छोटे कारोबारियों के लिए बड़ा प्लेटफॉर्म ‘हैलो शॉपी’

ऑनलाइन शॉपिंग का अनूठा विकल्प जनवरी-2015 में शुरू हुई ‘हैलो शॉपी’68 हजार से ज्यादा ग्राहक रजिस्टर्ड

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आज कोई भी छोटा बड़ा कारोबारी अच्छे मुनाफे के लिए ऑफलाइन के साथ साथ ऑनलाइन मौजूदगी भी चाहता है। लेकिन ऐसा करने के लिए उसके पास काफी कम विकल्प होते हैं और जो थोड़े बहुत विकल्प होते भी हैं तो वो काफी महंगे होते हैं। कारोबारियों की इसी समस्या को देखते हुए राजस्थान के भीलवाड़ा में रहने वाले अरविंद काबरा ने ‘हैलो शॉपी डॉट कॉम’ नाम से एक ऐसा प्लेटफॉर्म तैयार किया है जहां पर ऑफलाइन कारोबारी भी अपनी ऑनलाइन मौजूदगी दर्ज करा सकते हैं।

इंदौर के इंदिरा बिजनेस स्कूल से एमबीए करने वाले अरविंद वेबसाइट डेवलपर भी हैं। उनका कहना है कि एमबीए की पढ़ाई के दौरान वो ऑनलाइन शॉपिंग करते थे इस दौरान उन्होने पाया कि ऑनलाइन मॉर्केटिंग की डिमांड भी काफी बढ़ रही है। ऐसे में अगर कोई कारोबारी अपना उत्पाद किसी वेबसाइट के जरिये बेचना चाहता है तो इसमें उस कारोबारी की पहचान छुप जाती है। इसलिए उन्होने एक ऐसी वेबसाइट पर काम करना शुरू किया जहां पर कारोबारी की अपनी पहचान बन सके। अरविंद का कहना है कि “हमने ऐसा प्लेटफॉर्म तैयार किया जहां पर कोई भी व्यक्ति आकर अपने को रिजिस्टर्ड कर सकता है और अपने उत्पाद को अपने नाम से बेच सकता है।”

अरविंद के मुताबिक अब तक ई-कॉमर्स के क्षेत्र में हर व्यक्ति को अपना उत्पाद बेचने के लिए अलग वेबसाइट बनानी होती थी और इसमें अच्छा खासा खर्चा आ जाता था। इसके अलावा कारोबारियों को कई तकनीकि दिक्कतों से भी जूझना पड़ता था, लेकिन अब उनके बनाये इस प्लेटफॉर्म में कोई भी कारोबारी अपना उत्पाद मुफ्त में बेच सकता है। अरविंद का कहना है कि “हमने ऐसा प्लेटफॉर्म तैयार किया जहां पर कोई भी व्यक्ति आकर अपने को रिजिस्टर्ड कर सकता है और अपने उत्पाद को अपने नाम से बेच सकता है।” बदले में ये लोग हर विक्रेता को एक खास आईडी देते हैं जिसके बाद वेबसाइट में किया गया कोई भी ऑर्डर सीधा विक्रता के पास ही जाता है। इस काम के लिए ‘हैलो शॉपी डॉट कॉम’ कोई कमीशन नहीं लेता। बल्कि विक्रेता को केवल 15 रुपये प्रति दिन के हिसाब से शुल्क देना होता है। खास बता ये है कि इस वेबसाइट के जरिये किसी भी विक्रता को कितने भी बड़े ऑर्डर लेने की छूट होती है।

‘हैलो शॉपी डॉट कॉम’ की शुरूआत इस साल जनवरी में हुई थी। इसके बाद अप्रैल, 2015 को इसे प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के तौर पर रजिस्टर्ड किया गया। आज ‘हैलो शॉपी डॉट कॉम’ के साथ 150 से ज्यादा विक्रेता जुड़ चुके हैं जबकि 68 हजार से ज्यादा ग्राहक इस वेबसाइट में रजिस्टर्ड हैं। ‘हैलो शॉपी डॉट कॉम’ में 8 लोगों की मजबूत टीम है। इस वेबसाइट में कपड़े, मोबाइल, इलेक्ट्रानिक्स सामान, किताबें और 100 से ज्यादा विभिन्न तरह के दूसरे उत्पाद खरीददारी के लिए मिल जाएंगे। अरविंद का दावा है कि जब उन्होने ‘हैलो शॉपी डॉट कॉम’ की शुरूआत की थी तो हर रोज महज एक हजार लोग ही उनकी वेबसाइट पर आते थे लेकिन आज ये संख्या 25 हजार को पार कर गई है। कंपनी की रेवन्यू ग्रोथ के बारे में अरविंद का कहना है कि ये हर महीने 15 से 20 प्रतिशत की रफ्तार से बढ़ रहा है। कंपनी के मुताबिक अभी सबसे ज्यादा ग्राहक गुजरात से आते हैं इसके बाद बेंगलुरू और दूसरे शहरों के लोग भी वेबासाइट से खरीददारी करना पसंद करते हैं।

अब ‘हैलो शॉपी डॉट कॉम’ की योजना ज्यादा से ज्यादा ऑफलाइन दुकानदारों को अपने साथ जोड़ने की है ताकि वो दोहरा मुनाफा कमा सकें। इनके मुताबिक ये चाहते हैं कि जो दुकानदार ऑफलाइन कारोबार करते हैं वो ऑनलाइन भी अपने ऑर्डर पूरे कर सकें। ऐसे में इन लोगों को जोड़ना इनके लिए बड़ी चुनौती है। अरविंद का कहना है कि जब उन्होने इस कारोबार की शुरूआत की थी तो लोगों को पता नहीं होता था कि ऑनलाइन सामान कैसे बेचें। इसको समझाने के लिए इनको काफी मेहनत करनी पड़ी। इसके बाद जैसे जैसे लोगों की समझ में ये आता गया तो ये मुश्किल भी आसान होती गई। ऑनलाइन बाजार में मौजूद इस तरह का कारोबार करने वाली दूसरी वेबसाइट के बारे में अरविंद का कहना है कि “दूसरे लोग जहां कमीशन के आधार पर काम करते हैं वहीं हम लोग मामूली रकम विक्रेता से लेते हैं” अपनी दिक्कतों के बारे में अरविंद का कहना है कि कई बार लोग किसी चीज का ऑर्डर करने के बाद उसकी डिलीवरी लेने से इंकार कर देते हैं इस कारण उनको काफी नुकसान उठाना पड़ता है। बावजूद ग्राहक कोई भी उत्पाद खरीदने के लिए इनकी वेबसाइट के साथ साथ ऐप के जरिये भी ऑर्डर कर सकता है।

राजस्थान के भिलवाड़ा से अपना कारोबार चला रहे अरविंद का कहना है कि “ये कोई मायने नहीं रखता कि आप ऑनलाइन कारोबार कहां से शुरू कर रहे हैं क्योंकि ऑफलाइन की तरह आपको कोई ये देखने नहीं आ रहा कि आप कहां पर हैं।”

वेबसाइट : www.helloshoppee.com

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