विदेशी कंपनियों को टक्कर देने के लिए बाजार में दो 'बाबा ब्रान्ड' आमने-सामने

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जैसे जैसे बाजार में आयुर्वेदिक दवाओं के प्रति लोगों का विश्वास बढ़ता गया है, चिकित्सक, उत्पादक, आदि पेशेवर तौर पर इसकी आपूर्ति में बड़ी संख्या में शामिल हो ही रहे हैं, साधु-संन्यासी बाना ओढ़े कई बड़े नामवर भी इस व्यवसाय को भुनाने में रात-दिन एक किए हुए हैं, बल्कि उनकी पहुंच सिरहाने तक हो चुकी है यानी कतार में पहले नंबर पर। कमाई की धुन इस कदर समाई हुई है कि उनका सालाना टर्न ओवर हजारों करोड़ पार करने लगा है। बाजार के अखाड़े में उतरे ऐसे ही दो बाबाओं रामदेव और श्री श्री रविशंकर के ब्रॉन्ड अब मल्टीनेशनल कंपनियों की आय को पीछे छोड़ते हुए आमने-सामने हैं।

श्री श्री और बाबा रामदेव
श्री श्री और बाबा रामदेव
दोनों ही आध्यामितक गुरुओं की कंपनियां अपने आयुर्वेदिक और स्वदेशी प्रॉडक्‍ट्स के लिए चर्चित हैं। यद्यपि श्री श्री आयुर्वेद (एसएसए) ट्रस्ट के मुख्य कार्यकारी तेज कटपिटिया का कहना है कि हमारा उद्देश्य किसी के साथ प्रतिस्पर्धा करना नहीं है।

बाबा रामदेव और श्री श्री रविशंकर जैसे आध्यातमिक गुरु देशवासियों की धार्मिक आस्था के केंद्र में रहे हैं। बाबा रामदेव के तंत्र में आज पतंजलि आयुर्वेद लिमिटेड, पतंजलि योगपीठ, दिव्य योगी मंदिर ट्रस्ट और उसकी शाखाएं, पतंजलि आयुर्वेद कॉलेज, पतंजलि चिकित्सालय, योग ग्राम, पतंजलि फूड और हर्बल पार्क आदि हैं। इनके टीवी विज्ञापन भी अंतरराष्ट्रीय कंपनियों को भी पीछे छोड़ चुके हैं। आज देश भर में पतंजलि के 10 हजार से ज्यादा स्टोर हैं। पतंजलि का सालाना टर्नओवर 10,500 करोड़ रुपए के पार जा चुका है। इस साल इसके दोगुना ग्रोथ पाने की उम्मीदें हैं।

श्रीश्री रविशंकर के तंत्र में ऑर्ट ऑफ लिविंग फाउंडेशन, फॉर्मेसी और हेल्थ सेंटर, श्रीश्री शंकर विद्या मंदिर ट्रस्ट, पी यू कॉलेज बेंगलुरु, श्रीश्री मीडिया सेंटर बेंगलुरु, श्री श्री यूनिवर्सिटी, अमेरिका में भी एक ऑर्ट ऑफ लिविंग हेल्थ एंड एजुकेशन ट्रस्ट आदि हैं। आर्ट ऑफ लिविंग फाउंडेशन मुख्यालय बेंगलूरु के बाहर पवर्तीय इलाके उदयपुरा में 65 एकड़ के पथरीले और हरे-भरे क्षेत्र में फैला हुआ है। पूरा आश्रम एक दीवार से घिरा है। यहां कड़ी सुरक्षा है। प्राइवेट गार्ड हर आगंतुक पर नजर रखते हैं। इसके प्रवेश द्वार के पास ही एक एंफीथियेटर है जहां 20,000 लोग बैठ सकते हैं। एक हैं माता अमृतानंदमयी देवी, उनके तंत्र में अमृता विश्व विद्यापीठम कॉलेज, अमृता इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस, कोवलम के पास एक आइसलैंड में पांच मंजिला आश्रम, केरल में अमृता स्कूल, अमृता टेलीविजन आदि हैं।

इसी तरह एक आध्यात्मिक गुरु हैं जग्गी वासुदेव। ईशा फाउंडेशन के संस्थापक एवं रियल एस्टेट में ईशा इंजनीयरिंग, ईशा क्राफ्ट, ईशा रेमिएंट आदि संचालित कर रहे जग्गी वासुदेव, ईशा बिजनेस प्राइवेट लिमिटेड नाम की कंपनी चला रहे हैं, जो देश-विदेश में बेक्ड कुकीज, भारतीय अचार, डोसा मिक्सड पाउडर समेत कई चीजों का प्रोडक्शन और सप्लाई कर रही है।

इन दिनो ताजा सूचनाएं ये मिल रही हैं कि बाबा रामदेव के पतंजलि आयुर्वेद को टक्‍कर देने के लिए अब आध्‍यात्मिक गुरू श्री श्री रविशंकर ने बड़े स्तर पर तैयारी कर ली है। श्री श्री के कंज्‍यूमर गुड्स एंड वेलनेस ब्रांड 'श्री श्री तत्‍वा' ने अपने रिटेल स्‍टोर की संख्‍या में बढ़ोत्‍तरी का फैसला किया है। 'तत्‍वा' इस साल के आखिर तक एक हजार स्टोर और खोलने जा रही है। तत्वा का दिसंबर, 2018 तक 500 करोड़ रुपये के कारोबार का लक्ष्य है। स्वाभाविक है, इसका सीधा असर बाबा रामदेव के तंत्र में तैयार हो रहे तरह-तरह के प्रॉडक्ट पर पड़ना लाजिमी होगा।

