निवेशकों की पहली पसंद हैं IIT और IIM से जुड़े उद्यमी

सर्वे में हुआ खुलासा, सामने आई वजहेंनिवेश पाने में महिलाओं की संख्या नाममात्र कीतकनीक के क्षेत्र में महिलाओं का बोलबाला कम

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उद्यमिता में एक तरफ भरपूर लाभ कमाने की सम्भावना होती है तो दूसरी ओर अनिश्चितता और दूसरे खतरे की संभावना होती है। बावजूद देश में लोगों का रूझान इस ओर बढ़ा है। ऐसे में ये चर्चा आम है कि क्यों कोई निवेशक उस उद्यम में निवेश करने की सोचता है जिसका उद्यमी कोई आईआईटी या आईआईएम का हो इसके अलावा क्यों तकनीक के क्षेत्र में कुछ ही महिलाएं काम कर रही हैं ? ये सिर्फ भारत में ही नहीं दुनिया भर में ये ट्रेंड देखने को मिल रहा है।

साल 2014 में एक सर्वे किया गया। जिसमें पिछले तीन साल के दौरान किए गए समझौतों पर नजर दौड़ाई गई ये पता लगाने के लिए कि क्या इनमें आपस में कोई संबंध है। तो जो परिणाम सामने आये उनके मुताबिक हर उस तीसरी कंपनी में निवेश किया गया है जिसकी स्थापना किसी अच्छे संस्थान से निकले उद्यमी ने की हो। ये प्रश्न लगातार बना हुआ है हाल ही में Instamojo के संस्थापक संपत स्वेन ने एक ट्विट के जरिये इस पर काफी चर्चा की।

जब पिछले अध्ययन में नजर दौड़ाई गई तो देखा गया की 5 मिलियन डॉलर वाली 25 डील पिछले कुछ महिनों के दौरान ही हुई थी। इतना ही नहीं इन 25 डील में से 60 प्रतिशत डील ऐसे संस्थापकों के साथ हुई थी जो आईआईटी और आईआईएम से निकले छात्र हैं और 25 में सिर्फ 2 कंपनियां ऐसी थी जिनकी संस्थापक महिलाएं थी।

इस अध्ययन से कुछ महत्वपूर्ण प्रवृतियां देखने को मिली:-

• अध्ययन के मुताबिक 25 कंपनियों में निवेश करने वाली कंपनियां सभी प्रकार के अच्छे निवेशकों का मिश्रण था। बावजूद इसके उनका झुकाव ज्यादातर आईआईटी और आईआईएम के संस्थापको की ओर था।

• कोई भी एक कंपनी ऐसी नहीं थी जिसका पूरा नियंत्रण किसी महिला के हाथ में हो (दो कंपनियों में महिलाएं सिर्फ संस्थापक टीम के तौर पर थी।)

• कंपनियों में निवेश आम लोगों ने किया जिनका आईआईटी या आईआईएम से कोई तजुर्बा नहीं था। ऐसे उद्यमियों पर निवेश किया गया जिनको अपने कार्यक्षेत्र का लंबा अनुभव था या फिर वो पहले भी कोई उद्यम खड़ा कर चुके थे। Sequoia ने ऐसे ही कुछ उद्यमों में निवेश किया है।

• अध्ययन में ये बात देखने को मिली की आईआईएम निवेश पाने में आगे रहा लेकिन आईआईटी ने भी निवेश के मामले में कड़ी टक्कर दी है। खासतौर से आईआईटी मुंबई, आईआईटी दिल्ली और आईआईटी खड़कपुर के उद्यमियों ने निवेश में बड़ी कामयाबी हासिल की।

इसके कई कारण है जो विभिन्न चीजों की ओर इशारा करते हैं:

• कोई भी निवेशक सुरक्षित जगह पर दाव लगाना चाहता है और ऐसी आईआईटी और आईआईएम जैसी जगह इसके लिए सुरक्षित है। अगर कभी बात निवेश के लिए दो कंपनियों में से एक को चुनने की हो जो ज्यादातर मामलों में निवेश वही कंपनी हासिल करती है जिसके संस्थापक ऐसी जगहों से निकले हों।

• ऐसी जगहों से निकले संस्थापकों का काफी अच्छा नेटवर्क होता है। जो शुरूआत में उनके लिए काफी मददगार साबित होता है और उद्यमी को किसी काम की गहराई में ले जाने के लिए काफी होता है।

• बड़े संस्थानों से निकले उद्यमियों के पास ज्यादा जानकारी होती है। ऐसा माना जाता है कि ये ज्यादा परिपक्व और इनके सफल होने की संभावना ज्यादा होती है।

इन वजहों को देखने के बाद ये तय है कि कोई भी महिला परेशानी की वजह नहीं हो सकती। इसलिए ये वक्त है ऐसी बातों को उठाने का और उनसे निपटने का। इसी बात को ध्यान में रखते हुए ‘यूअर स्टोरी’ अब ‘हर स्टोरी’ शुरू कर रहा है। उम्मीद है कि इस बारे में और लोग ज्यादा बातचीत करेंगे। आप अपने विचार बाताएं और ऐसे लिंक भेजें जिसमें ऐसी कोई रिसर्च हो।