उद्यमी बनने के लिए लें ‘मास्टर्स सीड’ की मदद

सफल उद्यमी बनने के लिए सिखाते हैं जरूरी गुर‘मास्टर्स सीड’ की शुरूआत हुई 2007 में6 सदस्यों की मजबूत टीम है ‘मास्टर्स सीड’

0

पहली नजर में उद्यमिता भले ही आकर्षक लगे लेकिन असल सच्चाई का पता तब चलता है जब किसी उद्यमी से बात की जाए। किसी भी नये व्यवसाय को शुरू करने के लिए कठिन मेहनत और जुझारूपन की जरूरत होती है। अक्सर लोग गलत कारणों से उद्ममी बनने को लालायित रहते हैं, जिसका परिणाम काफी खराब होता है। बावजूद इसके जो लोग इस मामले में गंभीर होते हैं उनके रास्ते में बड़ी से बड़ी चुनौती भी छोटी लगने लगती है। इसके पीछे बड़ी भूमिका होती है उचित मार्गदर्शन और सलाहकार की। अनुभवी उद्यमी आनंद जैन इसके लिए प्रशिक्षण केंद्रों की सिफारिश नहीं करते लेकिन मास्टर्ड सीड नाम की कंपनी उनके लिए खास मायने रखती है। उनका कहना है कि वो इस क्षेत्र के बारे में और अधिक जानकारी के लिए इनके सम्पर्क में रहते हैं। दरअसल अनिल थॉमस और दीपा ने मिलकर मास्टर्ड सीड की स्थापना की थी। मास्टर्ड सीड नये उद्यमियों को प्रशिक्षण देने वाली कंपनी है। जिसका विश्वास है कि “काम करके ही सीखा जाता है”। ये कंपनी उद्यमियों को उनके सफल भविष्य के लिए खास तरह का कोर्स कराती है अपने इस इंटरव्यू में अनिल ने इस संबंध में और जानकारी दी।

दीपा और अनिल थॉमस
दीपा और अनिल थॉमस

वाईएस: मास्टर्स सीड में सह-संस्थापक टीम के बारे में बताएं साथ ही आप लोगों का एक साथ मिलना कैसे हुआ ?

अनिल थॉमस: पेशेवर एचआर के तौर पर मैंने अपने करियर की शुरूआत में ही जान गया था कि मुझे ज्ञान और विकास के क्षेत्र में होना चाहिए। यही कारण है कि प्रशिक्षण मेरा जुनून था। करीब एक दशक तक विभिन्न प्रशिक्षण कंपनियों में प्रशिक्षक और एल एंड डी का मुखिया बनने के बाद मैं जान गया था कि कॉर्पोरेट्स, उद्यमियों और पेशवर लोगों की दिक्कतों का हल किस तरह किया जाता है। इतना कुछ सीखने के बाद जब मस्टर्ड सीड का जन्म हुआ तब मुझे तो अपनी नौकरी छोड़नी ही पड़ी, मेरी पत्नी (दीपा) को भी अपनी नौकरी से इस्तीफा देना पड़ा। तब वो फॉर्चून 500 में शामिल एक कंपनी में नौकरी कर रही थी। 2007 में हम दोनों ने मिलकर मास्टर्स सीड की स्थापना की। हम साथ चले और समान विचारधारा वाले विशेषज्ञों को साथ जोड़ते हुए रोमांचक यात्रा में शामिल हो गये।

वाईएस : मैं जानना चाहता हूं कि उद्यमियों के लिए पाठ्यक्रम क्या है ?

