना और उनसे मिलना। कई बार तो ऐसा होता था कि इनके फोन और ई-मेल अनुत्तरित ही रह जाते थे क्योंकि इनके पास मौजूद संपर्क विवरण गलत होते थे या फिर वे बदल गए होते थे। इनके लिये स्त्रोतों को तलाशना इतना मुश्कििल साबित नहीं ह आ क्योंकि ाज के समय में होम शेफ की संख्या लगातार बढ़ती ही जा रही है। अपनी इस अवधारणा को अमली जामा पहनाने में इन्हें चार से पांच महीनों का समय लगा।

भविष्य की योजनाओं के बारे में बात करते हुए ‘रीलिस्टिड’ के संस्थापक कहते हैं, ‘‘हमारा यह पोर्टल हमारी प्रारंभिक उम्मीदों से कहीं अधिक तेजी से आगे बढ़ रहा है और विकसित हो रहा है। हम इसे और अधिक सफल करने के लिये अपनी संपूर्ण ऊर्जा और समय इस काम को दे रहे हैं और साथ ही अपनी टीम को भी बढ़ाने के प्रयासों में लगे हुए हैं जो ‘रीलिस्टिड’ की क्षमताओं के विस्तार में काफी सहायक होगी।’’

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Worked with Media barons like TEHELKA, TIMES NOW & NDTV. Presently working as freelance writer, translator, voice over artist. Writing is my passion.

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