भारत दुनिया का 7वाँ दौलतमंद देश फिर भी ...

दस धनाढ्य देशों की सूची में अमेरिका पहले...चीन दूसरे... जापान तीसरे.. जर्मनी चौथे तथा ब्रिटेन पाचवें स्थान पर

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भारत में व्यक्तियों की कुल संपत्ति 5,200 अरब डालर होने के साथ यह दुनिया में 10 सर्वाधिक धनवान देशों की सूची में शामिल है, लेकिन इसकी एक वजह यहाँ बड़ी आबादी होना भी है। वहीं प्रति व्यक्ति आधार पर औसत भारतीय ‘काफी गरीब’ है। एक रिपोर्ट में यह कहा गया है।

न्यू वर्ल्ड वेल्थ की रिपोर्ट के मुताबिक भारत दुनिया में 10 अति धनाढ्य देशों की सूची में शामिल है और सातवें पायदान पर है। सूची में धनी व्यक्तियों की 48,700 अरब डालर की कुल संपत्ति के साथ अमेरिका पहले स्थान पर है।

रिपोर्ट में कहा गया है, ‘‘भारत का दुनिया के अति धनाढ़्य 10 देशों की सूची में शामिल होने का कारण बड़ी आबादी का होना है। प्रति व्यक्ति आधार पर औसत भारतीय काफी गरीब हैं।’’ इसमें यह भी कहा गया है कि पिछले 15 साल में देश की वृद्धि ‘मजबूत’ रही है।

न्यू वर्ल्ड वेल्थ के अनुसार, ‘‘अति धनाढ़्य 10 देशों में चीन पिछले 15 साल 2000-15 में तीव्र गति से वृद्धि हासिल करने वाला देश रहा। आस्ट्रेलिया तथा भारत की वृद्धि भी मजबूत रही।’’ इतना ही नहीं भारत ने पिछले साल इटली को पीछे छोड़ दिया। आस्ट्रेलिया और कनाडा अगले एक-दो साल में इटली से आगे निकल जाएंगे।

शीर्ष पांच देशों की सूची में चीन कुल 17,300 अरब डालर की व्यक्तिगत संपत्ति के साथ दूसरे, जापान (15,200 अरब डालर) तीसरे, जर्मनी :9,400 अरब डालर: चौथे तथा ब्रिटेन (9,200 अरब डालर) पाचवें स्थान पर है।

सूची में शामिल अन्य देशों में फ्रांस (7,600अरब डालर) छठे, इटली (5,000 अरब डालर) आठवें, कनाडा (4,800 अरब डालर) नौवें तथा आस्ट्रेलिया (4,500 अरब डालर) 10वें स्थान पर हैं।

रिपोर्ट के अनुसार, ‘‘आस्ट्रेलिया की आबादी 2.2 करोड़ है, इस लिहाज से आस्ट्रेलिया की रैंकिंग प्रभावी है।’’ कुल व्यक्तिगत संपत्ति से आशय प्रत्येक देश में सभी व्यक्तियों के पास उपलब्ध निजी संपत्ति से है। (पीटीआई)