एटी : सभी व्यवसाय अलग अलग चरणों में विकसित होते हैं। हर चरण में खास सावधानी की जरूरत होती है और थोड़ी सी ढिलाई से व्यवसाय पर बुरा असर पड़ सकता है। यही वजह है कि बहुत बार उद्यमी हमारे पास आते हैं और कहते हैं कि वो फंस गये। उद्यमियों की मदद के लिए ही मास्टर्ड सीड मास्टर माइंड को डिजाइन किया गया है। इसमें हम बताते हैं कि कैसे कोई उद्यमी फंस सकता है और दूसरा कैसे वो इस भंवर से बाहर आ सकता है। ये एक तरह का सुधार कार्यक्रम है जो उद्यमियों और व्यापारियों की मदद तो करता ही है साथ ही उनके आधे प्रयास को दोगुनी उत्पादकता में बदल देता है। ये कोर्स 1 साल की अवधि का होता है जिसमें 12 दिनों का प्रशिक्षण भी दिया जाता है। इस दौरान उनको खास तरह की कोचिंग दी जाती है जिसमें उनके कौशल और प्रशिक्षण पर खास ध्यान रहता है। इस प्रशिक्षण में सेल्स, डिजिटल ट्रेनिंग, अपने उत्पाद की प्रस्तुति जैसे कई गुर उनको बताते हैं।

वाईएस : आपने ये कोर्स कब शुरू किया और इन सालों में उद्यमियों के साथ बातचीत में आपका अनुभव कैसा रहा ?

एटी : हम साल 2007 से उद्यमियों और व्यापारियों की मदद कर रहे हैं। इस दौरान उनके साथ बातचीत में हमें कई तरह के अनुभव हुए जो हमें कई चीजों को समझने में मददगार साबित होते हैं जैसे

1. वो काफी कुछ जानना चाहते हैं

2. वो निष्ठावान रहते हैं अगर आप उनके उम्मीदों को पूरा करें तो

हम सभी रिकॉर्ड रखते हैं कि हमारे दखल के बाद कितनी सेल्स में बढ़ोतरी हुई और पिछले मुनाफे पर इसका क्या असर पड़ा। यही वजह है कि हमारा विभिन्न संगठनों के साथ एक खास संबंध बन जाता है जो सालों तक एक दूसरे को बांधे रखता है।

वाईएस: आप उद्यमियों में ऐसी क्या गलतियां देखते हैं जो वो बार बार करते हैं ?

एटी : वर्तमान समय में 2 बातें देखने को मिलती हैं। 1. असाधारण मौके 2. मुकाबले का बेमिसाल स्तर, हालांकि जब उद्यमी अत्याधिक प्रतिस्पर्धा पर ध्यान नहीं देते हैं, तो वो असाधारण मौकों को नहीं देख पाते और वो शानदार मौका खो देते हैं। आज के उद्यमियों में कई तरह की भ्रांतियां हैं जिसके बारे में मैंने अपने वीडियो में विस्तार से बताया है।

वाईएस: आप ऐसा क्या सुझाव देंगे हैं कि उद्यमी अपने काम और जिंदगी जीने में बेहतर संतुलन बना सके ?

एटी : अपने काम और जिंदगी जीने के बीच बेहतर तालमेल बनाने के लिए सबसे बेहतरीन तरीका ये है कि उनमें योग्तया और अयोग्यता को लेकर जागरूकता होनी चाहिए। साथ ही अपनी योग्यता पर फोकस रखना चाहिए।

वाईएस: मास्टर्ड सीड, की कितनी बड़ी टीम है और इस कंपनी का नजरिया क्या है ?

एटी : हम 6 सदस्यों का एक कोर ग्रुप है। हमारे नजरिये से व्यक्ति के लिए सीखने के अनुभव से क्रांतिकारी बदलाव आ सकता है और उसका प्रभावित करने वाला व्यवहार का सीधा संबंध व्यापार के परिणाम पर पड़ता है।

यदि आपके पास है कोई दिलचस्प कहानी या फिर कोई ऐसी कहानी जिसे दूसरों तक पहुंचना चाहिए, तो आप हमें लिख भेजें editor_hindi@yourstory.com पर। साथ ही सकारात्मक, दिलचस्प और प्रेरणात्मक कहानियों के लिए हमसे फेसबुक और ट्विटर पर भी जुड़ें...