बिहार औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नीति 2016 को मंजूरी

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बिहार राज्य मंत्रिपरिषद ने बिहार अॉद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नीति 2016 को आज मंजूरी प्रदान कर दी। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में हुई मंत्रिपरिषद की बैठक के बाद उद्योग विभाग के प्रधान सचिव एस सिद्धार्थ ने बताया कि मंत्रिपरिषद ने बिहार औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नीति 2016 को मंजूरी प्रदान कर दी है।

उन्होंने बताया कि इसके तहत उद्योगों को दो क्षेत्रों प्राथमिकता वाले और गैर प्राथमिकता वाले क्षेत्र में रखा गया है। सिद्धार्थ ने बताया कि प्राथमिकता वाले क्षेत्र में दस क्षेत्रों खाद्य प्रसंस्करण, पर्यटन, छोटी मशीन उत्पादन, आईटी, इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रोनिक हार्डवेयर उत्पादन, टेक्सटाईल, प्लास्टिक और रबड उद्योग, अक्षय उर्जा, हेल्थ केयर, लेदर और तकनीकी शिक्षा शामिल हैं।

उन्होंने बताया कि इस नीति के अंतर्गत प्रोत्साहन के तौर पर स्टाम्प डयुटी और भूखंड हस्तांतरण फी की अदायगी, निवेश राशि पर लगने वाले ब्याज का दस प्रतिशत का भुगतान राज्य सरकार करेगी और अगले पांच साल तक शतप्रतिशत टैक्स अदायगी को माफ कर दिया गया है।

सिद्धार्थ ने बताया कि एससी-एसटी, महिलाओं, किन्नडों, शहीद सैनिकों की विधवा, एसिड हमला पीडित और विकलांगों को सभी रियायत पर अतिरिक्त 15 प्रतिशत की छूट दी जाएगी।

मंत्रिमंडल सचिवालय समन्वय विभाग के प्रधानसचिव ब्रजेश महरोत्रा ने बताया कि मंत्रिपरिषद ने बिहार के लिए अधिसूचित अन्य पिछडा वर्ग (ओबीसी) की सूची से इन्ट्री नंबर 48 को विलोपित करने संबंधी राज्य सरकार की अनुशंसा राष्ट्रीय पिछडा वर्ग आयोग तथा भारत सरकार को प्रेषित किए जाने को मंजूरी प्रदान कर दी है। उन्होंने बताया कि इसके तहत तांती और तत्वा जाति को अनुसूचित जाति में शामिल किए जाने अनुशंसा राज्य सरकार द्वारा की गयी है।

ब्रजेश ने बताया कि बाढ के मददेनजर गैर योजना मुख्य बजट शीर्ष के तहत प्राकृतिक विपत्ति के कारण राहत उपमुख्य शीर्ष 02 बाढ-चक्रवात आदि के विभिन्न लघु उपशीष्रो के अन्तर्गत बिहार आकस्मिकता निधि से 754 करोड अग्रिम की स्वीकृति दिए जाने को मंत्रिपरिषद ने मंजूरी प्रदान कर दी है। उन्होंने बताया कि मंत्रिपरिषद ने आज 18 विषयों को स्वीकृति प्रदान की। -पीटीआई

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