स्वभाव में विद्रोही, विचारों में खुलापन पर ‘सपना भावनानी’ का दिल है कोमल

पेशे से हेयर स्टाइलिश हैं ‘सपना भावनानी’प्रियंका, धोनी और रनवीर हैं सपना के ग्राहक‘Mad o wat’ की संस्थापक हैं ‘सपना भावनानी’महिलाओं और बच्चों की मदद के लिए रहती हैं आगे

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दूसरों से अलग दिखना, क्या खूबसूरती है। छोटे बाल, शरीर में टैटू सपना भावनानी की पहचान भी यही है और यही चीज उनको दूसरो से अलग और खूबसूरत बनाती है। सपना हंसमुख, प्रतिभावान, दूसरों से निराली हैं उनका वर्णन करने के लिए कोई एक शब्द नहीं है। सपना ने तीसरी क्लास तक अपनी पढ़ाई ब्रीच कैंडी स्कूल की। इसके बाद वो बांद्रा में रहने के लिए आ गई। सपना का कहना है कि 70 के दशक में ब्रांदा काफी अच्छी जगह थी और वो यहीं रहकर बड़ी हुईं। पुरानी यादों में खोते हुए वो बताती है कि वो यहां की गलियों में साइकिल से घूमती थीं।

फोटो क्रेडिट- मनुस्का खिस्ती
फोटो क्रेडिट- मनुस्का खिस्ती

सपना बचपन से ही स्वच्छंद विचारों की थी। वो अपने बालों को छोटा रखती थी, शॉर्ट स्कर्ट पहनती थी, सिगरेट पीती थी और उनको लड़कों से दोस्ती ज्यादा पसंद थी। वो ऐसा कुछ करती थी जो दूसरे लोग करने की हिम्मत भी नहीं जुटा पाते थे। यही उनकी यात्रा की शुरूआत थी जब उन्होने अपने आप को तलाशना शुरू किया। उन्होने दुनिया की परवाह किये बगैर अपने व्यक्तिगत विकास पर ध्यान दिया। लड़कियों के स्कूल में पढ़ने वाली सपना की लड़कों के साथ काफी गहरी दोस्ती थीं वो बताती हैं कि लड़कों ने ही उनको मोटरसाइकिल चलाना सीखाया। जिस वजह से वो अपने आप को बेहतर तरीके से जान पाईँ।

सपना का कहना है कि जिंदगी कुछ नहीं सिर्फ एक कहानी है। वो अपनी दादी से काफी प्रभावित थीं। जिन्होने कहानी के महत्व पर बल दिया। वो अक्सर सपना को कहानियां सुनाया करती थीं। हालांकि सपना ये नहीं जानती थी कि वो सच्ची कहानियां थीं भी या नहीं लेकिन वो काफी अद्भुत होती थी। उनमें से कई कहानियां आज तक उनको याद हैं। सपना बताती हैं कि उनकी दादी कहा करती थी अगर कभी तुम मां बनना चाहोगी तो तुम्हारे पास बताने के लिए ढेर सारी कहानियां होनी चाहिए। वो जो भी बताती थी वो काफी नाटकीय और रोमांचक होता था। वो अपनी जिंदगी को एक मजेदार कहानी में बदलना चाहती थी और उसी का अंश आज सपना की जिंदगी में भी दिखाई देता है। सपना के शरीर में बने टैटू खुद कहानी बयां करते हैं।

फोटो क्रेडिट - जॉय दत्ता
फोटो क्रेडिट - जॉय दत्ता

सपना की जिंदगी में अचानक मोड़ तब आया जब 1989 में उनके पिता का निधन हो गया और सपना को उनकी आंटी के पास अमेरिका रहने के लिए भेज दिया गया। क्योंकि उनकी मां के लिए अपने अक्खड़ बच्चे को संभालना और उसको बड़ा करना काफी मुश्किल था। इसलिए लोगों ने भी मान लिया कि 14 साल तक अमेरिका में रहने के कारण वो स्वच्छंद विचारों की हो गई हैं। जबकि ये असल सच्चाई नहीं थी। सपना बताती है कि वो शिकॉगो में रहीं जहां पर उनका सामना कई नई नई चीजों से हुआ लेकिन उनमें कोई बदलाव नहीं आया। व्याकुल और बेफ्रिक रहने वाली सपना ने वहां फैशन की पढ़ाई की और मुंबई लौटने से पहले उन्होने अमेरिका में एक स्टाइलिस्ट के रूप में काम किया।

