केक बनाएं, मुनाफा कमाएं, होम बेकर्स बनकर बाज़ार में साख बढ़ाएं

बेकिंग उद्यमिता – होम बेकर्स के लिए सुनहरा अवसर

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आज दुनिया का कोई भी क्षेत्र निजीकरण से अछूता नहीं है| पिछले दिनों प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के परिधान और राष्ट्रपति ओबामा की कस्टमाइज्ड कार सुर्खियां बनी| वैश्वीकरण के इस दौर में निजीकरण का यह खेल हर भौतिक वस्तु पर कब्ज़ा कर चुका है| फिर भी इस ग्राहक केंद्रित दुनिया में जिंदगी के विशेष लम्हों को यादगार बनाकर रखा जा सकता है| शादी और जन्मदिन दो ऐसे मौके हैं जो केक काटने पर ही पूरे होते हैं| कस्टमाइज्ड केक का चलन भारत में कोई नया नहीं है, पिछले 10 सालों से होमेबेकर सक्रिय रूप से ग्राहक की मांग के अनुसार केक बना रहे हैं|

पिछले एक साल में इन्टरनेट के माध्यम से इस उद्योग में बड़ी तेजी आयी है| बहुत से होमबेकर्स ने पिछले एक साल से ही केक बनाना शुरू किया है और आज वे हर ऑर्डर के साथ अपने को बेहतर कर रहे हैं| फेसबुक ग्रुप, “होम बेकर्स गिल्ड” के माध्यम से, बहुत से नये और अनुभवी बेकर्स एक साझा मंच पर आ कर रहे हैं| हमने कुछ अनुभवी होमेबेकर्स से भारत में होम बेकिंग के बारे में जानने की कोशिश की| डिजाईन, सामग्री और विशेषज्ञ बेकार के आधार पर केक अलग अलग प्रकार के बनते हैं| बेकर्स से हुई बातचीत से कुछ ऐसी बातें निकल के आयी जो भारत के बेकर्स पर प्रभाव डालती है|

शुरुआत

शुरुआत के लिए निवेश की आवश्यकता होती है| अधिकतर खर्चा किचन के सामानों जैसे ओवन, बेकिंग शीट आदि के लिए चाहिए होता है| बिज़नस बढ़ने के साथ-साथ ये चीज़े भी बढ़ती जाती हैं|

होमबेकर, बेकिंग संस्थान जैसे बेंगलुरु स्थित लावोन्ने (LAVONNE) से बेकिंग, डिजाइनऔर रंग के बारे में सीख सकते हैं| वैसे तो बहुत से विडियो इन्टरनेट पर उपलब्ध हैं, फिर भी भारत भर में कई होमेबेकर सप्ताह के दौरान बेकिंग और इसकी सजावट की क्लास का संचालन करते हैं|

योजना

किसी भी बिज़नस के लिए योजना बहुत जरुरी होती हैं और होमेबेकर्स पर भी यह लागू होता है| होम बेकिंग के लिए संसाधन, भुगतान और वितरण की आवश्वकता होती है| होमबेकर होना वन मैन आर्मी होने जैसा है, जिस कारण हर चीज की जिम्मेदारी स्वयं पर होती है|

कुछ प्रतिशत भुगतान पहले ही बैंक के माध्यम से होता है| हमने जिन होमेबेकर्स से बात की उन में से कोई भी मोबाइल से भुगतान नही करते|

वितरण के समय भी कई समस्याएं आती हैं| अधिकतर बेकर्स खुद ही वितरण करते हैं और कुछ रेडियो टैक्सी के द्वारा वितरण करते हैं| कुछ लोग दूसरे तरीकों से वितरण करते हैं, लेकिन फिर भी समस्या आती है| जो लोग बेकरी में शुरुआत करने की सोच रहे हैं वे इस क्षेत्र में वितरण सेवा शुरू कर सकते है|

मार्केटिंग

यह एक ऐसी जॉब है जहां आप का काम बोलता है| आपके परोसने का तरीका और स्वाद दोनों बहुत महत्वपूर्ण हैं| अगर आप अपने ग्राहक को खुश कर दें, तो वो आपके लिए और भी ग्राहक ला सकता है क्योंकि ये एक ऐसा बिज़नस है जो माउथमार्केटिंग पर चलता है| दूसरा सबसे प्रचलित तरीका इन्टरनेट है, जिसमे से फेसबुक होमेबकर्स के बीच में काफी लोकप्रिय हो चुका है| अब तो इन्स्टाग्राम और ट्विटर पर भी ये प्रचलित हो रहा है| कुछ होमबेकर्स तो ज़ोमोटो पर भी हैं| व्हट्सअप और ईमेल का प्रयोग केक के डिजाइनके आदान प्रदान के लिए किया जा रहा हैं|

