बेहिसाबी से धन जमा करने वालों पर रिज़र्व बैंक ने कसा शिकंजा

आरबीआई ने कुछ बैंक खातों से धन निकासी पर लगया अंकुश।

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बैंकिंग चैनल का दुरुपयोग कर अपना बेहिसाबी धन जमा कराने वाले लोगों पर शिकंजा कसते हुए रिजर्व बैंक ने ऐसे बैंक खातों से निकासी पर अंकुश लगा दिया है, जिनमें पांच लाख रुपये से अधिक की राशि जमा है और इन खातों में दो लाख रुपये से अधिक राशि 9 नवंबर के बाद जमा की गई है।

रिजर्व बैंक की अधिसूचना में कहा गया है कि ऐसे खातों से निकासी या धन का स्थानांतरण पैन नंबर दिए बिना या फॉर्म 60 (जिन लोगों का पैन नंबर नहीं है) दिए बिना नहीं की जा सकेगी।

रिजर्व बैंक ने कहा है, कि यदि किसी छोटे खाते में अनुमति योग्य सालाना 1 लाख रुपये की जमा की सीमा भी दिखेगी तो मासिक 10,000 रुपये की निकासी की सीमा को कायम रखा जाएगा। केंद्रीय बैंक के संज्ञान में यह बात आई है, कि कुछेक मामलों में अपने ग्राहक को जानो (केवाईसी) प्रावधानों का कड़ाई से पालन नहीं किया गया है। केवाईसी अनुपालन वाले खाते जिनमें ग्राहक की पड़ताल की प्रक्रिया का पालन किया गया है, के संदर्भ में रिजर्व बैंक ने कहा है कि एनबीएफसी यह सुनिश्चित करें, कि सभी लेनदेन के लिए पैन अथवा फॉर्म 60 लिया जाए। इन अनिवार्यताओं को पूरा किए बिना ऐसे खातों से किसी तरह की निकासी, स्थानांतरण नहीं किया जा सकेगा।

उधर दूसरी तरफ आरबीआई गवर्नर उर्जित पटेल को नोटबंदी को लेकर आज उस समय राजनीतिक गर्मी झेलनी पड़ी जब यहां एनएससी बोस हवाईअड्डे पर कथित कांग्रेस कार्यकर्ताओं के एक समूह ने उनका रास्ता रोक लिया। मुंबई वापस जा रहे पटेल ने हवाईअड्डे पर जब कार से बाहर कदम रखा तो दर्जनों प्रदर्शनकारियों ने उनका रास्ता रोकने की कोशिश की और ‘उर्जित पटेल वापस जाओ’, ‘उर्जित पटेल हाय, हाय’ के नारे लगाए। पटेल ने हवाईअड्डा टर्मिनल के प्रवेश द्वार की ओर जब चलना शुरू किया तो प्रदर्शनकारी उनके इतना करीब आ गए कि वह असहज हो गए। उनके साथ मौजूद पुलिसकर्मियों को प्रदर्शनकारियों को पीछे धकेलते और आरबीआई गवर्नर का रास्ता साफ करते देखा गया। पुलिस ने कहा कि उन्हें प्रदर्शनकारियों ने काले झंडे भी दिखाए थे।

इससे पहले पटेल ने नोटबंदी के खिलाफ पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस के विरोध के बीच राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से मुलाकात की थी। उन्होंने राज्य सचिवालय में मुख्यमंत्री के कक्ष में घंटे भर चली बैठक के बाद संवाददाताओं से कहा कि ‘बैठक अच्छी रही।’ ममता ने कहा कि बैठक में उन्होंने लोगों के सामने आ रही परेशानी एवं ‘राज्यों के बीच राजनीतिक भेदभाव’ पर चिंता व्यक्त की। इससे पहले पटेल ने आरबीआई के क्षेत्रीय कार्यालय में आरबीआई केंद्रीय बोर्ड की बैठक में भाग लिया जहां तृणमूल एवं माकपा कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया। ममता ने बैठक के बारे में पूछे जाने पर संवाददाताओं से कहा, ‘मुझे बहुत मुश्किलों का सामना कर रहे आम लोगों की बात रखने का मौका मिला, इसलिए मैं बैठक से संतुष्ट हूं। प्रधानमंत्री, संसद, कुछ भी उपलब्ध नहीं है। कोई उत्तर नहीं दे रहा। वह (पटेल) इस सब में प्रत्यक्ष रूप से शामिल हैं। मुझे संतोष है, कि मैं अपने विचार रख सकी और हालात के बारे में बता सकी।’