महिला IAS के दबदबे से हिला बालू सिंडिकेट 

धड़ल्ले से अवैध बालू खनन वालों पर भारी पड़ी ये महिला IAS...

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जाधव विजय नारायण राव झारखंड कैडर के वर्ष 2015 बैच की महिला आइएएस अफसर हैं। किसी के दबाव में न आते हुए उनकी कार्रवाई से बिहार और झारखंड बालू माफिया में इन दिनो हड़कंप मचा हुआ है। अब कयास लगाए जा रहे हैं कि उनकी ईमानदारी को दोनो राज्यों की सरकारें कितने समय तक बर्दाश्त कर पाती हैं!

जाधव विजय नारायण राव इस समय झारखंड के गिरिडीह (रांची) इलाके में एसडीएम की कमान संभाले हुए हैं। अब तक उनके पद पर इस क्षेत्र में जो अफसर रहा है, उसके काम-काज पर तो टिप्पणी करना ठीक नहीं, लेकिन जाधव के काम करने के तौर-तरीकों ने उन माफिया तत्वों में खलबली मचा दी है, जो हर साल करोड़ों रुपए का धड़ल्ले से अवैध बालू खनन करते आ रहे थे।

"लीज के नियमों का सरेआम उल्लंघन किया जा रहा है। पुल के नीचे से बालू का उत्खनन किया जा रहा है। मजदूरों के बजाय जेसीबी से ट्रकों में लोड कर बालू को बिहार भेजा जा रहा है।"

जाधव विजय नारायण राव झारखंड कैडर के वर्ष 2015 बैच की महिला आइएएस अफसर हैं। किसी के दबाव में न आते हुए उनकी कार्रवाई से बिहार और झारखंड बालू माफिया में इन दिनो हड़कंप मचा हुआ है। अब कयास लगाए जा रहे हैं कि उनकी ईमानदारी को दोनो राज्यों की सरकारें कितने समय तक बर्दाश्त कर पाती हैं! प्रशासन के शीर्ष पदों पर बैठे अधिकारियों में किसी-किसी की सक्रियता, उसके काम करने का तरीका उसे आम आदमी के बीच अचानक इतना लोकप्रिय बना देता है कि उससे लोग वो सारी उम्मीदें करने लगते हैं, जो अपने प्रशासक से करना जायज होता है।

और यह विशेष योग्यता यदि किसी महिला अफसर में हो, फिर चर्चाओं के मानो पंख से लग जाते हैं। ऐसी ही एक महिला आइएएस अफसर हैं झारखंड कैडर के वर्ष 2015 बैच के छह आईएएस अफसरों में एक जाधव विजय नारायण राव। जाधव इस समय झारखंड के गिरिडीह (रांची) इलाके में एसडीएम की कमान संभाले हुए हैं। अब तक उनके पद पर इस क्षेत्र में जो अफसर रहा है, उसके काम-काज पर तो टिप्पणी करना ठीक नहीं, लेकिन जाधव के काम करने के तौर-तरीकों ने उन माफिया तत्वों में खलबली मचा दी है, जो हर साल करोड़ों रुपए का धड़ल्ले से अवैध बालू खनन करते आ रहे थे। ऐसे में ये सवाल भी चर्चाओं में हैं कि राज्य सरकार बालू माफिया का दबाव झेलते हुए आखिर जाधव को कितने दिनों तक गिरिडीह के एसडीएम की कुर्सी में सलामत रहने देती है।