दोनों ही आध्यामितक गुरुओं की कंपनियां अपने आयुर्वेदिक और स्वदेशी प्रॉडक्‍ट्स के लिए चर्चित हैं। यद्यपि श्री श्री आयुर्वेद (एसएसए) ट्रस्ट के मुख्य कार्यकारी तेज कटपिटिया का कहना है कि हमारा उद्देश्य किसी के साथ प्रतिस्पर्धा करना नहीं है। हमे सिर्फ आयुर्वेद के बाजार को आगे बढ़ाना है। फास्ट मूविंग कंज्यूमर गुड्स ब्रांड के प्रबंध निदेशक अश्विनी वर्चस्वी के मुताबिक प्रस्तावित स्टोर फ्रेंचाइजी मॉडल में फ्रेंचाइज इंडिया के साथ भागीदारी में खोले जाने हैं। इसके अंतर्गत कंपनी के तीन प्रकार के स्टोर खोले जाएंगे - श्री श्री तत्व मार्ट, श्री श्री तत्व वेलनेस और श्री श्री तत्व होम एंड हेल्थ। श्री श्री तत्व होम एंड हेल्थ के स्टोरों में आयुर्वेदिक चिकित्सक भी होंगे। श्री श्री रविशंकर का यह व्यावसायिक तंत्र दुनिया के 33 देशों में परिचालित हो रहा है। खुद की वेबसाइट के जरिये ही 'तत्त्वा' के उत्पाद बेचे जा रहे हैं।

ऐसे में भला बाबा रामदेव कैसे पीछे रह जाते। पता चला है कि अब उनके स्वामित्व वाली पतंजलि के प्रोडक्ट्स भी अब घर बैठे लोग खरीद सकते हैं। पतंजलि अब ई-कॉमर्स में एंट्री करने को तैयार है। इसके लिए पतंजलि प्रबंधन आठ ई-कॉमर्स कंपनियों से साझेदारी करने वाला है। गौरतलब है कि पतंजलि ने फोर्ब्स मैग्जीन की 2017 की सालाना लिस्ट में 45वें स्थान से छलांग लगाकर 19वां स्थान हासिल कर लिया है। पतंजलि आयुर्वेद की नजर डायपर सैनिटरी नैपकिन्स के बाजार पर भी जमी हुई है। पतंजलि का भी दुनिया में विस्तार हो रहा है। नेपाल में शुरुआत हो चुकी है।

आयुर्वेद के बाजार के जानकार बता रहे हैं कि बाबा रामदेव की पतंजलि के बाद श्रीश्री रविशंकर की श्री श्री आयुर्वेद के प्रॉडक्ट्स कन्ज्यूमर सेगमेंट की मौजूदा कंपनियों की मुश्किलें बढ़ा सकते हैं। वैसे पतंजलि की बराबरी के लिए श्री श्री आयुर्वेद को अभी बाजार में बड़ा संघर्ष करना पड़ेगा। यद्यपि श्रीश्री के भी देश-दुनिया में 37 करोड़ समर्थक श्रद्धालु हैं, जो बाबा रामदेव के समर्थकों से पांच गुना ज्यादा हैं। श्रीश्री के नेतृत्व में पहले ब्रेकफास्ट सीरियल, हेल्थ ड्रिंक्स, तेल, मसाले, पर्सनल केयर, ओरल केयर, कुकीज और रेडी टु कुक कैटिगरी के ही प्रॉडक्ट्स आते थे, अब उनमें कई नई चीजें शामिल होती जा रही हैं।

आर्ट ऑफ लिविंग का प्रबंधन अब आयुर्वेदिक टूथपेस्ट और साबुन की बिक्री के लिए 1,000 खुदरा बिक्री गोदाम खोलने जा रहा है। साथ ही क्लिनिक और ट्रीटमेंट सेंटर भी खोले जाएंगे, जो बाबा रामदेव की अगुआई वाली पतंजलि की तरह होंगे। श्री श्री के शुरुआती वस्तु की सूची में टूथपेस्ट, डिटर्जेंट, घी और कुकीज आदि को रखा गया है। इस तरह बाबाओं के प्रोडक्ट आज अध्यात्म और कारोबार के संगम की वजह से युवाओं के लिए रोजगार का नया जरिया तो बने ही हैं, बहुराष्ट्रीय कंपनियों को चुनौती देते आयुर्वेद के ये प्रोडक्ट लोगों की जीवन शैली भी सुधार ला रहे हैं।

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पत्रकार/ लेखक/ साहित्यकार/ कवि/ विचारक/ स्वतंत्र पत्रकार हैं। हिन्दी पत्रकारिता में 35 सालों से सक्रीय हैं। हिन्दी के लीडिंग न्यूज़ पेपर 'अमर उजाला', 'दैनिक जागरण' और 'आज' में 35 वर्षों तक कार्यरत रहे हैं। अब तक हिन्दी की दस किताबें प्रकाशित हो चुकी हैं, जिनमें 6 मीडिया पर और 4 कविता संग्रह हैं।

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