14 साल की उम्र में 2 स्टार्टअप्स चलाने वाले इस बच्चे को पैसा कमाने की नहीं, बदलाव की चाह

10 साल की उम्र में शुरू किया था पहला स्टार्टअप और अब...

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हौसलों और आकांक्षाओं की सीमा, उम्र के मानकों पर नहीं आंकी जा सकती है। कुछ बेहतर करने की चाह रखने वाले संसाधनों के मोहताज नहीं होते। 14 साल के इस बच्चे ने इन सभी आदर्शों को सच कर दिखाया है। आइए जानते हैं कच्ची उम्र में दो स्टार्टअप्स संभालने वाले कुनाल चंडीरमानी की कहानी...

अगर आप लोगों के लिए कुछ सकारात्मक करना चाहते हैं तो आपके लिए उम्र या संसाधनों की बंदिशें मायने नहीं रखतीं। अगर हमसे कोई कहे कि एक स्कूल में पढ़ने वाला बच्चा, जिसकी उम्र महज़ 14 साल है और वह दो स्टार्टअप्स चला रहा है और वह भी ‘वन मैन आर्मी’बनकर तो हम आश्चर्यचकित हुए बिना नहीं रह पाएंगे। ख़ैर यह सच है! मध्य प्रदेश की राजधानी, भोपाल शहर के रहने वाले कुनाल चंडीरमानी, कॉम्पैक एकेडमी (compacademy.in) और के-स्टार (kstar.in)नाम के दो स्टार्टअप्स चला रहे हैं और वक़्त के साथ उन्हें लोगों का साथ और सराहना दोनों ही मिल रहे हैं।

कहां से हुई शुरूआत?

कुछ सालों पहले की बातें याद करते हुए कुनाल ने योर स्टोरी हिंदी को बताया कि जब वह 5वीं कक्षा में थे, तब उनकी क्लास में अधिकतर बच्चे पढ़ाई में रुचि नहीं लिया करते थे, जबकि स्कूल में पढ़ाई जाने वाली चीज़ों की तरफ़ उनका ख़ास रुझान था। कुनाल कहते हैं कि उन्हें महसूस हुआ कि कमी, कोर्स या सिलेबस में नहीं बल्कि पढ़ाने के तरीक़े में है और इसलिए उन्होंने एक ऐसा प्लेटफ़ॉर्म विकसित करने के बारे में सोचा, जहां पर बच्चे को पढ़ाई करने के पॉइंट्स मिल सकें और उन पॉइंट्स की मदद से वह कोई ऑनलाइन गेम खेल सके। इतना ही नहीं, उन्होंने सोचा कि इन गेम्स के ज़रिए भी किसी न किसी तरीक़े से कुछ पढ़ाया या सिखाया जा सके।

इसके बाद उन्होंने ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म्स की मदद से ख़ुद ही कोडिंग सीखी और अपने आइडिया को साकार करते हुए ‘कॉम्पैक एकेडमी’नाम से ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म की शुरूआत की। उन्होंने रिसर्च करके डेटा और कॉन्टेन्ट तैयार किया और अपने प्लेटफ़ॉर्म पर अलग-अलग विषयों और विशेष रूप से आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस जैसे तकनीकी विषयों पर कोर्स शुरू किए। कुनाल ने 2014 में कॉम्पैक एकेडमी की शुरूआत की और इस दौरान उनकी उम्र महज़ 10 साल थी।

रुकने को तैयार नहीं थे कुनाल!

आमतौर पर छोटी-छोटी सफलताओं के बाद बड़े ज़हीन लोग भी उपलब्धियों की सराहना तक ही सिमट कर रह जाते हैं, लेकिन कच्ची उम्र के इस मासूम दिमाग़ ने यह ग़लती नहीं की। कुनाल कहते हैं कि उन्हें रुकना पसंद नहीं है और इसलिए उन्होंने अपने पहले आइडिया को एक स्तर तक पहुंचाने के बाद दूसरे आइडिया पर काम करना शुरू किया। कुनाल बताते हैं कि वह शहर की दुकानों को देखते थे, जो ऑनलाइन प्रेजेंस से कोसों दूर थीं। इतना ही नहीं, अगर उन्हें कोई ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म पर आने की सलाह भी देता था तो वे पैसा खर्च करने से गुरेज़ करते थे। कुनाल ने इस समस्या से निपटने के लिए अपने आइडिया पर काम करना शुरू किया। उन्होंने अपने दम पर ‘के-स्टार’ नाम से ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म शुरू किया, जहां पर आप बिना किसी चार्ज या सब्सक्रिप्शन के अपनी वेबसाइट बना सकते हैं। इतना ही नहीं यूज़र्स, अपने हिसाब से वेबसाइट को कस्टमाइज़ भी कर सकते हैं। कुनाल ने नवंबर 2016 में के-स्टार की शुरूआत की। अपने इस स्टार्टअप का नाम के-स्टार रखने के बारे में जानकारी देते हुए कुनाल ने बताया कि उन्हें इस ऑनलाइन वेंचर का कोई नाम समझ नहीं आ रहा था, इसलिए उन्होंने अपने नाम के पहले अक्षर को चुना और स्टार्टअप का नाम के-स्टार रख दिया।