जाधव 28-29 नवंबर की देर रात छापा मारने के लिए अचानक बिरनी सीमा पर स्थित बालूघाट पहुंच जाती हैं। अकेले नहीं, उनके साथ सरिया थाना प्रभारी सोनू चौधरी, बिरनी के एएसआई लक्ष्मेश्वर चौधरी सहित करीब 40 जवान भी। उस वक्त घाट पर सवा सौ ट्रक अवैध बालू लदान के लिए खड़े मिलते हैं। सभी ट्रकों पर बिहार के नंबर पड़े हैं। गौरतलब है कि उनमें एक भी ट्रक झारखंड का नहीं, सभी बिहार के लखीसराय, गया, जहानाबाद, औरंगाबाद, मुंगेर आदि जिलों के। इस बीच भनक लगते ही बालू घाट का संचालक प्रदीप साव कुछ ट्रक चालकों के साथ भाग निकलता है। अब शुरू होती है जाधव के निर्देश में धर-पकड़ की कार्रवाई। मौके पर चारो ओर खलबली मच जाती है।

इसी बीच माफिया भी सक्रिय हो जाते हैं और उच्च प्रशासनिक अमला भी। छापे की सूचना रातोरात सरिया के एसडीओ पवन कुमार मंडल, एसडीपीओ दीपक शर्मा आदि को भी मिल जाती है। जाधव के नेतृत्व में पुलिस तेजी से बराकर नदी तट पर खड़े ट्रकों को जब्त कर चालकों, खलासियों को हिरासत में ले लेती है। सभी जब्त ट्रक पुलिस निगरानी में देकर, थाने की पुलिस को जब्ती सूची तैयार कर एफआईआर दर्ज करने का निर्देश देने के बाद जाधव लौट जाती हैं। चूंकि किसी महिला आइएएस की अगुवाई में इतनी सख्त कार्रवाई पहली बार होती है, इसलिए उस दिन की सुबह यह खबर मीडिया की लीड सुर्खियों में होती है।

जाधव कहती हैं कि उनकी टीम में जवानों की कमी और काफी अधिक संख्या में वाहन होने के कारण कुछ चालक भागने में कामयाब हो गए। हैरत इस बात की रही कि उनमें एक भी ट्रक हमारे प्रदेश का नहीं था। उन्हें काफी समय से यहां बालू के अवैध कारोबार की लगातार सूचनाएं मिल रही थीं। बताया जा रहा था कि यहां अवैध तरीके से बालू का उत्खनन कर उसे बिहार भेजा जा रहा है। लीज के नियमों का सरेआम उल्लंघन किया जा रहा है। पुल के नीचे से बालू का उत्खनन किया जा रहा है। मजदूरों के बजाय जेसीबी से ट्रकों में लोड कर बालू को बिहार भेजा जा रहा है। इससे साफ है कि हर दिन यहां से इतनी संख्या में ट्रकों में बालू दूसरे राज्यों में जाता रहा है।

अमूमन प्रतिदिन 10 लाख से अधिक कीमत की बालू हर दिन यहां से बाहर भेजी जा रही थी। अब अवैध रूप से चल रहे इस उठाव पर लीजधारक और ट्रकों के मालिकों पर मामला दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। जब अवैध बालू खनन पर जाधव कार्रवाई कर रही थीं, उनकी नजर घाट के एक होटल पर भी पड़ गई। उन्होंने देखा कि महेन्द्र होटल में नकली शराब की सप्लाई हो रही है। तमाम ड्राइवर वहां बैठकर शराब पी रहे हैं। उनके आदेश पर पुलिस ने होटल मालिक दबोचकर भारी मात्रा में अंग्रेजी और देसी शराब अपने कब्जे में ले ली। एसडीएम को बताया कि होटल मालिक की बालू माफिया से लंबे समय से अच्छी छनती रही है।

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पत्रकार/ लेखक/ साहित्यकार/ कवि/ विचारक/ स्वतंत्र पत्रकार हैं। हिन्दी पत्रकारिता में 35 सालों से सक्रीय हैं। हिन्दी के लीडिंग न्यूज़ पेपर 'अमर उजाला', 'दैनिक जागरण' और 'आज' में 35 वर्षों तक कार्यरत रहे हैं। अब तक हिन्दी की दस किताबें प्रकाशित हो चुकी हैं, जिनमें 6 मीडिया पर और 4 कविता संग्रह हैं।

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