'Aldoshik', कर्मचारियों रिवॉर्ड देने का ऑनलाइन मंच

सोशल मीडिया की ताकत : Aldoshik के जरिये बढायें कर्मचारियों का हौसला

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हमारी ऑनलाइन पहचान का असर सीधे वास्तविक जीवन पर पड़ता है। कम्पनी अब आपको नौकरी देने से पहले आपके पुरानी सोशल फीड को जांचती है। आपके कॉलेज में रहते हुए आपके व्यवहार को ऑनलाइन कंटेंट से समझा जा सकता है। यह बात अब स्वाभविक सी लगती है कि लोगों को उनके व्यवसाय के लिए ऑनलाइन भी पुरस्कृत किया जाना चाहिए।

Aldoshik Technologies के संस्थापक अंकुर कुमार ने यही सोच रखते हुए कर्मचारियों, स्वयंसेवकों और छात्रों की टीम को पुरस्कृत करने के लिए SaaS का मंच को लॉन्च किया।

अंकुर कहते हैं, “हमने रेकॉगनाइज़, रिवार्ड, रिडीम और एनालाइज को मिलाकर एक तंत्र बनाया।” वे चार चरणों में इसका विस्तार करते हैं:

रेकॉगनाइज़- यूजर और टीम के लिए लक्ष्य या सर्कल्स का टास्क सेट होता है। हर यूजर को लक्ष्य पूरा होने पर रिवॉर्ड दिया जाता है। इसके आलावा टीम द्वारा सर्कल्स पूरा होने पर भी रिवॉर्ड मिलता है।

रिवॉर्ड- पीयर-टू-पीयर (मैनेजरों, लीडर्स, टीचर्स आदि सभी को जोड़कर) में Gems और सर्टिफिकेट दिये जाते हैं। Gems वर्चुअल मुद्रा होती है जिसे आप मार्केटप्लेस में रिडीम कर सकते हो, जबकि सर्टिफिकेट को डाउनलोड करके दूसरे सोशियल नेटवर्किंग साइट्स पर शेयर कर सकते हो।

रिडीम- Gems ऑनलाइन मार्किटप्लेस में रिडीम किये जा सकते हैं, जो करीब 80 ब्रैंड का बाज़ार है। इसके अलावा इनका उपयोग स्कूबा डाइविंग और जहाज यात्रा करने के लिए भी किया जा सकता है।

एनालिटिक्स- इसका उपयोग रेवार्डिंग, लक्ष्य, प्रतियोगिता, उपलब्धियों और रिवॉर्ड सिस्टम के बाद पड़े फर्क को देखने के लिए किया जाता है।

अंकुर याद करते हुए कहते हैं, “हमने काम करते हुए महसूस किया कि पारम्परिक रिवार्ड्स सिस्टम में कुछ परेशानियां हैं। कर्मचारियों को रिवॉर्ड ना मिलने से शिकायत थी तो मैनेजमेंट के पास फंड ना होने का दुःख होता था।” अधिक जानकारी जुटाने पर उन्होंने पाया कि जो कम्पनियां रिवॉर्ड दे रही हैं, वो भी ज्यादा कुछ नहीं कर पा रही हैं। “हम चाहते थे कि रिवॉर्डस और रेकॉगनेशन्स में सोशियल मीडिया बड़ा किरदार निभाये। सालाना मूल्यांकन बहुत पुराना मॉडल है। जबकि हमारा रिवॉर्डिंग के लिए अपना सिस्टम है।”

Aldoshik दिल्ली और मुंबई से चालित 11 लोगों (ज्यादातर इंटर्न) की कम्पनी है। जो कम्पनियों को अपने उत्पाद की उपयोगिता समझाने और अपने लिए मंच तैयार करने के लिए काम कर रही है। अरुण बताते हैं,“बहुत कम्पनियां समझती हैं कि स्टार परफ़ॉर्मर को बनाए रखने के लिए सैलरी बढ़ाना ही काफी है। ऐसे में उन्हें हमारे मंच के बारे में समझाना बहुत बड़ी चुनौती हो जाती है।”

Aldoshik का रिवॉर्ड और रेकॉगनेशन्स सिस्टम रियल स्टेट में प्रयोग में लाया जा चुका है। जहाँ कम्पनियों ने एजेंट्स को प्रेरित करने के लिए आर्थिक और गैर आर्थिक रिवॉर्ड दिये। स्टार्टअप में वे गैर-आर्थिक रेकॉगनेशन सिस्टम पर ही चलते हैं। अंकुर विस्तार से बताते हैं, “वे अपने लोगों को प्रेरित करना चाहते हैं, लेकिन उनके पास अपने कर्चारियों को देने के लिए अच्छी सैलरी तक नहीं है। ऐसे में ई-रिवॉर्डस और ई-सर्टिफिकेट्स देना बहुत मददगार साबित होता है।”

Aldoshik की ज्यादातर मार्केटिंग ऑनलाइन में गूगल एडसेंस से और ऑफलाइन में मुंहजुबानी होती है। अंकुर इसके बारे में बताते हैं, “हम अभी बजट से थोड़ा बंधे हुए हैं। हमने नेटवर्क बड़ा बनाने के लिए बहुत सारे एचआर इवेंट्स और सेमिनारों में भाग लिया है।” कम्पनी ने अभी छ: ग्राहकों के साथ अपना बीटा चरण पूरा किया है और उनका फीडबैक सकारात्मक रहा है।

“हम आजकल बिजनेस के लिए निवेश ढूंढ रहे हैं। बहुत से निवेशकों को मिलने के बाद मुझे कुछ बड़ी सीख और सलाहें मिली हैं। ‘आप छोटी-छोटी जंग जीत कर बड़े सम्राट नहीं बन सकते। अंकुर आखिर में कहते हैं।