भारत और रूस द्विपक्षीय व्यापार के लिए प्रतिबद्ध

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भारत व रूस अपने द्विपक्षीय व्यापार व निवेश को बढ़ावा देने के लिए रणनीतियों की समीक्षा करेंगे। इसके साथ ही दोनों देशों ने अपने यहां व्यापार सुगमता में सुधार की प्रतिबद्धता जताई है। दोनों पक्षों ने एक संयुक्त बयान में कहा,‘दोनों नेताओं ने दिसंबर 2014 में सालाना शिखर सम्मेलन में तय लक्ष्यों को हासिल करने के लिए प्रणालियों के सतत नवीकरण की जरूरत मानी है ताकि सालाना द्विपक्षीय व्यापार व निवेश को बढाया जा सके। दोनों नेताओं ने इस दिशा में काम करने की प्रतिबद्धता जताई है।’ यहां ब्रिक्स समूह के शिखर सम्मेलन के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच विस्तृत बातचीत के बाद यह बयान जारी किया गया।

इसके अनुसार दोनों नेताओं ने व्यापार सुगमता और बढाने की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया। साथ ही भारत के नेशनल इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट फंड (एनआईआईएफ) द्वारा रूस डायरेक्ट इंवेस्टमेंट फंड (आरडीआईएफ) के साथ मिलकर द्विपक्षीय निवेश कोष की स्थापना से दोनों देशों में उच्च प्रौद्योगिकी निवेश प्रोत्साहित होगा।

इन नेताओं ने दोनों देशों की कंपनियों का आह्वान किया कि वे फार्मास्युटिकल्स, रसायन, खनन, मशीनरी निर्माण, ढांचागत, रेलवे, उर्वरक, आटोमोबाइल व विमानन विनिर्माण के क्षेत्र में नये व महत्वाकांक्षी निवेश प्रस्ताव तैयार करें।

द्विपक्षीय हीरा कारोबार को मजबूत बनाने पर भी जोर दिया गया।

कृषि व प्रसंस्कृत खाद्य उत्पदों के लिए साझा बाजार पहुंच के बारे में दोनों देश अपने अपने नियामकीय प्राधिकारों के बीच मौजूदा बातचीत को जारी रखने पर सहमति हुए हैं।

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