नरेंद्र मोदी विश्व के दस सबसे ताकतवर व्यक्तियों में शुमार

दुनिया की प्रमुख मैगजीन फोर्ब्‍स ने मोदी को टॉप 10 ताकतवर लोगों की लिस्‍ट में नौवें नंबर पर जगह दी है। रूस के राष्ट्रपति ब्लादिमीर पुतिन को लगातार चौथी बार इस सूची में शीर्ष स्थान पर रखा गया है।

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विश्व के सबसे ताकतवर 74 लोगों की सूची में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नौवें स्थान पर हैं। प्रतिष्ठित फोर्ब्स पत्रिका ने मोदी को विश्व के दस सबसे ताकतवर लोगों की सूची में शामिल किया है। रूस के राष्ट्रपति ब्लादिमीर पुतिन को लगातार चौथी बार इस सूची में शीर्ष स्थान पर रखा गया है, वहीं अमेरिका के निर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का क्रम उनके बाद आता है।

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मोदी के बारे में पत्रिका ने लिखा है कि भारत के प्रधानमंत्री के पहले साल के कार्यकाल में सकल घरेलू उत्पाद की वृद्धि दर 7.4 फीसदी रही। बराक ओबामा और शी जिनपिंग के साथ अपनी आधिकारिक यात्राओं के दौरान उन्होंने वैश्विक नेता के रूप में अपना कद बढ़ाया है। सूची में रिलायंस इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष मुकेश अंबानी को 38वें स्थान पर रखा गया है। माइक्रोसॉफ्ट के भारतवंशी सीईओ सत्या नडेला को सूची में 51वां स्थान मिला है।

हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘टाइम पर्सन ऑफ दी ईयर, 2016’ के लिए ऑनलाइन रीडर्स सर्वेक्षण भी जीत है। जिसमें उन्होंने अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, वर्तमान अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा और रूसी राष्ट्रपति ब्लादिमीर पुतिन को पीछे छोड़ दिया था।

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उधर दूसरी तरफ, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 1000 रूपये और 500 रूपये के पुराने नोट चलन से बाहर करने के निर्णय की अपने कैबिनेट सहयोगियों के साथ समीक्षा की और व्यापक नकद रहित लेनदेन सक्षम बनाने के लिए डिजिटलीकरण को गति देने के तरीकों पर चर्चा की। प्रधानमंत्री मोदी ने शाम को यहां केंद्रीय कैबिनेट की बैठक समाप्त होने के बाद गत महीने घोषित कदम पर मंत्रियों के साथ चर्चा शुरू की। यह चूंकि एजेंडा में नहीं था, इस मुद्दे को कैबिनेट की बैठक समाप्त होने के बाद चर्चा के लिए लिया गया।

केंद्र की 30 दिसम्बर की समयसीमा नजदीक आने के मद्देनजर यह बैठक महत्व रखती है जब तक लोग अपने पुराने नोट जमा करा सकते हैं। ऐसा इसलिए कि सरकार विभिन्न तरीकों से बड़ी संख्या में नकद रहित लेनदेन सक्षम बनाने के लिए डिजिटलीकरण में सुधार पर जोर दे रही है। सूत्रों ने बताया कि बैठक का मुख्य जोर डिजिटलीकरण पर रहा। सूत्रों ने बताया कि डिजिटल वालेट सेवा जैसे मुद्दे भी चर्चा के लिए लिये गए। सरकार इस डिजिटल भुगतान तरीके के दायरे को विस्तारित करना चाहती है ताकि ये मेट्रो स्टेशन और पेट्रोल पंप जैसे अधिक स्थानों पर स्वीकार किये जा सकें। भारत को बिना नकदी वाली अर्थव्यवस्था में तब्दील करने के तरीकों का अध्ययन करने के लिए सचिवों की तीन सदस्यीय समिति पहले ही गठित की जा चुकी है।

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