गठिया और मोटापा जुड़े हुए हैं आपस में

बेंगलुरू आधारित ओबेसिटी सर्जरी विशेषज्ञ एमजी भट ने कहा, ‘‘मेयो क्लिनिक और हार्वर्ड मेडिकल स्कूल के विभिन्न अध्ययन ने प्रदर्शित किया है कि मोटापे और गठिया के बीच के रिश्ते हैं।

0

मेडिकल विशेषज्ञों का कहना है कि मोटापे के साथ गठिया के बढ़ते मामलों के लिए हमारी जीवन शैली, खान-पान और शारीरिक कसरत की कमी जिम्मेदार है।

विशेषज्ञों ने कल आयोजित ‘विश्व गठिया दिवस’ के अवसर पर कहा कि गठिया जोड़ों की बीमारी है और रोगाणु प्रतिरक्षा आत्मक्षमता ऑटोइम्यून विकार है। पिछले दशक से लोगों में गठिया की शिकायत में इजाफा हो रहा है। ओस्टियो-आर्थराइटिस से सबसे ज्यादा घुटने के जोड़ प्रभावित हो रहे हैं। इसमें कई बार घुटने बदलने की जरूरत भी पड़ सकती है।

बेंगलुरू आधारित ओबेसिटी सर्जरी विशेषज्ञ एमजी भट ने कहा, ‘‘मेयो क्लिनिक और हार्वर्ड मेडिकल स्कूल के विभिन्न अध्ययन ने प्रदर्शित किया है कि मोटापे और गठिया के बीच के रिश्ते हैं। दरअसल, मोटापे के लिए दिखाने जो लोग आते हैं उनमें से हर 10 में से 2-3 को गठिया की भी शिकायत होती है। साथ ही, मोटापे का सामना कर रहे मरीजों में घुटने और कूल्हे जैसे वजन संभालने वाले जोड़ों पर अतिरिक्त जोर पड़ता है जो उनकी स्थिति बिगाड़ता है।’’ अमेरिका के सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल ऐंड प्रिवेंशन :सीडीसी: के एक अध्ययन के मुताबिक मोटापे से जूझ रहे तीन में से एक व्यक्ति को गठिया है जबकि तीन में से दो अमेरिकियों का या तो वजन ज्यादा है या वे मोटापे से ग्रस्त हैं।

खराब जीवन शैली, खान-पान की आदतों, शारीरिक गतिविधियों की कमी से मोटापे की दिक्कत बढ़ रही है और इससे गठिया के मरीजों की संख्या पर सीधे प्रभाव पड़ रहा है।