स्टार्टअप्स की मदद के लिए स्टार्टअप ‘द नेक्स्ट बिग थिंग’

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किसी भी स्टार्टअप के लिए जहाँ अपनी सेवाओं की गुणवत्ता बेहतर बनाने का दबाव होता है, वहीं उनके लिए उसकी ब्रांडिंग और मार्केटिंग, काम को आगे बढ़ाने के लिए काफी मददगार साबित होती हैं। ये सब जानने के बावजूद पैसों के अभाव में ज्यादातर स्टार्टअप अपनी सेवाओं को दूसरों से बेहतर बनाने पर ही ध्यान दे पाते हैं। ऐसे में उनकी ब्रांडिंग और मार्केटिंग जैसी अहम चीजें पीछे छूट जाती हैं। हैदराबाद के टी-हब में चल रहे ‘द नेक्स्ट बिग थिंग’ स्टार्टअप की शुरूआत की मुख्य वजह भी यही है। ये दूसरे स्टार्टअप की ब्रांडिंग और मार्केटिंग में मदद करता है और वो भी किफ़ायती दरों पर।

करीब आठ महीने पहले शुरू हुए ‘द नेक्स्ट बिग थिंग’ के संस्थापक हैं पृथ्वीतेज तुल्लुरि और जयदीप रेड्डी एवं गुणशेखर रेड्डी। दरअसल इस स्टार्टअप को शुरू करने से पहले इन संस्थापकों ने सोचा कि क्यों ना एक ऐसी कंपनी बनाई जाय, जो भारतीय हो और ‘जेडब्लूटी’ जैसी अंतर्राष्ट्रीय कंपनी को टक्कर दे सके। यही वजह है कि आज के दिन इनका रोल मॉडल ‘जेडब्लूटी’ ही है।

हकीकत है कि स्टार्टअप के इस दौर में ज्यादातर कंपनियाँ अपने ग्राहकों को बचाये रखने के लिए अक्सर अपनी मार्केटिंग और ब्राडिंग पर ज्यादा ज़ोर देने की जगह सर्विस पर ध्यान देती हैं। वहीं अगर देखा जाय तो किसी चीज़ की मार्केटिंग ना हो तो उसकी सर्विस भी बेकार हो जाती है। ‘द नेक्स्ट बिग थिंग’ के निदेशक(कारोबार-विकास) प्रसन्ना बुरुगुला का कहना है कि “हम एक स्टार्टअप कंपनी हैं, इसलिए दूसरी स्टार्टअप कंपनियों पर ज्यादा ध्यान दे रहे हैं क्योंकि छोटी कंपनी होने के कारण हमें छोटे क़दम रखने होंगे। हालाँकि उनकी नज़र बड़े क्लाइंट पर भी है।

हमारे पास ‘द पार्क’, एचआईसीसी, ओहरीज़, अपोलो हास्पिटल्स, एक्वरीज़, क्लिक एण्ड पे, ग्रोफर्स, दि ग्रीन नेक्स्ट, स्विग्गी, वर्टिगो, दि फर्म, पिराटेस ब्रेव जैसे क्लाइंट हैं और जल्द ही कई और क्लाइंट हमारे साथ जुड़ने वाले हैं।”

क़रीब 8 महीने पहले जब ‘द नेक्स्ट बिग थिंग’ को शुरू किया गया था,तब कंपनी में सिर्फ चार लोग थे, लेकिन आज यह संख्या बढ़कर 20 हो गई है। इसके अलावा ‘द नेक्स्ट बिग थिंग’ में बड़ी संख्या में इंटर्न भी काम करते हैं। ये स्टार्टअप मुख्य तौर पर वेबसाइट, डिजिटल मार्केटिंग, एससीओ, वीडियो एडवरटाइजिंग के क्षेत्र पर ज्यादा ध्यान देता है।

हैदराबाद के टी-हब में चल रहे ‘द नेक्स्ट बिग थिंग’ की एक खास वजह भी है। कंपनी की पहली कर्मचारी सना आफरीन के मुताबिक, “हम टी-हब में इसलिए काम कर रहे हैं क्योंकि हम खुद एक स्टार्टअप हैं और दूसरे स्टार्टअप को आगे लाने के लिए हम ये काम कर रहे हैं। ज्यादातर स्टार्टअप बहुत कम पूँजी से शुरू होते हैं। इसलिए ये सर्विस तो दे सकते हैं, लेकिन मार्केटिंग नहीं कर पाते। हमारा फोकस भी यही है कि हम कम दाम में नये स्टार्टअप की मार्केटिंग में मदद कर सकें। ऐसे में वो आगे बढ़ेंगे तो हम भी आगे बढ़ेंगे।”

