WHO की डिप्टी जनरल बनने वाली पहली भारतीय सौम्या स्वामीनाथन

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डॉ. सौम्या स्वामीनाथन प्रसिद्ध चिकित्सा शोधकर्ता और स्वास्थ्य नीति विशेषज्ञ हैं। वो पहली भारतीय हैं जिनको विश्व स्वास्थ्य संगठन के डिप्टी जनरल के तौर पर नियुक्त किया गया है। सौम्या जो एचआईवी और तपेदिक की प्रमुख शोधकर्ता हैं।

साभार: इंडिया ट्रिब्यून
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 वो भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद के महानिदेशक के रूप में कार्यरत थीं। सौम्या स्वास्थ्य मंत्रालय में स्वास्थ्य अनुसंधान विभाग की सचिव भी हैं। उनकी नियुक्ति की घोषणा 3 अक्टूबर को डब्ल्यूएचओ के महानिदेशक टेडरोस अदोनोम गिबरेयसस ने की थी। इस नवीनतम नियुक्ति के साथ सौम्या को डब्ल्यूएचओ की दूसरी सबसे बड़ी स्थिति रखने वाला पहला भारतीय बना देता है।

सौम्या, एमएस स्वामीनाथन की बेटी हैं। एमएस स्वामीनाथन को भारत की हरित क्रांति का जनक माना जाता है। सौम्या की मां मीना स्वामीनाथन एक प्रसिद्ध शिक्षाविद हैं।

डॉ. सौम्या स्वामीनाथन प्रसिद्ध चिकित्सा शोधकर्ता और स्वास्थ्य नीति विशेषज्ञ हैं। वो पहली भारतीय हैं जिनको विश्व स्वास्थ्य संगठन के डिप्टी जनरल के तौर पर नियुक्त किया गया है। सौम्या जो एचआईवी और तपेदिक की प्रमुख शोधकर्ता हैं। वो भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद के महानिदेशक के रूप में कार्यरत थीं। सौम्या स्वास्थ्य मंत्रालय में स्वास्थ्य अनुसंधान विभाग की सचिव भी हैं। उनकी नियुक्ति की घोषणा 3 अक्टूबर को डब्ल्यूएचओ के महानिदेशक टेडरोस अदोनोम गिबरेयसस ने की थी। इस नवीनतम नियुक्ति के साथ सौम्या को डब्ल्यूएचओ की दूसरी सबसे बड़ी स्थिति रखने वाला पहला भारतीय बना देता है।

प्रतिभाशाली और अनुभवी सौम्या-

फर्स्टपोस्ट के अनुसार, डब्ल्यूएचओ ने अपनी घोषणा में कहा, 'सौम्या तपेदिक और एचआईवी पर एक विश्व स्तर पर मान्यता प्राप्त शोधकर्ता हैं। उन्हें क्लीनिकल केयर और शोध में 30 वर्षों का है। वो अपने करियर में प्रभावी कार्यक्रमों में अनुसंधान का अनुवाद करने का काम कर चुकी है।' पुणे में सशस्त्र सेना मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस पूरा करने के बाद, सौम्या ने अपने एमडी को ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज से पूरा किया। पेशे के तौर पर वो एक बाल रोग विशेषज्ञ हैं। उन्होंने 250 से अधिक प्रकाशनों और किताबों के अध्याय प्रकाशित किए हैं।

साभार: सोशल मीडिया
साभार: सोशल मीडिया

सौम्या ने डब्लूएचओ विशेष कार्यक्रम में 2009 और 2011 के बीच यूनिसेफ, यूएनडीपी, विश्व बैंक के समन्वयक के रूप में कार्य किया। अब तक उन्हें दवा के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए नौ पुरस्कार दिए जा चुके हैं। सौम्या, एमएस स्वामीनाथन की बेटी हैं। एमएस स्वामीनाथन को भारत की हरित क्रांति का जनक माना जाता है। सौम्या की मां मीना स्वामीनाथन एक प्रसिद्ध शिक्षाविद हैं।

क्या मायने रखता है ये पद-

विश्व स्वास्थ्य संगठन के अन्य सदस्यों में स्वास्थ्य के पूर्व मंत्री, दुनिया के अग्रणी चिकित्सकों, शोधकर्ताओं और वैज्ञानिक शामिल हैं। लाइवमिंट के मुताबिक, डब्ल्यूएचओ के अन्य सदस्यों की नियुक्ति के बाद डॉ टेडरोस ने कहा, टीम डब्लूएचओ 14 देशों का प्रतिनिधित्व करती है और इसमें 60 प्रतिशत से अधिक महिलाएं हैं। ये हमारी इस गहरी धारणा को दर्शाती है कि हमें दुनिया के लिए अपने मिशन को पूरा करने के लिए शीर्ष प्रतिभा चाहिए होती है। इसमें लिंग समानता और भौगोलिक दृष्टि के विविध दृष्टिकोणों की जरूरत होती है।

सौम्या, घाना से डॉ. अनारफी असमौआ बाह की जगह लेंगी, जिन्होंने अब डब्ल्यूएचओ को डायरेक्टर-जनरल के वरिष्ठ नीति सलाहकार के रूप में ज्वॉइन किया है। उन्होंने संचरितअमेरिका में लाखों की नौकरी छोड़कर चेन्नई में करोड़ों का स्टार्टअप खोलने वाली अश्विनी अशोकन रोग कार्यक्रम के सहायक निदेशक-जनरल और एचआईवी-एड्स, टीबी और मलेरिया कार्यक्रम के रूप में काम किया था।

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