'फाइन-डाइन', घर बैठे खाइए शहर के सबसे अच्छे शेफ का खाना

“होलाशेफडॉटकॉम” परोसता है स्वादिष्ट व्यंजनों से सजी थाली

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दुनिया भर के स्वादिष्ट व्यंजनों को “होलाशेफडॉटकॉम” मास्टर शेफ़ के किचन से सीधे आपके घर पर लाता है। सितम्बर 2014 में शुरू हुई इस वेबसाइट ने जबरदस्त विकास किया है और ग्राहक बढायें हैं। योर स्टोरी से मुलाक़ात में “होलाशेफडॉटकॉम” के संस्थापक-सीईओ सौरभ सक्सेना अपने खाने को लेकर जुनून और इस क्षेत्र में हटकर कुछ करने की योजना को बताते हैं।

योर स्टोरी- “होलाशेफडॉटकॉम” को शुरू करने के पीछे क्या प्रेरणा रही?

सौरभ- एक खाने के प्रति उत्साही होने के कारण हम हमेशा अलग व्यंजनों, भोजन और उचित रेस्टोरेंटों की खोज में रहते हैं। लेकिन हमने पाया कि स्वादिष्ट खाना या तो बहुत महंगा है या बहुत दूर है और ऊपर से गुणवत्ता के मामले में भी खरा नहीं है। घर पार्सल देने वाली सेवायें भी एक समय के बाद उबाऊ हो जाती हैं और उनके पास व्यंजनों के सीमित ही विकल्प होते हैं। यह एक भोजन प्रिय के लिए यह थोड़ा कष्टदायक है।

हमने पाया कि फाइन-डाइन की मांग और उनकी उपलब्धता में एक गैप (रिक्तिता) है। यहीं से विचार आया कि क्यों ना शहर के सारे अच्छे सेफ़ (महाराज) को भोजन प्रिय लोगों से जोड़ा जाये और सुविधाजनक तरीके से इनकी कीमत बड़े रेस्टोरेंटो के मुक़ाबले कम रखी जाए। इस तरह रोज़ कुछ बेहतर परोसने का एक प्रस्ताव बन गया।

योर स्टोरी- संस्थापकों की पृष्टभूमि के बारे में और बताईये?

सौरभ- मैं संस्थापक और सीईओ हूं और मैं आईआईटी बॉम्बे से स्नातक हूं। पहले मैं मेक्सस एजुकेशन प्राइवेट लिमिटेड में सेल्स और मार्केटिंग में डायरेक्टर था। यह एक ब्रैंड था और भारत व विदेश में पांच लाख छात्र इससे जुड़े थे। मेक्सस कम्पनी की देशभर में 300 फ्रेंचाइजी थी और एक हज़ार इसके कर्मचारी थे।

अनिल गेलरा सह-संस्थापक और सीटीओ हैं। वह भी आईआईटी बॉम्बे से हैं। वह इससे पहले सोडल सलूशन प्राइवेट लिमिटेड के सह संस्थापक और डेटाबेस आर्किटेक्चर थे। अनिल की मदद से उनकी उस समय की कम्पनी सोडल सलूशन ने एक एप्लीकेशन बनायी जिससे रोजाना बहुत से उपभोक्ताओं को वास्तविक समय (रियल टाइम) में टेराबाइट्स का विश्लेषण करने को मिल जाता है । उनके ग्राहक थोमसन रायटर्स, हफ्फिंगगटन पोस्ट और अमेरिका में तेजी से पैर जमाते स्पोर्ट195डॉटकॉम और हेल्परआरएक्स जैसी शुरूआती कम्पनियां हैं।

सोडल सलूशन आज बड़े डाटा डेवलपिंग की तीन मिलियन अमेरिकी डॉलर आय वाली स्वायत्त (ऑटोनोमस) कम्पनी है। अनिल ने होलासेफ़ में भी बड़े डाटा एप्लीकेशन के डिजाइनिंग और डेवलपिंग के लिए अपने तेज दिमाग का उपयोग किया।

योर स्टोरी- “होलाशेफडॉटकॉम” के बोर्ड में कौन हैं, सेफ़ को कैसे आंका जाता है?

सौरभ- “होलाशेफडॉटकॉम” के बोर्ड में आने के लिए सेफ़ को खाना बनाने का पेशेवर अनुभव होने के साथ कुछ ख़ास व्यंजन बनाने में माहिर होना जरूरी है। दुनिया भर के लज़ीज व्यंजनों को परोसने का विचार सेफ़ के हाथ की बारीकी से ही पूरा होगा। सभी सेफ़ के लिए पहली शर्त खाना बनाने को लेकर जुनून होना है, आप जो परोस रहे हैं उसे प्यार से बनायें। इसके अलावा उन्हें रोज़ नया मेन्यु बनाना भी आना चाहिए, क्योंकि हर दिन नया मेन्यु हमारी विशेषता है। सेफ़ की रचनात्मकता बहुत महत्वपूर्ण है। हमारे पास अद्भुत रचनात्मकता वाले कुछ ख़ास होम-सेफ़ हैं जिन्हें अपने हाथ का स्वादिष्ट खाना कोने-कोने तक परोसने के लिए “होलाशेफडॉटकॉम” के रूप में शानदार मंच मिला है।

योर स्टोरी- आपकी फंडिंग का स्रोत क्या है?

