दो दोस्तों का इंटरनेट से स्कूल चलाने का अनूठा प्रयास

गोवा की महिला उद्यमियों ने बनाया विज़स्कूल

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यह कहानी "स्टार्टअप स्पॉटलाइट" सीरीज का हिस्सा है जिसमे हमने प्रेरक कहानियों की खोज की. यह कहानी सम्बंधित है .com और .net डोमेन से.

डॉट कॉम और डॉट नेट के बुनियादी सुविधाओं के ऑपरेटर के रूप में Verisign पूरे विश्व को दृढ़ता एवं विश्वास से कभी भी , कहीं भी जोड़ने में सक्षम बनाता है. रचना नाबर एवं अनुजा सरदेसाई को पेशेवर रूप से काम करते हुए एक दशक से ज्यादा हो गया है. दोनों के पास प्रबंधन की डिग्री है और दोनों को २० साल से अधिक का भारत तथा विदेशों में कार्य करने का अनुभव भी है. प्रारब्ध उन दोनों को गोवा ले आया जहाँ दोनों साथ साथ परियोजना प्रबंधक के रूप में कार्य कर रही थी. दोनों में अच्छी दोस्ती हुई और तब उन्होंने पाया कि दोनों ही जीवन में कुछ एक जैसा ही करना चाहती है. वो शिक्षा के क्षेत्र में बदलाव लाने के लिए कुछ करना चाहती थीं.

" Virginia Tech में काम करते हुए हमने ये महसूस किया कि तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में बदलाव का एक महत्वपूर्ण माध्यम हो सकता है. किन्तु भारत में इस तरह का प्रयोग मुश्किल से देखने को मिलता है." रचना कहती हैं. और तभी उन्होंने तकनीकी के उपयोग से शिक्षा के क्षेत्र में सुधार लाने के विषय में सोचना प्रारम्भ कर दिया.

और फिर दोनों ने अपनी नौकरी छोड़ दी और और सन २०१३ में एक पूर्ण महिला एजेंसी AllianZ Resources की स्थापना की. AllianZ Resources वेब डिजाइनिंग और डेवलपमेंट, सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट सहित अन्य सेवाएं देता है. सेवाएं देने के साथ साथ ही उनका सबसे बड़ा लक्ष्य था अपना स्वयं का उत्पाद बनाना. AllianZ का जर्मन में तात्पर्य होता है "हितों, स्वाभाव और गुणों पर आधारित रिश्ता" और "AllianZ Resources का हमारा लक्ष्य सामान हितों, उद्देश्यों और अपेक्षाओं वाले सहमना लोगों को एक बड़ा लक्ष्य प्राप्त करने के लिए साथ लाना है." रचना कहती हैं.

अर्थपूर्ण जुड़ाव और सहज उपलब्धता के कारण डॉट कॉम नाम एक सामान्य चुनाव था और इसीलिए उन्होंने allianZ-resources.com चुना . चूंकि AllianZ Resources पूरी दुनिया को केंद्रित कर रहा है इसलिए यह नाम सर्वथा उचित भी था.

फिर उन्होंने अपना एक तकनीकी साथी बनाया जिन्होंने एक वेब आधारित स्कूल मैनेजमेंट सॉफ्टवेयर wiZSkool बनाने में इन्हे तकनीकी रूप से मदद की.

" wiZSkool के माद्यम से हम शिक्षा और विद्यालय प्रबंधन के तरीको को बदलने का लक्ष्य किया. हम स्कूलों में विभिन्न हितग्राहियों जैसे -छात्र, विद्यालय प्रशासन, शिक्षक या अभिभावक द्वारा की जाने वाली सभी गतिविधयों को एक प्लेटफार्म पर लाएंगे." रचना बताती हैं. उन्होंने गोवा में CIBA को अपने साथ जोड़ा और सॉफ्टवेयर ‘wiZSkool’ का एक पायलट के रूप में ७ जुलाई २०१४ को गोवा के ही एक स्कूल "हैप्पी हर्ट्स मोन्टेसरी" के साथ प्रारम्भ किया गया.

"हम यह मानते है कि सूचना प्रोद्यौगिकी के इस्तेमाल से सभी हितग्राही शिक्षा के आनंद को बेहतर और सहज ढंग से बाँट सकेंगे." रचना कहती हैं. "wiZSkool " में प्रवेश, शुल्क, परीक्षाएं , परिणाम आदि से लेकर के अनेक मॉडूल्स हैं जो विभिन्न कार्यकलापों को सहज एवं शीघ्रता से करने में विद्यालय तथा अन्य हितग्राहियों की मदद करते हैं. उदाहरण के लिए आज की पीढ़ी के अभिभाव`क जो की घर से दूर एक ऑफिस में कार्य करते हैं या यात्रा पर होते हैं वो चाहते हैं कि उनके बच्चे द्वारा की जाने वाली हर गतिवधि से वो वाकिफ रहें. लेकिन ऐसा सम्भव नहीं हो पता है. ऐसे से हालात में "wiZSkool " उनकी मदद करता है. "हमारा जोर 'wiZSkool " को सही समय पर सूचनाएं मुहैया कराने पर रहता है." रचना बताती है.

wiZSkool अभी बहुत ही प्रारंभिक अवस्था में है. इन दोनो के सामने अभी इस उत्पाद को स्कूलों को बेचना और उन्हें इसे अपनाने कि लिए प्रेरित करना सबसे बड़ी चुनौती है. उन्हें लगभग हर जगह एक ही अनुभव होता है कि युवा शिक्षक तो बदलने के लिए तैयार हैं लेकिन अपेक्षाकृत अधिक उम्र के शिक्षक इसे नहीं अपनाना चाहते हैं. शुरुआत में प्रबंधन भी गहरी रूचि दिखते है लेकिन उन्हें भी निर्णय लेने में बहुत समय लगता है.

इसी स्थिति को समझते हुए रचना और अनुजा इस उत्पाद पर अनुदान देने का विचार कर रही हैं क्योंकि उनका मानना है कि यह उनके लिए पूरी तरह से कमाने का ही जरिया नहीं है. रचना का कहना है "हम तकनीकी का इस्तेमाल सिर्फ धनोपार्जन के लिए नहीं कर रहे हैं. बल्कि हम इसे ग्रास-रुट तक ले जाना चाहते हैं जिस से कि छोटे से छोटा स्कूल भी इसका इस्तेमाल कर सके "

उनका इरादा इस उत्पाद की पुनरावृति करना है और वो इस का नया प्रारूप लाना चाहती हैं जिस से की इसकी उपयोगिता में वृद्धि हो सके. स्कूल मैनेजमेंट सिस्टम के विकास में अन्य और भी बहुत से प्रयास जैसे कि- Foradian, Teemac, HarnessTouch प्रारंभिक अवस्था में हैं लेकिन अभी तक " AllianZ Resources " के प्रयासों तक पहुँचता कोई दिखाई नहीं देता.

यह प्रयास अभी भी नवजात अवस्था में ही है और यह देखना रोचक होगा कि ये महिलाएं गोवा जैसी जगह से इस उत्पाद को कहाँ तक पंहुचा पाती है?

Website: Allianz-resources.com


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