क्योंकि सास भी तो मां होती हैे

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परिवार को प्यार से जोड़े रखना इतना भी मुश्किल नहीं है, तो क्यों न शुरुआत इसी मदर्स डे से की जाए....

हर साल मई के दूसरे इतवार को हम सब मनाते हैं, मदर्स डे। इस बार 14 मई को पड़ रहा ये खास दिन। सब इस दिन को मनाने के लिए बड़े उत्साह में हैं। फेसबुक ने तो बाकायदा एक रिएक्शन लॉन्च कर दिया है, वो जो फेसबुक पर आप फूल वाला रिएक्शन देख रहे हैं न दिल और इमोजी के साथ-साथ, वो दरअसल मदर्स डे के लिए समर्पित है। हम मांओं के लिए ग्रेटफुल हैं, ये दिखाने के लिए।

एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. गोदरेज का एक एड है. 2 मिनट 8 सेकंड के इस वीडियो को अब तक 20 लाख से ज्यादा लोग देख चुके हैं.

इस एड में एक मां है, उसका बेटा शहर से बाहर है। मदर्स डे वाले दिन बेटे की पत्नी जल्दी घर आ जाती है। मां उससे बेटे के फोन कॉल के बारे में पूछती है। दरअसल उसके बेटे ने अब तक मदर्स डे पर कॉल नहीं किया है। बहू बताती है, कि वो दिल्ली पहुंच गया है, लेकिन उसने उससे मां के बारे में उसने कोई बात नहीं की। बहू थोड़ी व्यस्त है। वो अपने कमरे में चली जाती है। मां भी अपने बेटे के बारे में और जानने के लिए वहां तक जाती है। उसकी बहू एक गिफ्ट पैक कर रही होती है। मां बहू से पूछती है, ये तेरी मां के लिए गिफ्ट है? बहू बोलती है, हां। मां बोलती है, तेरी मां तो बड़ी खुश होगी और इसके बाद क्या होगा, जानने के लिए एक बार एड देखना तो बनता है...

सास-बहू का रिश्ता काफी नाजुक होता है। छोटे-छोटे प्रयासों से ये रिश्ता काफी खूबसूरत बन जाता है। ये रिश्ता दोनों तरफ से मजबूत बनाया जाना चाहिए। सास को नए घर में आई अपनी बहू को बेटी जैसा आत्मीय भाव और स्नेह देना चाहिए। बहू को भी अपनी मां की ही तरह ही इस दूसरी मां से उतना ही सम्मान और प्यार से पेश आना चाहिए और बिलाशक इन दो बिंदुओं के बीच में बेटा एक पुल की तरह काम करता दिखना चाहिए।

परिवार को प्यार से जोड़े रखना इतना भी मुश्किल नहीं है। शुरुआत इसी मदर्स डे से की जाए...

-प्रज्ञा श्रीवास्तव

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