एक सॉरी बोल देने से कितने सारे रिश्ते बच जाते हैं न

ईद मोहब्बत और भाईचारे का पर्व है। ईद के मायने हैं मिलना और गले लगाकर तमाम गिले शिकवे दूर करना...

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सॉरी, एक छोटा सा शब्द। लेकिन मायने बहुत बड़े और गहरे। ये छोटा सा शब्द सालों की कड़वाहट को धो डालता है। आपके अहम, गुस्से और अपने करीबियों के प्यार के बीच एक झीनी-सी दीवार होती है, जो होती तो बहुत पतली है लेकिन समय के साथ कठोर हो जाती है। एक सॉरी वो दीवार ढहा देता है। ईद मोहब्बत और भाईचारे का पर्व है। ईद के मायने हैं मिलना और गले लगाकर तमाम गिले शिकवे दूर करना। रोजे के बदले ईनाम का मतलब भी साफ है कि आज के दिन हम सारे गिले शिकवे दूर कर एेसे गले मिलें, जैसे एक भाई दूसरे से मिलता है।

फोटो साभार: blog.juggernaut.in
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इस ईद सारे मैल धो डालो, एक सॉरी ही तो है, बोल डालो...

इस ईद पर घड़ी डिटर्जेंट पाउडर ने एक प्यारा सा एड लॉन्च किया है, जो भाईचारे और मोहब्बत का पैगाम देता है। ये एड ये बताता है, कि 'सॉरी' एक छोटा-सा ही तो शब्द है, बोल डालो और इस ईद सारे मैल धो डालो। आप भी देखें ये खूबसूरत एड-

इस ईद सारे मैल धो डालो, एक सॉरी ही तो है, बोल डालो...
इस ईद सारे मैल धो डालो, एक सॉरी ही तो है, बोल डालो...

इस एड में एक छोटी सी फैमिली है, एक मियां और एक बीवी की। दोनों अपने घर में ईद की तैयारी में लगे हैं। पत्नी पूछती है कि इस बार ईद में कौन-कौन आने वाला है, आदमी का जवाब होता है वही अपना गैंग। इस पर वो बोलती है कि इस बार भी जो लोग खफा हों, वो नहीं आएंगे। वो समझाती है कि उन लोगों से सॉरी बोल दो। पति अपने उन सारे करीबी दोस्तों, ऑफिस वालों को कॉल करता है जिनसे कोई गिले-शिकवे बाकी थे। वो सबको सॉरी बोलता है और ईद के पाक मौके पर घर पर खाने के लिए इन्वाइट करता है। उसका एक दोस्त आने से मना कर देता है, लेकिन बाद में उस दोस्त ने ऐसा कुछ किया जो दिल जीत लेता है।

"ईद के भोज पर सब राजी-खुशी खाना खाते हैं। जब सारे मेहमान चले जाते हैं तो दोनों मिया-बीवी टेबल साफ करने लगते हैं। मेजपोश पर काफी दाग लगा हुआ होता है, आदमी अपनी पत्नी से कहता है, सॉरी ये तो काफी मैला हो गया। बीवी जवाब देती है, ये मैल तो साफ हो जाएगा लेकिन तुम्हारे अंदर का मैल तो धुल गया न। ईद मुबारक।"

तो आप भी इस ईद पर अपने सारे गिले शिकवे दूर कर डालिए। इस दुनिया में सबसे ज्यादा अनमोल कोई चीज है तो वो है प्यार, आपसी सद्भाव। आज ईद है, उन सारे लोगों के पास जाइए जिनसे आप मोहब्बत तो बहुत करते हैं लेकिन किन्हीं वजह से आपके बीच कड़वाहट आ गई है। उनसे मिलिए, सॉरी बोलिए और कसके गले लगा लीजिए।

ईद का त्यौहार होता ही है सब कुछ भूल कर बस प्यार बांटने का।

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