बिना एक रुपए खर्च किए 11 राज्यों में घूम डालने वाले विमल

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विमल कुमार, इंजीनियरिंग ड्रॉपआउट, एक कवि, एक संगीतकार, एक हिचहाइकर, एक बहुभाषी, जो पांच भाषाएं बोल सकते हैं, ने वो कारनामा कर दिखाया है जो कईयों के लिए ख्वाब हो सकता है। एक साल पहले, 1 जुलाई 2016 को, उन्होंने एक अनूठी यात्रा शुरू की। उन्होंने भारत के 11 राज्यों में यात्रा कर डाली, वो भी बिना अपनी को जेब हल्का किए। 

साभार: फेसबुक/ इंस्पायरिंग वैंडरर
साभार: फेसबुक/ इंस्पायरिंग वैंडरर
विमल ने एक रुपये खर्च किए बिना पूरे भारत में यात्रा करने का सपना देखा था। विमल ने मोटरसाइकिल, कार, बस, ट्रक, हर साधन से यात्रा की। विमल के मुताबिक, मुझे लोगों में बहुत विश्वास था। मैं भी व्यक्ति के रूप में अपने आप में विश्वास करता हूं। इसलिए मैंने इसे इस यात्रा के दौरान एक रुपया खर्च नहीं करने को एक चुनौती के रूप में लिया।

विमल के मुताबिक, मैं मानवता में विश्वास करता हूं और यह यात्रा उसके बारे में एक प्रमाण है। मैंने लोगों को अपने स्थान के बारे में बताने के लिए सोशल मीडिया के माध्यम से सहायता मांगी ताकि वे मेरी मदद करें और आश्रय प्रदान करें। उनमें से कई ने मेरी पोस्ट देखी और महान आतिथ्य दिखाया।

विमल कुमार, इंजीनियरिंग ड्रॉपआउट, एक कवि, एक संगीतकार, एक हिचहाइकर, एक बहुभाषी, जो पांच भाषाएं बोल सकते हैं, ने वो कारनामा कर दिखाया है जो कईयों के लिए ख्वाब हो सकता है। एक साल पहले, 1 जुलाई 2016 को, उन्होंने एक अनूठी यात्रा शुरू की। उन्होंने भारत के 11 राज्यों में यात्रा कर डाली, वो भी बिना अपनी जेब हल्का किए। विमल ने एक रुपये खर्च किए बिना पूरे भारत में यात्रा करने का सपना देखा था। विमल ने मोटरसाइकिल, कार, बस, ट्रक, हर साधन से यात्रा की। विमल के मुताबिक, मुझे लोगों में बहुत विश्वास था। मैं भी व्यक्ति के रूप में अपने आप में विश्वास करता हूं। इसलिए मैंने इसे इस यात्रा के दौरान एक रुपया खर्च नहीं करने को एक चुनौती के रूप में लिया। मैंने टिकट के बिना यात्रा करने के लिए अपना प्लान निर्धारित किया था। मैंने वास्तव में पूरे देश का दौरा करने की योजना बनाई थी लेकिन मेरे परिवार को अनंतपुर से बेंगलुरु जाने की जरूरत थी, इसलिए मुझे अपनी यात्रा को समाप्त करना पड़ा।

एक ऐसी घटना जिसने अपनी यात्रा की योजना को बल मिला। वह ट्रक चालक के साथ एक बैठक थी। विमल ने न्यूज मिनट को बताया, रमजान के दौरान अनंतपुर से बेंगलुरु की यात्रा करते समय मैं असगर नामक एक ट्रक ड्राइवर से मिला। वह एक ट्रक चालक और साथ ही एक समाचार सप्लायर थे। वह मूल रूप से सड़क दुर्घटनाओं के फुटेज को शूट करते थे और उन्हें समाचार संगठनों को भेजते थे। मुझे ऐसे किसी पेशे के बारे में कभी नहीं पता था, उन्होंने मुझे लिफ्ट भी दिया। जब उन्होंने महसूस किया कि मैंने खाना नहीं खाया, तो उन्होंने अपना खाना दे दिया, भले ही इसके बाद वो खुद उपवास कर रहे थे।

साभार: फेसबुक/ इंस्पायरिंग वैंडरर
साभार: फेसबुक/ इंस्पायरिंग वैंडरर

मैं मानवता में विश्वास करता हूं और यह यात्रा उसके बारे में एक प्रमाण है। मैंने लोगों को अपने स्थान के बारे में बताने के लिए सोशल मीडिया के माध्यम से सहायता मांगी ताकि वे मेरी मदद करें और आश्रय प्रदान करें। उनमें से कई ने मेरी पोस्ट देखी और महान आतिथ्य दिखाया। मैं केरल के लिए अपनी यात्रा को नहीं भूल सकता। मुन्नार में, मैंने एक छोटे से गांव का दौरा किया था। एक परिवार ने मुझे आश्रय प्रदान किया और मुझे खाना दिया। वहां सिर्फ एक खाट के साथ एक छोटी सी झोपड़ी थी। उन्होंने मुझे खाट दी और वो लोग खुद फर्श पर सोए। मैं उन्हें कभी नहीं भूल सकता। उस वक्त मैंने अपनी जिंदगी की सबसे अच्छी मछली करी खाई थी।

साभार: फेसबुक/ इंस्पायरिंग वैंडरर
साभार: फेसबुक/ इंस्पायरिंग वैंडरर

यात्रा के पहले चरण में विमल अनंतपुर से बेंगलुरु गए और फिर दक्षिण भारत के सभी हिस्सों को कवर किया। बाद में, उन्होंने महाराष्ट्र की यात्रा की और वहां से असम, मेघालय और नागालैंड का दौरा किया और अंत में मार्च में कोलकाता में उनकी यात्रा संपन्न हुई। विमल के मुताबिक, मेरे लिए कोई योजनाबद्ध गंतव्य नहीं था। मेरी मां जानती थीं कि वह मुझे रोक नहीं सकती थीं। उन्होंने मुझसे कहा कि मैं अपने ठिकाने के बारे में लगातार अपडेट करने का वादा करूं। जिन्होंने इस यात्रा में मेरी जगह मेरी मदद की, उनके प्यार और मदद के बिना, मैं अपनी यात्रा समाप्त नहीं कर सकता था। 

अब विमल एक सामाजिक उद्यम स्थापित करने की योजना बना रहे हैं, जो यौन श्रमिकों की चिंताओं की आवाज उठाने और मानव तस्करी को कम करने के लिए काम करेगा। कोलकाता के एक रेडलाइट इलाके में उनकी यात्रा ने उन्हें इस उद्यम की स्थापना के लिए प्रेरित किया। विमल के मुताबिक, मैंने वहां बहुत शोषण और दुरुपयोग देखा। इस बात ने मुझे बहुत परेशान किया। इसलिए, मैंने एक ऐसे संगठन की स्थापना के बारे में सोचा था जो उनके मुद्दों के बारे में बात करेंगे, उन्हें जिम्मेदार लोगों तक पहुंचाएंगे।

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