‘द नेक्स्ट बिग थिंग’ कंपनियों की मार्केटिंग या ब्रांडिंग का काम ही नहीं करता, बल्कि इवेंट मैनेजमेंट के क्षेत्र में भी अपनी गतिविधियाँ बढ़ाई हैं। हाल ही में इन लोगों ने तीन दिवसीय ‘फूड फेस्टिवल’ का सफलतापूर्वक आयोजन किया। इसमें रेडियो मिर्ची, एक्ट फाइबर नेट और दूसरी कंपनियाँ भी शामिल हुईं। इस ‘फूड फेस्टिवल’ का उद्देश्य था लोगों को हैदराबाद के अलग-अलग लज़ीज़ व्यंजनों को एक जगह पर मुहैया कराना। ताकि वो जान सकें की शहर के किन हिस्सों में खाने पीने की अच्छी चीज़ें मिलती हैं, जिनसे वो अब तक अंजान थे। इवेंट प्रमोशन में भी इस स्टार्टअप ने अपनी भूमिका बढ़ाई हैं। जिसमें फिल्मों का प्रमोशन भी शामिल हैं। हैदराबाद में हिंदी फिल्म ‘अजहर’ का प्रमोशन करने में टीम की महती भूमिका रही, जबकि अहमदाबाद में एक और हिंदी फिल्म ‘उड़ता पंजाब’ का प्रमोशन किया गया। इसके अलावा ‘धनक’ और दूसरी कई फिल्मों का प्रमोशन भी कर चुके हैं। कंपनी का मानना है कि जहाँ एक ओर वो स्टार्टअप के लिए मार्केटिंग और ब्रांडिंग का काम देखते हैं, वहीं दूसरी ओर वो इवेंट मैनेजमेंट और इवेंट प्रमोशन के ज़रिए भी अपना विस्तार कर रहे हैं। ऐसा करने से जहाँ उनके रेवन्यू पर असर पड़ता है, वहीं उनको बड़े ग्राहक मिलने में भी आसानी होती है। अपने इसी भरोसे की बदौलत कंपनी को उम्मीद है कि वो जल्द ही हैदराबाद में फिल्मों का प्रमोशन करने वाली पहले दर्जे की कंपनी बनेगी। वहीं मार्केटिंग और ब्रांडिंग के क्षेत्र में हैदराबाद और तेलंगाना में ये एक साल के भीतर टॉप 10 में स्थान हासिल करना चाहते हैं।

सना बड़े आत्मविश्वास से कहती हैं कि “हम भले ही 8 महीने पुरानी कंपनी हों, लेकिन हम अपने ग्राहकों को कम दर में बेहतर सुविधाएँ देने पर विश्वास रखते हैं। इतना ही नहीं ग्राहकों का विश्वास जीतने के लिए कई बार हम पहले उनका काम करते हैं और उनकी संतुष्टि के बाद ही पैसे का लेनदेन करते हैं। हमारी सिफारिशों के बाद वे अगर हमारे साथ कारोबार नहीं करना चाहते, तब भी हम बुरा नहीं मानते, बल्कि उनका फैसला सहर्ष स्वीकार करते हैं। हमरा लक्ष्य देश की ‘जेडब्लूटी’ कंपनी बनना है, अगर हम इसी रफ्तार से चलते रहें, तो वो दिन भी ज़रूर आएगा जब हम ‘जेडब्लूटी’ को भी टक्कर देंगे।”

विज्ञापन और मार्केटिंग में कंपनी का एक खास सिद्धांत है, यह कभी भी छोटे और कम समय के हितों के लिए सौदा नहीं करती, बल्कि दूसरी कंपनी को भी उसी तरह की सिफारिशें करती हैं, जैसे अपने लिए हों। साथ ही द नेक्स्ट बिग थिंग’ ने कई सारे नियम अपने लिए बना लिये हैं, यह कि वे अपने ग्राहकों की सफलता का श्रेय खुद नहीं लेते, बल्कि कंपनी की टीम ग्राहकों के नये व्यापार की नयी ब्रैंडिंग और मार्केटिंग करने की चुनौती को अपनाती है। वे नयी नयी चुनौतियों का सामना करने में खुशी महसूस करते हैं।

कंपनी ने अपने लिए जिन क्षेत्रों में अधिक विस्तार का लक्ष्य अपनाया है, उनमें डिजिटल मार्केटिंग, ब्रैंड मैनेजमेंट, एसएमएम, प्रिंट एडवर्टाइजिंग, फिल्मों की मार्केटिंग और प्रमोशन जैसे खास क्षेत्र शामिल हैं। इसके अलावा कंपनी को कार्पोरेट डिज़ाइनिंग, एसईएम, रिब्रैंडिंग, कंटेंट डेवलपमेंट, कॉपिराइटिंग, टीवी विज्ञापन, मोबाइल एप डिज़ाइनिंग, क्रास मीडिया प्लानिंग, विज्ञापन अभियान और विज्ञापन तथा मार्केटिंग परामर्श जैसे क्षेत्रों में कंपनी विशेष दक्षता रखती है।