बाढ़ प्रभावित केरल के स्कूलों और स्टूडेंट्स की मदद करेगी CBSE, मिलेंगी डिजिटल मार्कशीट

सीबीएसई से मान्यता प्राप्त विद्यालयों के छात्रों को राहत 

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केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने ऐसे मान्यता प्राप्त स्कूलों के छात्रों के लिये विशेष सुविधा के तौर पर डिजिटल प्रमाणपत्र एवं अंकतालिकायें देने का निर्णय लिया है जिनकी बोर्ड परीक्षाओं के कागजात जैसे अंकतालिकायें, स्थानान्तरण प्रमाण पत्र, उत्तीर्ण होने का प्रमाण पत्र केरल की बाढ़ में या तो बह गये हैं या फिर क्षतिग्रस्त हो गये हैं।

परिणाम मंजूषा/डिजिलॉकर के जरिये प्रदत्त डिजिटल शैक्षिक दस्तावेज सीबीएसई के परीक्षा नियंत्रक द्वारा डिजिटल हस्ताक्षरित हैं जो कि उन्हें आईटी कानून के मुताबिक वैध डिजिटल दस्तावेज का दर्जा प्रदान करते हैं।

केरल की बाढ़ ने पूरे राज्य में तबाही ला दी। बाढ़ की वजह से 400 से अधिक लोगों को अपनी जानें गंवानी पड़ीं और हजारों लोग बेघर हो गए। बाढ़ की वजह से इसी साल बोर्ड परीक्षा पास करने वाले तमाम बच्चों को भी मुश्किल उठानी पड़ी। दरअसल बाढ़ की वजह से कई घर डूब गए तो अधिकतर घरों में पानी भर गया। इससे बच्चों के मार्कशीट और सर्टिफिकेट भी खराब हो गए। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने ऐसे मान्यता प्राप्त स्कूलों के छात्रों के लिये विशेष सुविधा के तौर पर डिजिटल प्रमाणपत्र एवं अंकतालिकायें देने का निर्णय लिया है जिनकी बोर्ड परीक्षाओं के कागजात जैसे अंकतालिकायें, स्थानान्तरण प्रमाण पत्र, उत्तीर्ण होने का प्रमाण पत्र केरल की बाढ़ में या तो बह गये हैं या फिर क्षतिग्रस्त हो गये हैं।

केरल में 1,300 से ज्यादा विद्यालय सीबीएसई से मान्यता प्राप्त हैं। बोर्ड परीक्षा के शैक्षिक दस्तावेज उच्च शिक्षा में प्रवेश या फिर रोजगार इत्यादि के लिये महत्वपूर्ण होते हैं। सीबीएसई ने एनईजीडी के तकनीकी सहयोग से परिणाम मंजूषा नाम का अपने प्रकार का पहला डिजिटल शैक्षिक दस्तावेजों का कोष तैयार किया है। इस शैक्षिक कोष को डिजिलाकर के साथ एकीकृत किया गया है।

परिणाम मंजूषा/डिजिलॉकर के जरिये प्रदत्त डिजिटल शैक्षिक दस्तावेज सीबीएसई के परीक्षा नियंत्रक द्वारा डिजिटल हस्ताक्षरित हैं जो कि उन्हें आईटी कानून के मुताबिक वैध डिजिटल दस्तावेज का दर्जा प्रदान करते हैं। इन दस्तावेजों में पीकेआई पर आधारित क्यूआर कोड भी हैं और इनकी प्रामाणिकता को डिजिलाकर एप्प के जरिये जांचा जा सकता है। सीबीएसई के शैक्षिक कोष परिणाम मंजूषा से अंकतालिका/स्थानान्तरण प्रमाणपत्र/उत्तीर्ण होने का प्रमाण पत्र किस तरह प्राप्त करें:

1. छात्र परिणाम मंजूषा की वेबसाइट https://cbse.digitallocker.gov.in पर जाकर परिणाम घोषित किये जाने के समय उनके पंजीकृत मोबाइल नंबर पर भेजे गये लाग इन आईडी और पासवर्ड के जरिये अपने शैक्षिक दस्तावेज डाउनलोड कर सकते हैं।

2. छात्रों को दोबारा सुविधा देने के लिये सीबीएसई 2016-2018 सत्र के लिये छात्रों को उनके दसवीं और बारहवीं कक्षा के लिये दी गयी सूचना में प्रदत्त मोबाइल नंबरों पर परिणाम मंजूषा और डिजिलाकर के लिये दोबारा से लाग इन और पासवर्ड भेजेगी।

3. 2004-2015 और 2016-2018 के ऐसे छात्रों के लिये जिन्होंने अपना मोबाइल नंबर कक्षा 10 और 12 की जानकारी देने के दौरान नहीं दिया था या फिर जिनका नंबर बदल गया है।

(i) ऐसे छात्र परिणाम मंजूषा वेबसाइट https://cbse.digitallocker.gov.in पर जाकर अपना आधार नंबर अपने खातों के साथ जोड़ सकते हैं और अपना अनुक्रमांक, कक्षा और परीक्षा का वर्ष प्रदान कर डिजिटल शैक्षिक दस्तावेज प्राप्त कर सकते हैं।

(ii) जिन छात्रों के पास आधार नहीं है और जिन्हें अपना अनुक्रमांक भी याद नहीं है ऐसे छात्र या तो सीधे या फिर संबंधियों के जरिये सीधे विद्यालय से संपर्क कर परिणाम मंजूषा और डिजिटल लाकर के लाग इन आईडी और पासवर्ड प्राप्त करने के लिये पंजीकृत कर सकते हैं। सीबीएसई की वेबसाइट पर ऐसे छात्रों को दर्ज करने के लिये स्कूलों के लिये एक लिंक दिया गया है।

यदि किसी छात्र को उसके दस्तावेजों में कोई गलती मिलती है तो वे तत्काल अपना अनुक्रमांक, नाम, कक्षा और वर्ष उपलब्ध कराकर तिरुवनंतपुरम स्थित सीबीएसई के क्षेत्रीय कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं। परिणाम मंजूषा और डिजिलाकर में कोई मुश्किल पेश आने पर छात्र अपना अनुक्रमांक, नाम, कक्षा और परीक्षा का वर्ष देकर support@digitallocker.gov.in ईमेल भेज सकते हैं।

मान्यता प्राप्त करने की प्रक्रिया में सहायता के लिये: इसके अतिरिक्त यह भी तय किया गया है कि मान्यता प्राप्त करने के सभी आवेदन और उन्नतीकरण की सभी प्रक्रियाओं पर तुरंत ही कार्यवाही की जायेगी बशर्ते संबंधित विद्यालय पिछले पांच वर्षों से संचालित हो रहा हो और उसके विरुद्ध कोई शिकायत लंबित ना हो। केरल के विद्यालयों के लिये ऑनलाइन मान्यता प्राप्त विद्यालय सूचना प्रणाली (ओएएसआईएस) में सूचना प्रदान करने की अंतिम तारीख को 30 सितंबर 2018 तक बढ़ा दिया गया है।

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