महिला संस्थापकों की मदद के लिए आगे आया ऐप्पल, शुरू किया ऐप डेवलपमेंट प्रोग्राम

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 ऐप्पल ने महिलाओं द्वारा लीड किए जा रहे और उनके द्वारा स्थापित संगठनों को सपोर्ट करने के लिए एक ऐप डेवलपमेंट प्रोग्राम शुरू किया है। ऐप्पल का मानना है कि "ऐप्स सभी के लिए हैं और हर किसी के लिए इन्हें बनाना चाहिए।" 

सांकेतिक तस्वीर
सांकेतिक तस्वीर
जब पुरुष और महिला दोनों उद्यमी की सफलता की बात आती है, तो 16 संभावित बाधाओं में से महिला उद्यमी को 15 बाधाओं का सामना करने की संभावना रहती है। यह आंकड़ा बहुत कुछ कह रहा है। 

ऐप्पल ने महिलाओं द्वारा लीड किए जा रहे और उनके द्वारा स्थापित संगठनों को सपोर्ट करने के लिए एक ऐप डेवलपमेंट प्रोग्राम शुरू किया है। ऐप्पल का मानना है कि "ऐप्स सभी के लिए हैं और हर किसी के लिए इन्हें बनाना चाहिए"। कंपनी ने ऐप्पल उद्यमी शिविर लॉन्च किया है जिसमें महिला ऐप डेवलपर्स जो खुद उद्यमी भी हैं उनके लिए इमर्सिव टेक्नोलॉजी लैब से लेकर काफी कुछ प्रदान किया जाएगा। ऐप्पल का दावा है ये इस तरह की पहली पहल है। कंपनी का कहना है कि इस प्रौद्योगिकी प्रयोगशाला को महिलाओं के स्वामित्व वाले या नेतृत्व वाले ऐप-संचालित व्यवसायों के लिए नए अवसर बनाने के लिए डिजाइन किया गया है।

उद्यमी शिविर का तिमाही सत्र 20 ऐप कंपनियों के एक समूह के साथ शुरू होगा। जनवरी में शुरू होने वाले इस पायलट प्रोजेक्ट के पास शुरू में 10 कंपनियों का समूह होगा। ऐप-संचालित व्यवसायों के लिए योग्यता मानदंड यह है कि वे संगठन महिला द्वारा स्थापित या सह-स्थापित किए गए हों या उनके डेवलपमेंट टीम में कम से कम एक महिला हो।

एक प्रेस विज्ञप्ति में, सीईओ टिम कुक ने कहा, "ऐप्पल अधिक से अधिक महिलाओं को तकनीकी क्षेत्र में और परे अलग नेतृत्व की भूमिका निभाने में मदद करने के लिए प्रतिबद्ध है। हमें ऐप्पल डेवलपमेंट कम्युनिटी में नए ऐप्पल उद्यमी शिविर के साथ महिला नेतृत्व बढ़ाने में मदद करने पर गर्व है, और हम अब तक हुए इस अविश्वसनीय काम और आने वाले समय में इसके परिणाम को लेकर खुश हैं।" कंपनी के मुताबिक, आवेदकों का चयन करने के बाद, वे दो सप्ताह के इमर्सिव कार्यक्रम के लिए ऐप्पल के क्यूपर्टिनो परिसर में तीन लोगों को भेज सकते हैं। जहां उन्हें इंजीनियरों के साथ वन-ऑन-वन कोड-लेवल सहायता से लेकर डिजाइन, तकनीक, मार्केटिंग जैसे अन्य सेसन भी शामिल होंगे।

इल्यूमिनेट वेंचर्स द्वारा किए गए एक अध्ययन के मुताबिक उधम पूंजी बाजार (Venture Capital Firm) के प्रारंभिक चरण से पता चलता है कि जब पुरुष और महिला दोनों उद्यमी की सफलता की बात आती है, तो 16 संभावित बाधाओं में से महिला उद्यमी को 15 बाधाओं का सामना करने की संभावना रहती है। यह आंकड़ा बहुत कुछ कह रहा है। लिंग पूर्वाग्रह को देखते हुए, वीसी फंडिंग की कमी के चलते महिला उद्यमी को इस खेल के मैदान में जीवित रहने के लिए कड़ी मेहनत करनी पड़ रही है।

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