मिलिए हर दिन नई रेसिपी तैयार करने वाली मॉडल और टीवी पर्सनालिटी से शेफ बनीं अमृता रायचंद से

0

मॉडल और टीवी पर्सनालिटी से शेफ बनीं अमृता रायचंद का मानना है कि फूड इंडस्ट्री जैसी ग्लैमरस दिखती है वैसी है नहीं। सफलता का स्वाद चखने के लिए इसे बहुत मेहनत और रचनात्मकता की आवश्यकता होती है।

अमृता रायचंद
अमृता रायचंद
अमृता खुद मॉडलिंग और टेलीविजन में थीं जब तक कि उन्होंने फूड इंडस्ट्री में जाने का फैसला नहीं किया। इसके बाद उन्होंने अपने शुरुआती सालों में जितना संभव हो सके उतना सीखने की कोशिश की।

फूड इंडस्ट्री में सात साल से काम कर रहीं अमृता रायचंद विशेष रूप से, काम करने वाली माताओं और बच्चों के बीच अपने लोकप्रिय शो 'मम्मी का मैजिक' के लिए एक परिचित चेहरा हैं। लेकिन अमृता के लिए यह एकमात्र चीज नहीं है जो उन्हें व्यस्त रखती है। अमृता अपना एक औसत दिन तीन से चार रेसिपी को बनाने और उनका परीक्षण कर उसमें महारत हासिल करने में बिताती हैं। ताकि वह उन्हें अपने दर्शकों के साथ साझा कर सकें। ईवेंट्स, शोज, कंपटीशन में जजिंग के अलावा अमृता का अपना स्वयं का यूट्यूब चैनल भी है। अमृता को अपनी उन रेसिपी पर गर्व है जो उन्होंने गर्भवती औरतों व मां बन चुकी औरतों के लिए तैयार की हैं। वे कहती हैं "ये फूड महिलाएं आमतौर पर चाहती हैं इसलिए मैंने उनके लिए सरल और आसान वर्जन तैयार किए हैं। वे उन्हें ट्राई कर सकती हैं और अपनी इच्छाओं को पूरा कर सकती हैं।"

स्वस्थ भोजन स्वादिष्ट होता है

अमृता के मुख्य दर्शक माता-पिता और बच्चे हैं। यह पता लगाना कि बच्चे क्या पसंद करेंगे और उन्हें क्या स्वादिष्ट लगता है, अमृता की सबसे बड़ी चुनौती है। स्वस्थ भोजन की भीड़ में, किसी को स्वाद के साथ समझौता नहीं करना चाहिए। वह कहती हैं "मैं वो नहीं हूं जो कहती है कि आपको खाना खाना है क्योंकि यह हेल्दी है। मैं सभी खाने को हल्दी बनाने की कोशिश करती हूं लेकिन साथ ही वह टेस्टी रेसिपी भी होती हैं।" अमृता "खाने के लिए जियो" में विश्वास रखती हैं। वह महसूस करती हैं कि भोजन उनके अस्तित्व के केंद्र में है, वह हमेशा इस फैक्ट से अवगत रहती हैं कि भोजन को स्वादिष्ट बनाना है।

हालांकि, यह कहना आसान है लेकिन करना उतना ही कठिन। यह देखते हुए कि माता-पिता अक्सर महसूस करते हैं कि हेल्थी फूड उबाऊ होता है, इस मिथक को तोड़ने करने के लिए अमृता कोशिश कर रही हैं। वह कहती हैं, "मुझे अपनी रेसिपी को उदाहरण के साथ समझाने की जरूरत है। वे जैसे ही देखते हैं कि इन रेसिपी को बनाना आसान है और वे हेल्दी भी हैं। वे इसे पसंद करने लगते हैं।"

सरलता ही कुंजी है

चूंकि अमृता के बहुत सारे दर्शक बच्चे और कामकाजी माताएं हैं, इसलिए उनकी प्राथमिकता उन्हें पूरा करना है। अमृता कहती हैं "काम करने वाली माताओं के हाथ पहले से ही काफी बिजी रहते हैं, इसलिए खाना पकाना उनके लिए बोझ नहीं बनना चाहिए। यही मेरा लक्ष्य है। मैं एक सेटिंग बनाना चाहती हूं जहां हर कोई कुकिंग को कठिन काम सोचे बिना रसोई में जाना चाहे।" वह बताती है कि वह लगातार रेसिपीज को सरल बनाने के तरीकों पर काम कर रही हैं। फूड समाधान ढूंढने के लिए विशाल शोध की आवश्यकता होती है और अमृता को इसके लिए काफी मेहनत करनी होती है, पढ़ने और अच्छे विकल्प खोजने और पोषण के बारे में ज्ञान प्राप्त करने के लिए कोई कसर बाकी नहीं छोड़ना चाहती हैं। अमृता के लिए युवाओं को खुश करना कठिन काम हो सकता है इसलिए उन्हें हमेशा अपने दर्शकों को खुश करने के लिए एक कदम आगे रहने की जरूरत होती है।

