बिजली की समस्या से निजात के लिए म.प्र. के बघेलखंड में कचरे से बिजली बनाने का लगेगा संयंत्र

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पीटीआई


तस्वीर सौजन्य-shutterstock.com
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मध्यप्रदेश के बघेलखंड में कचरे से बिजली और जैविक खाद बनाने के लिये लगभग 50 एकड़ जमीन पर पर्यावरण अनुकूल संयंत्र स्थापित किया जायेगा।

प्रदेश के जनसंपर्क विभाग के एक अधिकारी ने बताया- ‘‘रीवा तथा सतना जिले के नगरपालिका और नगर पंचायतों से निकलने वाले कचरे से बिजली और जैविक खाद बनाने के लिये एक कार्य-योजना बनाई गई है। एकत्रित कचरे का निष्पादन वैज्ञानिक तरीके से किया जायेगा।’’ 

इस संयंत्र के लिए सतना जिले के रामपुर बघेलान में बाँधा गाँव की सीमा से बाहर करीब 50 एकड़ अनुपयोगी बंजर जमीन का चयन किया गया है। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग क्लस्टर आधारित योजना को अंतिम रूप दे रहा है।

सरकार का कहना है कि संयंत्र लगने वाले स्थल का निरीक्षण किया जा चुका है। प्रदेश को बिजली के मामले में आत्म-निर्भर बनाने की कड़ी में यह संयंत्र उपयोगी साबित होगा। संयंत्र के लिये रीवा तथा सतना से कचरा लाया जायेगा। संयंत्र में बिजली पैदा करने के साथ ही जैविक खाद का निर्माण भी होगा। इसके साथ ही संयंत्र स्थापित होने से स्थानीय निकायों की स्वच्छता से जुड़े मिशन को भी कामयाबी मिलेगी।

वर्तमान में कार्य-योजना रीवा जिले में ग्राम कोष्टा में संचालित है, जिसके लिए 6.41 हेक्टेयर भूमि ही उपलब्ध है, जो वर्तमान प्रस्तावित योजना के लिये कम है। उन्होंने कहा कि इसे ध्यान में रखते हुए सतना जिले के ग्राम बाँधा में भूमि का चयन ठोस अपशिष्ट प्रबंधन योजना के लिये किया गया है।