अब राजस्थान में भी मनचलों की 'शामत', लेडी पुलिस करेंगी 'मरम्मत'

जयपुर की गिनती भारत के सबसे असुरक्षित शहरों में होती है और हाल ही में राजस्थान के उदयपुर में भी छेड़खानी से निपटने के लिए ऐसी टीम बनाई गई है।

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उत्तर प्रदेश की तरह राजस्थान के जयपुर में भी मनचलों और छेड़खानी करने वालों को सबक सिखाने की तैयारी पूरी कर ली गई है। यूपी की तर्ज पर यहां भी 'एंटी रोमियो स्क्वॉयड' जैसी टीम बनाई गई है। पर यह टीम एक मामले में यूपी से खास है, क्योंकि इस टीम में होंगी सिर्फ महिलाएं...

जयपुर में 52 महिला पुलिस स्क्वॉयड की टीम बनाई गई है। यह टीम शहर को महिलाओं के लिए सुरक्षित बनाने के लिए पेट्रोलिंग करेगी।

उत्तर प्रदेश की तरह राजस्थान के जयपुर में भी मनचलों और छेड़खानी करने वालों को सबक सिखाने की तैयारी पूरी कर ली गई है। यूपी की तर्ज पर यहां भी 'एंटी रोमियो स्क्वॉयड' जैसी टीम बनाई गई है। पर यह टीम एक मामले में यूपी से खास है। इस टीम में केवल महिलाएं ही होंगी। जयपुर में 52 महिला पुलिस स्क्वॉयड की टीम बनाई गई है। यह टीम शहर को महिलाओं के लिए सुरक्षित बनाने के लिए पेट्रोलिंग करेगी। अधिकारियों का कहना है कि इससे पब्लिक एरिया तो सेफ होगा ही, साथ ही पुलिस बल में मजबूत महिलाओं को ज्यादा शक्ति मिलेगी। राजस्थान जैसे प्रदेश में महिलाओं के लिए की जाने वाली इस पहल से दूसरी महिलाओं को भी प्रेरणा मिलेगी और वे अपने हक के लिए लड़ सकेंगी। राजस्थान में महिलाओं की सुरक्षा एक बड़ा मुद्दा है।

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इन महिला पुलिसकर्मियों को मार्शल आर्ट के अलावा मनचलों से निपटने की भी खास ट्रेनिंग दी गई है। ये सभी लेडी पुलिस शहर में स्कूल, कॉलेज, मंदिर और बड़े मॉल्स जैसी 200 जगहों के बाहर निगरानी करेंगी। ये पेट्रोलिंग टीम सुबह 7 बजे से रात 10 बजे तक ड्यूटी करेगी।

शहर के शीर्ष पुलिस अधिकारी संजय अग्रवाल ने एनडीटीवी से बातचीत में कहा, 'पुलिस पेट्रोल को लॉन्च करने का फैसला इसी साल फरवरी में लिया गया था और महिला पुलिस की टीम से इसके लिए काम करने को कहा गया था। इन पुलिसकर्मियों का टेस्ट भी लिया गया।' उन्होंने आगे कहा, 'हम महिला पुलिसकर्मियों को बड़ी और महत्वपूर्ण जिम्मेदारी देना चाहते हैं।

पेट्रोलिंग टीम में शामिल कॉन्स्टेबलों को यह निर्देश भी दिए गए हैं कि वे सार्वजनिक स्थलों पर खड़े या बात कर रहे कपल्स या युवाओं को परेशान नहीं करेंगी। उन्हें सिर्फ महिलाओं पर अभद्र टिप्पणी या उपद्रव करने वाले लोगों पर नजर रखनी होगी। महिला कॉन्स्टेबल सुमन ने एनडीटीवी से कहा, 'हम अनावश्यक रूप से कपल्स को परेशान नहीं करेंगे। आखिर हम ऐसा करेंगे क्यों? वे भी हमारे जैसे हैं और वे किसी को परेशान नहीं कर रहे हैं।'

जयपुर में एक कॉलेज की प्रिंसिपल रंजू मेहदा ने बताया कि पेट्रोलिंग के साथ ही इस समस्या का खात्मा करने के लिए समाज में संवेदनशीलता फैलाना भी बहुत जरूरी है। उन्होंने कहा, 'अगर ज्यादा पेट्रोलिंग होगी तो महिलाओं को परेशान करे वाले लोग और सतर्क हो जाएंगे क्योंकि उन्हें पता रहेगा कि उन्हें पकड़ा जा सकता है, लेकिन इससे समस्या का पूरी तरह से खात्मा नहीं होगा। यह सिर्फ पहला कदम है। हमें पुरुषों की मानसिकता और उनका रवैया बदलने की जरूरत है।'

संयोगवश जयपुर की गिनती भारत के सबसे असुरक्षित शहरों में होती है और हाल ही में राजस्थान के उदयपुर में भी छेड़खानी से निपटने के लिए ऐसी टीम बनाई गई है।

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