मिलिए 15 साल के भारतीय शूटर से जिसने कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड जीतकर बनाया नया रिकॉर्ड

कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड जीतकर रिकॉर्ड बनाने वाला 15 साल का भारतीय शूटर...

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अनीश की उम्र सिर्फ 15 साल है और वह वर्ल्ड जूनियर चैंपियनशिप समेत कई प्रतियोगिताओं में पदक जीत चुका है। अनीश को पूर्व भारतीय शूटर जसपाल राणा ने ट्रेनिंग दी है। मेक्सिको में आयोजित हुए ISSF वर्ल्ड कप कप और सिडनी में जूनियर वर्ल्ड कप में भी अनीश ने ख्याति हासिल की।

अनीश भानवाला (फोटो साभार- एचटी मीडिया)
अनीश भानवाला (फोटो साभार- एचटी मीडिया)
कॉमनवेल्थ गेम्स के बाद अनीश का लक्ष्य एशियाई खेलों और वर्ल्ड चैंपियनशिप है। इसमें भी वह गोल्ड मेडल की उम्मीद के साथ हिस्सा लेंगे। अनीश अब 10वीं की परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं। सीबीएसई ने अनीश के लिए अलग से परीक्षा की व्यवस्था की है। 

हाल ही में ऑस्ट्रेलिया के गोल्ड कॉस्ट में संपन्न हुए कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत के शूटर अनीश भानवाला ने सबसे कम उम्र में गोल्ड मेडल हासिल कर रिकॉर्ड बना दिया। अनीश ने 23 मीटर फायर पिस्टल कॉम्पिटिशन में गोल्ड जीता। गोल्ड मेडल जीतने के साथ ही उन्होंने कॉमनवेल्थ गेम्स का नया रेकॉर्ड भी बनाया। भारत के सबसे युवा निशानेबाज अनीश ने फाइनल में कुल 30 अंक हासिल किए थे। उन्होंने 2014 में ग्लॉस्गो में आयोजित 20वें कॉमनवेल्थ गेम्स में ऑस्ट्रेलिया के डेविड चापमान का रेकॉर्ड तोड़ा।

अनीश ने ऑस्ट्रेलिया के सेरेगी इवगलेवस्की से दो अंक ज्यादा हासिल किए। वहीं इंग्लैंड के सैम गोविन को इस प्रतिस्पर्धा में ब्रॉन्ज मिला। एक और भारतीय शूटर नीरज कुमार टूर्नामेंट में 13 अंक के साथ पांचवें नंबर पर रहे। हालांकि अनीश को नहीं पता था कि उन्होंने गोल्ड जीतने के साथ ही विश्व रिकॉर्ड भी ध्वस्त किया है। उन्होंने कहा, ‘फाइनल में मुझे यह पता था कि मैंने गोल्ड मेडल जीता है, लेकिन मुझे यह नहीं पता था कि मैंने इस स्पर्धा में कॉमनवेल्थ गेम्स का रेकॉर्ड तोड़ा है। इस बात को जानकर मुझे और भी खुशी हुई थी।’

अनीश ने फाइनल में पहुंचने के बाद की स्थिति के बारे में अपने अनुभव साझा करते हुए कहा, ‘मुझे ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के अनुभवी निशानेबाजों के साथ स्पर्धा करते हुए किसी प्रकार का डर महसूस नहीं हुआ। मैं ऐसा पहले भी कर चुका हूं। इसलिए, मुझे काफी आत्मविश्वास था। मुझे यह पता था कि अगर मैं गोल्ड मेडल जीता, तो इसे जीतने वाला सबसे युवा निशानेबाज बन जाऊंगा।’

अनीश की उम्र सिर्फ 15 साल है और वह वर्ल्ड जूनियर चैंपियनशिप समेत कई प्रतियोगिताओं में पदक जीत चुका है। अनीश को पूर्व भारतीय शूटर जसपाल राणा ने ट्रेनिंग दी है। मेक्सिको में आयोजित हुए ISSF वर्ल्ड कप कप और सिडनी में जूनियर वर्ल्ड कप में भी अनीश ने ख्याति हासिल की। कॉमनवेल्थ गेम्स में स्वर्ण पदक की खुशी को जाहिर करते हुए अनीश ने कहा, 'मुझे सच में बहुत खुशी हुई। जिस लक्ष्य को लेकर मैंने कॉमनवेल्थ गेम्स में कदम रखा था, उसे पूरा कर लिया।'

कॉमनवेल्थ गेम्स के बाद अनीश का लक्ष्य एशियाई खेलों और वर्ल्ड चैंपियनशिप है। इसमें भी वह गोल्ड मेडल की उम्मीद के साथ हिस्सा लेंगे। अनीश अब 10वीं की परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं। सीबीएसई ने अनीश के लिए अलग से परीक्षा की व्यवस्था की है। इसमें उन्हें हिन्दी, सामाजिक विज्ञान और गणित की परीक्षा देनी है। इसके बारे में 15 वर्षीय निशानेबाज ने कहा, ‘तीन दिन की बात है। इनके खत्म होने के बाद मैं अपनी निशानेबाजी में फिर से ध्यान केंद्रित कर पाऊंगा। मुझे खुशी है कि सीबीएसई ने मुझ पर जो भरोसा दिखाया उस पर मैं खरा उतरा। यह अच्छा लग रहा है कि उन्होंने मेरे लिए बहुत बड़ा फैसला किया।'

अनीश ने कहा, 'हरियाणा में तीन से पांच मीटर का भी कोई शूटिंग रेंज नहीं है। ऐसे में हरियाणा के सभी निशानेबाज दिल्ली में अभ्यास करते हैं। अगर ऐसा होता है, तो हमें भी और हमारे माता-पिता को भी इतनी भाग-दौड़ नहीं करनी पड़ेगी।' अनीश की बहन मुस्कान भी निशानेबाज हैं। उन्होंने ISSF वर्ल्ड कप में गोल्ड जीता था। अपनी बहन के साथ अधिक से अधिक पदक की लड़ाई करना अनीश को अच्छा लगता है। इस बार कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत को 14 गोल्ड, 6 सिल्वर और 9 ब्रॉन्ज समेत कुल 29 मेडल हासिल हुए। इस प्रतियोगिता में 71 देशों ने हिस्सा लिया था। 

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