'नमख', महिलाओं की खूबसूरती को संवारने का ले पूरा जिम्मा...

नमख का उद्देश्य ऑनलाइन खरीदारी को मजबूत बनाना

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देबासीस चक्रबोर्ती “नमख” (Namakh) के सह-संथापक कहते हैं कि “कोई व्यवसाय (स्टार्टअप) शुरू करने का भय उतना नहीं होता, जितना की समाज ने हमारे अन्दर पैदा किया है।” नमख एक महिलाओं का फैशन ब्रैंड है। देबासीस चक्रबोर्ती ने अनिर्बन चक्रबोर्ती के साथ यह व्यवसाय शुरू किया है, इससे पहले वह चौदह सालों तक कॉरपोरेट जगत में कार्य कर चुके हैं।

हिम्मत से ज्यादा, यह संकल्प का मामला है। इस जोड़ी ने जिस बाजार में प्रवेश की वह आशाजनक है| देबासीस कहते हैं कि "आज महिला परिधान-बाज़ार 80 हज़ार करोड़ का है, जो नौ प्रतिशत की CAGR (चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर) से बढ़ रहा है और CAGR के आलावा फास्ट फैशन केटेगरी 25 प्रतिशत की तीव्र गति से बढ़ रहा है।” वह बताते हैं कि सफलता की जगह फास्ट फैशन में ही है और यह सिर्फ हमारा संकल्प है कि इस बाज़ार की क्षमता का सही लाभ उठाया जाये।

देबासीस अपनी बात को आगे बढाते हैं “भारत में फैशन उद्योग बहुत तेज़ी से बदल रहा है” वे निम्नलिखित बिन्दुओ में इसे समझाते हैं।

  • मौसम का बदलाव कपड़ों के मॉडलों में भी बदलाव ला रहा है।
  • पुराने परिधान उबाऊ हैं, लेकिन उन्हें नए तरीके से पेश किया जाये तो बहुत गुंजाइश रहती है।
  • पारम्परिक और पश्चिमी परिधानों को मिलाकर फ्यूजन फैशन बन रहा है।
  • महिलाओं की खरीदारी के हिसाब से तकनीक बदल रही है, जिसके कारण किसी भी ब्रांड के लिए चुनौतियाँ बढ़ रही हैं।

बदलाव, रचनात्मकता और नवीनता को जन्म देता है। इस मामले में “नमख” अपने पैर जमाना चाहती है। ग्राहकों की पसंद और ट्रेंड पता करने के लिए डिजाइन, ऑनलाइन खरीदारी में जल्दी-जल्दी लॉन्च की जाती है। देबासीस कहते हैं "हमारे शुरूआती मूल्य 299 रुपये से है और यह 899 पर रुक जाता है। हमारे ब्रैंड के कपड़ों का स्टाइल सादगी से भरा है फैशनेबुल भी है। 20-24 साल के युवा हमारे मुख्य ग्राहक बने हैं इसके अलावा अन्य उम्र के लोग भी हमारे ग्राहक हैं।

नमख का समूह विशेष रूप से डिज़ाइन पर विचार करके उसे खुद ही तैयार करता है। इसके अलावा इस संस्था का “नमख बाय ए. बी. सी.” संयोजित ब्रांडिंग के ऊपर आधारित है। इसमें वे स्वतंत्र डिजाइनर्स को मदद करते हैं, जो नमख ब्रांड के अन्दर अपने डिजाइन को लॉन्च करते हैं।

टीम ऑनलाइन सेल्स (बाज़ार और अपनी वेबसाइट) पर ध्यान दे रही है।इसके आलावा टीम ऐसी भी प्लानिंग कर रही है 2 -3 शहरों में महिलायें नमख का उत्पाद बेचना शुरू करें। अपनी पहुँच को बढाने के लिए नमख, नगर और ग्रामीण क्षेत्रों के बाज़ार का अध्ययन कर रहे हैं।

फंडिंग की चुनौतियों के बारे में बताते हुए देबासीस कहते हैं कि “यदि आप एक स्टार्टअप हैं तो बैंक आपके लिए अपने दरवाजे पहले तीन वर्षों के लिए बंद कर देते हैं।" फंडिंग की कमी के चलते स्टार्टअप की गति धीमी हो जाती है लेकिन उनको विशेष रूप से नयी सीख और चाह मिलती है। देबासीस आगे कहते हैं “फंडिंग एक नयी तकनीक शुरू करने का रास्ता है। जबकि पारम्परिक बिज़नस शुरू करने का विचार और पी.ओ.सी. ख़त्म होने जा रही हैं। इन्वेस्टर्स को इन नयी कम्पनियों को सहयोग करने के बारे में सोचना चाहिए। उनके मॉडल और तकनीक का प्रयोग करने बाद, उन्हें सुधार करके फायदे योग्य बनाना चाहिएय़

देबासीस इन चुनौतियों के बावजूद भी कहते हैं, नमख एक महत्वपूर्ण मुकाम पर पहुँच चुका है। छ: लोगों की टीम बंगलौर और जयपुर में बंटी है, जिसमें विशेष रूप से कॉलेज से निकले हुए फ्रेशर हैं। वारबय पार्कर (Warby parker) के सह-संस्थापक और और सह मुख्य कार्यकारी अधिकारी नील ब्लुमेंथल (Neil Blumenthal) ने हाल ही में एक आर्टिकल इनोवेशन के ऊपर लिखा है जिसमे वे कहते हैं कि "एक्सपर्ट्स के पास पहले से ही तैयार समाधान होता है, नये उद्यमी के प्रश्न होते हैं जो कि अन्ततः अच्छे और नये समाधान होते हैं।” उसी तरह ही देबासीस कहते हैं,"हम विश्वास करते हैं कि नये लोग अपने साथ अपार सकारात्मक ऊर्जा लाते हैं और हम उन्हें लगातार तरक्की के साथ नियुक्त करते हैं। नमख की शुरुवात मुझे याद दिलाती है, जब मैं चार वर्ष का था और मैं गंगा में बिना तैराकी जानते हुए कूद गया। मुझे हमेशा भरोसा था कि मैं इससे बहार निकल जाऊँगा।”

दृढसंकल्प एक शक्तिशाली और आधारभूत बिन्दु है। लेकिन टीम स्वयं अपना हल निकालती है। फैशन बहुत तेज़ी से बदलने वाला उद्योग है। अनुभव को नये मॉडल्स और ढाँचे को रास्ता देने की जरूरत है।

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