सपना का कहना है कि जब वो मुंबई लौटी तो उस वक्त फैशन स्टाइल कोई लाभदायक क्षेत्र नहीं था। वो इस बात से अनभिज्ञ थी कि उनको करना क्या है। लेकिन तभी उनको एक विचार आया बालों को लेकर। वो बचपन से ही बालों पर कई तरह के तजुर्बे करती थीं बिना किसी ट्रेनिंग के और तब से वो हेयर स्टाइलिश बनना चाहती थीं। इसके बाद सपना ने देश की जानी मानी हेयर स्टाइलिश अधुना अख्तर से ट्रेनिंग ली।

एक दिन अधुना ने फैसला लिया कि सभी स्टाइलिस्ट को एक खास तरह की वर्दी पहननी जरूरी है ये बात सपना के विचारों से मेल नहीं खाती थी और उन्होने वर्दी नहीं पहनी। बस यहीं से ‘Mad o wat’ की शुरूआत हो गई। सपना का मानना है कि रचनात्मक कामों के लिए ऐसी चीजों का करना जरूरी नहीं है।

आज सपना देश में सबसे लोकप्रिय हेयर स्टाइलिस्टों में से एक हैं। तभी तो महेंद्र सिंह धोनी, प्रियंका चोपड़ा, रनवीर सिंह और दूसरे कई बड़े लोग उनके पास आते हैं। सोने का दिल रखनी वाली सपना का कहना है कि अपने आप के प्रति ईमानदार रहना चाहिए। वो महिला सशक्तिकरण से जुड़ी योजनाओं पर काम करती हैं। वो देश भर की महिलाओं और बच्चों के उत्थान के लिए निरंतर जुटी रहती हैं।

सपना ‘Sheroes’ का हिस्सा है। ये संगठन एसिड हमले के शिकार महिलाओं के लिए काम करता है। ‘Sheroes’ की शुरूआत सपना के एक दोस्त आलोक दीक्षित ने की। सपना ने महाराष्ट्र के एक गांव को भी गोद लिया है। जहां पर वो बच्चों का स्कूल चलाती हैं और महिला सशक्तिकरण से जुड़े कई कार्यक्रम चलाती हैं। अब वो जल्द ही ‘I have a Dream’ नाम से एक अभियान चलाने वाली हैं। ये अभियान का मुख्य उद्देश्य एसिड हमले की शिकार महिलाओं को अपने पैरों पर खड़ा कर स्वावलंबी बनाना है। ताकि वो अपनी जिंदगी बिना दूसरों की मदद से इज्जत के साथ जी सकें।

सपना का मानना है कि कई बार किसी की ड्रेसिंग या उसका व्यवहार उस इंसान को परिभाषित नहीं कर सकता। साथ ही उनका मानना है कि विद्रोही स्वभाव का होना और मनमर्जी का होना इन दोनों चीजों में अंतर होता है। जिसको समझने में लोग अक्सर गलती कर बैठते हैं। सपना का कहना है कि दूसरों के लिए अपना दिल खोल कर रखना चाहिए। वो नियमित तौर पर योग करती हैं उनका मानना है कि योग का उनकी जिंदगी पर काफी गहरा असर हुआ है। इसलिए वो आज जो हैं वो योग के कारण ही हैं। उनका कहना है कि हमें अच्छा काम करें जिसका फल भी अच्छा ही होता है। अगर हमें प्यार और शांति की खोज करनी है तो सबसे पहले हमें अपने अंदर झांकना चाहिए उसके बाद ही दुनिया को देखना चाहिए। सपना बुल्ले शाह का उद्धरण करते हुए कहती हैं कि “जो ना जाने, हक की ताकत, रब ना देवे उसको हिम्मत, रब ना देवे उसको हिम्मत”।

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