छोटी सी मार्केटिंग की भी महत्वपूर्ण होती है| कुछ बेकर्स स्कूल, अपार्टमेंट के बाहर मार्केटिंग करते हैं| मार्केटिंग करना थोड़ा असामान्य सा लगता है पर ये काम करता है| कुछ होमबेकर अपने बिज़नस को एक नया आयाम देना चाहते हैं| कुछ लोग अपनी वेबसाइट भी चला रहे हैं तो कुछ लोग इसके बारे में जानने कि कोशिश कर रहे हैं| होमबेकर अपने केक की फोटो को सोशलमिडिया चैनल्स और फेसबुक पर डालते हैं|

दूसरे बिज़नेस को बढ़ावा

होमबेकर्स का इस तरह बढ़ना मार्किट में इससे बिज़नस करने वाले लोगों के लिए भी एक अच्छी खबर है| पिछले कुछ सालो में किचन के समान की बिक्री में तेजी आयी है| इनकी सामग्रियों को ऑनलाइन अमोज़ोन, इ-बे, फ्लिप्कार्ट, स्नैपडील और दूसरी वेबसाइट्स द्वारा भी बेचा जा रहा है| छोटी-छोटी दुकानों पर भी बेकिंग का सामान बिक रहा है| आईबीसीए और लावोंने बैंगलोर, पैशनेट बेकिंग चेन्नई, सीसीडीएस दिल्ली से भी बेकिंग का सामन और जानकारी ले सकते हैं| इसके अलावा और भी बहुत सी दुकाने और ऑनलाइन सेवायें हैं जो इस काम को निरंतर कर रही हैं|

मुनाफ़ा?

होमबेकर्स बड़ी बेकिंग इंडस्ट्री का छोटा और असंगठित हिस्सा है| होमबेकर्स हफ्ते में औसत 4 से 6 केक बनाते हैं| हालांकि ऑर्डर की कमी नहीं है पर फिर भी वे जानना चाहते हैं कि उन्हें हर हफ्ते कितना काम करना है|

चूंकि ये असंगठित क्षेत्र है इसलिए यहाँ पर कोई निश्चित कीमत नहीं है| बेकर अपने हिसाब से कीमत लेता है| औसतन एक 3 से 5 किलो के केक को बनाने में 6 से 12 घंटे लगते हैं| अनुभवी बेकर्स इससे कम समय में भी केक बना लेते हैं| डिजाइन पर चर्चा, डिजाइन को लागू करना और फिर वितरण करना इसमें एक दिन से ज्यादा का समय लगता है| ये एक ऐसा काम है जिसे कठिन मेहनत और बारीकी से करना पड़ता है| जितना अच्छा आप का डिजाइन होगा उतना अच्छे आप को आर्थिक लाभ मिलेगा| आप को जान कर आश्चर्य होगा कि कुछ ऐसे अनुभवी लोग हैं जो केक आर्टिस्ट के नाम से जाने जाते है| लवोंने कि जूनी (joonie) अपनी केक कला के लिए जानी जाती है|

हमें आरओआई(return of investment) पर मिली जुली प्रतिक्रिया मिली| कुछ होमबेकर्स ने यह बताने से मना कर दिया| कुछ ने कहा कि शुरुआत में खर्चा करने के बाद फायदा हुआ है और कुछ लोगों को कम लाभ हुआ है|

इंडस्ट्री

बेकिंग की इंडस्ट्री एक ऐसे मुक़ाम पर आ चुकी है जहाँ पर आप अपने पसंद की चीज को बना सकते हैं| महिलायें अपने घरों से सिर्फ केक ही नहीं कपकेक और कूकीज़ को ग्राहक की आवश्यकता और मांग पर बना रही है| दिवाली जैसे त्योहारों पर जहाँ मिठाई दी जाती थी अब कपकेक का चलन बढ़ रहा है| जो इस इंडस्ट्री में पहले आया उन्हें इसका फायदा मिला| अगर आप छोटे स्तर और सीमित ऑर्डर से शुरुआत करना चाहते है तो इस इंडस्ट्री में आप के लिए कई अवसर हैं|

पूनम मारिया, प्रेम, कर्थिका, श्रवंथी, अनघा गुंजल रेड्डी, नाजिया अली और अदिति कोहली को मिलाकर हमने 20 होम बेकर्स से बात की|

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