सौरभ- इंडिया कोसेन्ट ने कनवर्टिबल नोट्स पर दो करोड़ की फंडिंग दी है। हम अब मुंबई और बाहर, छ-सात शहरों में अपनी सेवाओं के विस्तार के लिए 25 से 30 करोड़ की फंडिंग चाह रहे हैं।

योर स्टोरी- आपके बिजनेस मॉडल में तकनीक कितनी महत्वपूर्ण है?

सौरभ- हमारा आधार ऑनलाइन ही ऑनलाइन है, इसलिए “होलाशेफडॉटकॉम” के लिए जितना भोजन महत्वपूर्ण है उतनी ही तकनीक भी है। हमारे बिजनेस मॉडल के तहत ऑर्डर प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए तकनीक बहुत अहम है, जो ग्राहक के साथ हमारे छोर पर भी मदद देती है। तकनीक हमें ज्यादा लोगों तक ज्यादा कुशलतापूर्वक सम्पर्क करवाती है। तकनीक मांग के अनुमान और डिलीवरी को बेहतर तरीके से पहुंचाने में मदद करती है। मोबाइल और कंप्यूटर उपयोग करने वाले हमारे ग्राहकों का अनुपात 65:35 का है, इसलिए हमारी टारगेट ऑडियंस तक पहुँचने के लिए आरामदायक तकनीकी सुविधा होना जरूरी है। आज का ग्राहक जीवन में आराम के लिए तकनीक पर ज्यादा निर्भर है।

योर स्टोरी- आपकी मार्किटिंग रणनीति क्या है?

सौरभ- जुबानी प्रचार (माउथ पब्लिसिटी) ने हमारे लिए बेहतरीन काम किया! ग्राहक को पूरे ऑर्डर पर विशेष छूट देना, निजी तोहफों के साथ और भी बहुत सी चीज़ों के तहत हमारी मार्केटिंग कार्य करती है। हमारे पुराने ग्राहक अपने सहकर्मी, दोस्त और पड़ोसीयों को हमारे खाने के बारे में जरूर बताते हैं। हमारी अपने ग्राहकों को जल्दी सेवा देने की योजना है, हमारे पास बहुत से ऑर्डर दोहराए जाते हैं। जब हम अपनी मार्केटिंग का विस्तार बढ़ाते हैं तो हम मुंबई में किसी भी अन्य फाइन-डाइन रेस्तरां के मुकाबले महीने में अधिक ऑर्डर लेते हैं।

योर स्टोरी- भारत में अभी इस इंडस्ट्री का मार्किट कितना बड़ा है?

सौरभ- भारत में अभी फ़ूड इंडस्ट्री 50 बिलियन अमेरिकी डॉलर की है और तेजी से बढ़ रही है। नए पीढ़ी के दौर में तकनीक विकसित होने से फ़ूड इंडस्ट्री पर फर्क पड़ा है। बाज़ार धीरे-धीरे भोजन के क्षेत्र में ऑनलाइन अवसरों को जान रहा है। विश्व बाज़ार से तुलना करें तो भारत में अभी यह बाज़ार शुरूआती स्तर पर है और अभी इसे लम्बी दूरी तय करनी है।

योर स्टोरी- “होलाशेफडॉटकॉम” अपनी प्रगति को कैसे देखता है?

सौरभ- जब हमने पिछले साल सितम्बर में शुरुआत की तो मुंबई में पवई हमारा प्रयोग का क्षेत्र था। उसके बाद के पांच महीनों में हम अंधेरी (पूर्व और पश्चिम), गोरेगांव पूर्व, विले पार्ले पूर्व, जोगेश्वरी, घाटकोपर, कान्जुरमार्ग, विक्रोली, मुलुंड, भांडुप आदि जगहों तक विस्तार कर चुके हैं। हम जल्द ही पूरे मुंबई में विस्तार करने वाले हैं। हम जल्द ही अन्य शहरों में भी इसी मॉडल के साथ जायेंगे। जहां तक टीम की बात है तो हमारे पास बहुत कुशल लोग हैं, जिनकी बिजनस के साथ जम चुकी है। हम जल्द ही अपनी पहुंच बढ़ाने के लिए टीम का विस्तार करेंगे।


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