सबसे आगे रहना

फूड इंडस्ट्री एक संपन्न और रोमांचक जगह है, और अमृता ने देखा कि शेफ को हर समय नई और रोमांचक चीजें करने को मिलती हैं। उन्हें उनके सराहनीय काम के लिए काफी तारीफ भी सुनने को मिलती है। इंडस्ट्री में अपने खुद के विकास के बारे में वह कहती हैं कि उनके लिए टेड टॉक बड़ा मील का पत्थर साबित हुआ जहां उन्होंने भोजन के बारे में बात की और बताया कि वह क्या करती हैं। इसके अलावा सर्वश्रेष्ठ टीवी होस्ट शेफ और सर्वश्रेष्ठ कुकरी शो के लिए उन्हें मिली प्रशंसा और पुरस्कार भी आगे जारी रखने के लिए प्रोत्साहित करते रहते हैं। हालांकि, अमृता इस बात को लेकर काफी सावधान हैं कि कैसे लोग बिना जरूरी कड़ी मेहनत के पेशे के ग्लैमरस पक्ष को देखते हुए इंडस्ट्री में प्रवेश करने की कोशिश कर रहे हैं। चूंकि उन्होंने अनुभव किया है कि इंडस्ट्री में पहली बार सफल होने के लिए क्या करना होता है, वह जानती हैं कि इस पेशे में लंबा समय तक और परिश्रम की जरूरत होती है। अमृता खुद मॉडलिंग और टेलीविजन में थीं जब तक कि उन्होंने फूड इंडस्ट्री में जाने का फैसला नहीं किया। इसके बाद उन्होंने अपने शुरुआती सालों में जितना संभव हो सके उतना सीखने की कोशिश की।

अमृता बहुत सारे अध्ययन और शोध करने के साथ-साथ बहुत से लोगों से बात करके अपने पेशे के शीर्ष पर रहती हैं। वह कहती हैं, "मैं कई रेसिपीज के साथ प्रयोग करती हूं और तब तक आराम नहीं करती जब तक कि मैं हर दिन कुछ रेसिपीज तैयार न कर लूं। इस तरह मैं उन लोगों से खुद को बेहतर बना देती हूं जो रेसिपीज को फॉलो करते हैं। यह जानते हुए कि मैं माताओं और बच्चों के साथ काम करती हूं, इसलिए मेरे लिए यह एक बड़ी जिम्मेदारी है और जिसे मैं हल्के में नहीं लेती हूं। "

पुरानी जड़ों तक वापस जाना

जब ट्रेंड्स की बात आती है तो अमृता इशारा करती हैं कि लोग अपने स्थानीय व्यंजनों में गर्व महसूस कर रहे हैं। वह कहती हैं "लोग अपनी जड़ों में वापस चले गए हैं। और वास्तव में भारतीय उपज को पसंद कर रहे हैं, जिन्हें विदेशों में सुपरफूड माना जाता है, जैसे हल्दी। देसी भोजन रोमांचक हो गया है।" अमृता ने हाल ही में पंजाबी में एक शो किया जहां उन्होंने उन लोगों को शॉर्टलिस्ट किया जिनके घरों में वे गईं और उनके भोजन का स्वाद चखा। यह एक चैलेंज था जिसे अमृता ने अच्छे से एंज्वॉय किया।

वह यह भी बताती हैं कि कैसे स्वस्थ विकल्प बनाने के बारे में लोग अधिक जागरूक और सूचित हो गए हैं। वह कहती हैं, "बढ़ती जैविक खेती के साथ, लोग जैविक सब्जियां, फल और अनाज का उपभोग करने के लिए तैयार हैं, भले ही वे सस्ते न हों। बहुत से रेस्तरां और कंपनियां अब स्वस्थ भोजन और स्नैक्स देख रही हैं, और यह अच्छा है कि लोग वह स्वस्थ विकल्प तलाश रहे हैं और उनका स्वाद ले रहे हैं।" खुद के भोजन के लिए, वह उन फूड्स को खाना पसंद करती हैं जिनके साथ वह बड़ी हुई हैं और इसमें दाल, चावल, अलू का भुजिया और टमातर की चटनी शामिल है। अंत में अमृता मैसेज देती हैं कि आप न केवल आपके द्वारा खाए जाने वाले भोजन की कैलोरी गिनें बल्कि पोषक तत्वों पर भी ध्यान दें।

यह भी पढ़ें: बचे हुए खाने को इकट्ठा कर गरीबों तक पहुंचाने का काम कर रहा है केंद्र सरकार का यह कर्मचारी

यदि आपके पास है कोई दिलचस्प कहानी या फिर कोई ऐसी कहानी जिसे दूसरों तक पहुंचना चाहिए, तो आप हमें लिख भेजें editor_hindi@yourstory.com पर। साथ ही सकारात्मक, दिलचस्प और प्रेरणात्मक कहानियों के लिए हमसे फेसबुक और ट्विटर पर भी जुड़ें...

Related Stories

Stories by yourstory हिन्दी