फ्रीचार्ज को खरीदने के लिए अमेजन ने दिया 500 करोड़ का ऑफर

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भारत में ई-कॉमर्स के क्षेत्र में राज करने वाली कंपनी अमेजन ने अपने प्रतिस्पर्धी कंपनी स्नैपडील के डिजिटल पे एंड ट्रांजैक्शन वेंचर 'फ्रीचार्ज' को खरीदने के लिए फिर से बोली लगाई है। बिजनेस एक्सपर्ट्स के मुताबिक अमेजन ने फ्रीचार्ज को खरीदने के लिए 466 करोड़ से 532 करोड़ रुपये की बोली लगाई है।

अमेजन के अलावा ई-कॉमर्स दिग्गज फ्लिपकार्ट भी स्नैपडील के कुछ वेंचर को खरीदने की जुगत में है। फ्लिपकार्ट ने स्नैपडील की मार्केटप्लेस मैनेजमेंट यूनिट Unicommerce के लिए खरीदने के लिए अब करीब 90 करोड़ डॉलर का रिवाइज्ड ऑफर दिया है।

एक्सिस बैंक फ्रीचार्ज को 6-6.5 करोड़ डॉलर में खरीदना चाहता था। पिछले महीने इस सेगमेंट की मार्केट लीडर और प्रतिद्वंद्वी पेटीएम ने भी फ्रीचार्ज के लिए बोली लगाई थी।

भारत में ई-कॉमर्स के क्षेत्र में राज करने वाली कंपनी अमेजन ने अपने प्रतिस्पर्धी कंपनी स्नैपडील के डिजिटल पे एंड ट्रांजैक्शन वेंचर 'फ्रीचार्ज' को खरीदने के लिए फिर से बोली लगाई है। बिजनेस एक्सपर्ट्स के मुताबिक अमेजन ने फ्रीचार्ज को खरीदने के लिए 466 करोड़ से 532 करोड़ रुपये की बोली लगाई है। अमेजन ने यह बोली जैस्पर इन्फोटेक को सौंपी है, जो स्नैपडील और फ्रीचार्ज दोनों को ऑपरेट करती है। इससे पहले मीडिया में रिपोर्ट्स आ रही थीं कि एक्सिस बैंक भी फ्रीचार्ज को खरीदने में दिलचस्पी दिखा रहा है। एक्सिस बैंक फ्रीचार्ज को 6-6.5 करोड़ डॉलर में खरीदना चाहता था। पिछले महीने इस सेगमेंट की मार्केट लीडर और प्रतिद्वंद्वी पेटीएम ने भी फ्रीचार्ज के लिए बोली लगाई थी।

अब देखा जाए तो देश के सभी बड़े दिग्गज स्टार्टअप फ्रीचार्ज को खरीदने में दिलचस्पी दिखा रहे हैं। अमेजन के ऊंची बोली लगाने के बावजूद एक्सिस बैंक डिजिटल पेमेंट प्लैटफॉर्म को खरीदने के लिए सबसे अधिक दिलचस्पी ले सकता है क्योंकि वह इसके जरिए अपने प्रतिद्विंदी मोबीक्विक को टक्कर देना चाहता है। अमेजन फ्रीचार्ज को खरीदने में सफल होती है तो वह उसे अपने पेमेंट एंटिटी अमेजन पे के साथ मिला लेगी। कंपनी ने हाल में अमेजन पे इंडिया में 130 करोड़ रुपये का निवेश किया है। इससे पहले अप्रैल में ईटी ने खबर दी थी कि अमेजन इंडिया को रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) से देश में प्रीपेड पेमेंट इंस्ट्रूमेंट और वॉलेट ऑपरेट करने के लिए लाइसेंस मिला है। सेंट्रल बैंक ने अमेजन ऑनलाइन डिस्ट्रीब्यूशन सर्विस को वॉलेट लाइसेंस जारी किया है, जो अमेजन पे को भी चलाती है।

अमेजन के अलावा ई-कॉमर्स दिग्गज फ्लिपकार्ट भी स्नैपडील के कुछ वेंचर को खरीदने की जुगत में है। फ्लिपकार्ट ने स्नैपडील की मार्केटप्लेस मैनेजमेंट यूनिट Unicommerce के लिए खरीदने के लिए अब करीब 90 करोड़ डॉलर का रिवाइज्ड ऑफर दिया है। इससे पहले स्नैपडील ने प्रतिस्पर्धी फर्म फ्लिपकार्ट के 55 करोड़ डॉलर के वैल्यूएशन पर उसे खरीदने के प्रस्ताव को ठुकरा दिया था। सोर्सेज के मुताबिक , स्‍नैपडील के को-फाउंडर्स कुणाल बहल और रोहि‍त बंसल कंपनी को इन्फिबीम इंक को बेचने के लि‍ए जोर दे रहे हैं।

स्नैपडील की पैरेंट कंपनी जैस्पर ने 2015 में फ्रीचार्ज को खरीदा था। यह सौदा 40-50 करोड़ डॉलर में हुआ था। इसे भारतीय स्टार्टअप दुनिया में उस वक्त तक का सबसे बड़ा सौदा बताया गया था।

एक वक्त था, जब जैस्पर फ्रीचार्ज को 1 अरब डॉलर का वैल्यूएशन मिलने की उम्मीद कर रही थी। हालांकि, स्नैपडील की हालत खराब होने का फ्रीचार्ज पर बहुत बुरा असर हुआ। इससे डिजिटल पेमेंट प्लेटफॉर्म के वॉल्यूम और ट्रांजैक्शन वैल्यू में भारी गिरावट आई। ऑनलाइन ई-कॉमर्स कंपनी अमेजन ने स्नैपडील के डिजिटल पेमेंट प्लैटफॉर्म 'फ्रीचार्ज' को खरीदने के लिए देर से बोली लगाई है। फ्रीचार्ज पर स्नैपडील का मालिकाना हक है, जो पिछले काफी समय से कैश की तंगी से जूझ रही है।

यह जानकारी ऐसे समय पर सामने आई है, जब गुड़गांव की कंपनी पहले से ही फ्रीचार्ज को बेचने के लिए एक्सिस बैंक और टेलिकॉम ऑपरेटर भारती एयरटेल से बातचीत कर रही है। एयरटेल का खुद का वॉलिट 'एयरटेल मनी' भी है। स्नैपडील का सबसे बड़ा निवेशक सॉफ्टबैंक बीते कई महीनों से फ्लिपकार्ट के साथ उसके अधिग्रहण को लेकर बातचीत कर रहा है। अधिग्रहण को लेकर बातचीत करने वाले बोर्ड में स्नैपडील के फाउंडर्स कुणाल बहल और रोहित बंसल के अलावा एनवीपी और कलारी कैपिटल भी शामिल हैं।

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