छोटी सी उम्र में उपलब्धियों की लंबी फ़ेहरिस्त

कुनाल बताते हैं कि वह पिछले एक साल में 17 प्रतियोगिताएं जीत चुके हैं। अपनी बड़ी उपलब्धियां गिनाते हुए उन्होंने जानकारी दी कि 2017 में उन्होंने आईआईटी बॉम्बे में आयोजित हुए एथिकल हैकिंग कॉम्पिटिशन में पहला पुरस्कार जीता। इतना ही नहीं, कुनाल गूगल डिवेलपर कम्युनिटी के मेंबर भी हैं। हर महीने गूगल के ज़रिए वह 200 डॉलर की कमाई करते हैं। कुनाल ने इस साल जनवरी में इंदौर के प्रेस्टीज इंस्टीट्यूट ऑफ़ मैनेजमेंट ऐंड रिसर्च द्वारा आयोजित टेड एक्स (TED X)इवेंट में अपने स्टार्टअप्स का प्रेजेंटेशन दिया। कुनाल बताते हैं कि वह फ़्रीलांस काम करके अपने स्टार्टअप्स की रनिंग कॉस्ट निकालते हैं। फ़्रीलांस प्रोजेक्ट्स के बारे में जानकारी देते हुए कुनाल ने बताया कि वह मूलरूप से वेबसाइट और ऐप डिवेलपिंग के प्रोजेक्ट्स पर काम करते हैं। कुनाल ने 12 साल की उम्र में पहला फ़्रीलांस प्रोजेक्ट किया था।

पैसा कमाने की नहीं, कुछ बेहतर करने की चाह

एक 10 साल के बच्चे के हिसाब से कुनाल अपने इस स्टार्टअप से अच्छी कमाई कर रहे थे, लेकिन उनका इरादा पैसे कमाने का नहीं बल्कि पढ़ाई के तरीक़ों को बेहतर करने की अपनी मुहिम को आगे बढ़ाना था। कुनाल कहते हैं कि अभी उनकी उम्र पैसा कमाने की नहीं है बल्कि वह समाज के लिए कुछ बेहतर करना चाहते हैं। कुनाल ने बताया कि कॉम्प एकेडमी के लिए रेवेन्यू मॉडल, उन्होंने सिर्फ़ अपने प्रोडक्ट को बेहतर बनाने के लिए किया, न कि पैसा कमाने के लिए। कुनाल ने जानकारी दी कि उनके दूसरे स्टार्टअप के स्टार के 80 हज़ार यूज़र्स हो चुके हैं, लेकिन उन्होंने अभी तक किसी भी तरह का चार्ज लेना नहीं शुरू किया है।

क्या है आगे की प्लानिंग?

कुनाल ने बताया कि फ़िलहाल वह अपने ड्रीम प्रोजेक्ट का प्रोटोटाइप तैयार कर रहे हैं। इसके तहत वह एक 'सेन्सल रिएलिटी' पर आधारित डिवाइस बनाना चाहते हैं, जो वर्चुअल रिएलिटी का अडवांस वर्ज़न होगा। कुनाल ने बताया कि इस प्रोडक्ट का इस्तेमाल गेमिंग, मेडिकल साइंस और टूरिज़म को और भी रियलिस्टिक बनाने में किया जा सकेगा।

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माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय और भारतीय जनसंचार संस्थान से अध्ययन के बाद नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में दो साल तक काम किया। पैदाइश कानपुर की लेकिन मन से भोपाली है। दिल्ली से नफरत है। फ्री ख्याल के आदमी हैं, इसलिए फिलहाल फ्रीलांसिंग कर रहे हैं। स्टार्ट अप से लगाव है। काम कर रहे हैं। एक दिन नाम भी करेंगे।

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