भारतीय उद्योग को वैश्विक मानकों को अपनाने की सलाह

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केंंद्रीय मंत्रिमंडल के सचिव पी के सिन्हा ने कहा कि भारतीय उद्योग अगर वैश्विक मानकों को नहीं अपनाते हैं तो उनके लिये उच्च प्रतिस्पर्धी अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में बने रहना अत्यंत कठिन होगा।

मंत्रिमंडल सचिव ने राष्ट्रीय मानक सम्मेलन में यह बात कही। उन्होंने कहा कि कमजोर घरेलू मानक व्यवस्था से भारत की निर्यात खासकर उच्च मूल्य के मूल्यवर्धित उत्पादों के लिये नये बाज़ार प्राप्त करने की क्षमता प्रभावित हो रही है। उन्होंने कहा कि भारतीय उत्पाद एवं सेवाओं को वैश्विक मानकों के अनुरूप नहीं समझा जाता।

इस स्थिति से निपटने के लिये सिन्हा ने कहा कि विनिर्माताओं के लिए यह प्रस्ताव है कि वे उत्पादन के मामले में उन्नत तरीके को अपनायें और जो सामान बनाते हैं, उसमें गुणवत्ता हासिल करे। इससे उन्हें इच्छित बाजार तक पहुंचने में मदद मिलेगी, साथ ही उनकी आय भी बढ़ेगी।

भारत ब्रिटेन में काम कर रही कंपनियों को पूरा समर्थन देगा: सिन्हा

केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री जयंत सिन्हा ने आज कहा कि सरकार ब्रिटेन में काम कर रही कंपनियों की मदद करेगी ताकि वे ब्रेक्जिट (ब्रिटेन के यूरोपीय संघ से अलग होने) के बाद यूरोपीय संघ के साथ पहले की तरह व्यापार कर सके।

जनमत संग्रह में ब्रिटेन के यूरोपीय संघ से बाहर निकलने के निर्णय के बाद सिन्हा ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘..हमारी कंपनियां प्रतिस्पर्धी और काबिल हैं और मुझे पूरा विश्वास है कि वे इससे समायोजित करने में कामयाब होंगी।’’ उन्होंने कहा, ‘‘व्यापार या बातचीत को लेकर अन्य देशों के साथ जो भी समर्थन की जरूरत होगी, हम उनकी मदद करेंगे।’’ ऐसी आशंका है कि ब्रिटेन में काम कर रही आईटी तथा वाहन क्षेत्र से जुड़ी भारतीय कंपनियों को ब्रेक्जिट के बाद यूरोपीय संघ में तरजीही पहुंच को लेकर मसलों का सामना करना पड़ सकता है।

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