IIT से पढ़े इस शख़्स ने कामसूत्र से प्रेरणा ले, 100 से ज़्यादा सेक्स पोज़िशन्स के लिए बनाया बेड

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 गौरव ने 2016 में 'लवमेकर्स' नाम से एक स्टार्टअप शुरू किया, जो ग्राहकों को ख़ास डिज़ाइन्स वाले लवमेकिंग फ़र्नीचर या बेड उपलब्ध कराता है और इसकी मदद से आप 100 से भी ज़्यादा सेक्स पोज़िशन्स ट्राय कर सकते हैं।

लवरोलर के संस्थापक गौरव सिंह
लवरोलर के संस्थापक गौरव सिंह
गौरव की कंपनी तीन अलग-अलग डिज़ाइन्स के बेड तैयार करती है। ये बेड न सिर्फ़ आपके सेक्स के मज़े को कई गुना बढ़ाते हैं, बल्कि गर्भधारण की संभावनाएं भी बढ़ा देते हैं। इसके साथ-साथ ये डिज़ाइन्स सेक्स के दौरान आपकी मांसपेशियां रिलैक्स रहें, इसका भी ख़्याल रखते हैं। 

स्टार्टअप: लवरोलर्स, "लवमेकिंग फ़र्नीचर"
फ़ाउंडर: गौरव सिंह
शुरूआत: 2016
जगह: दिल्ली
सेक्टर: लाइफ़स्टाइल और सेक्शुअल हेल्थ।
काम: निजी संबंधों को बेहतर बनाने और सेक्शुअल हेल्थ को सुनिश्चित करने के उद्देश्य के साथ सेक्स के लिए ख़ास तरह के बेड तैयार करना।
फ़ंडिंग: बूटस्ट्रैप्ड

आज भी हमारे समाज का एक बड़ा वर्ग, सेक्स या उससे जुड़े किसी भी वाजिब मुद्दे पर बात तक करने को ग़लत या शर्म का विषय समझता है। जबकि होना यह चाहिए कि एक उम्र के बाद सेक्स या सेक्शुअल हेल्थ से जुड़े गंभीर मुद्दों पर चर्चा ज़रूर होनी चाहिए और जिन लोगों के पास इस संबंध में सही जानकारी का अभाव है, उनतक बातें पहुंचनी चाहिए। इसके अलावा, हमारे देश में सेक्स से जुड़ा एक और गंभीर मुद्दा यह है कि कॉर्पोरेट कल्चर और हमारी लाइफ़स्टाइल ने हमारी सेक्स लाइफ़ को चुनौतियों से भर दिया है। 

सेक्स किन्हीं भी दो लोगों के बीच संबंधों को और भी प्रगाढ़ बनाता है और इस बात को ध्यान में रखते हुए आईआईटी दिल्ली के पढ़े गौरव सिंह ने एक अनूठे तरीक़े से समाज की बेहतरी के बारे में सोचा और अपने स्टार्टअप की शुरूआत की। गौरव ने 2016 में 'लवमेकर्स' नाम से एक स्टार्टअप शुरू किया, जो ग्राहकों को ख़ास डिज़ाइन्स वाले लवमेकिंग फ़र्नीचर या बेड उपलब्ध कराता है और इसकी मदद से आप 100 से भी ज़्यादा सेक्स पोज़िशन्स ट्राय कर सकते हैं।

गौरव की कंपनी तीन अलग-अलग डिज़ाइन्स के बेड तैयार करती है। ये बेड न सिर्फ़ आपके सेक्स के मज़े को कई गुना बढ़ाते हैं, बल्कि गर्भधारण की संभावनाएं भी बढ़ा देते हैं। इसके साथ-साथ ये डिज़ाइन्स सेक्स के दौरान आपकी मांसपेशियां रिलैक्स रहें, इसका भी ख़्याल रखते हैं। 33 वर्षीय गौरव बताते हैं कि कॉलेज के दिनों से ही डिज़ाइनिंग में उनकी रुचि रही है। पढ़ाई के बाद गौरव ने ज़्यादातर मैनेजमेंट कन्सलटिंग का काम किया और साथ ही, वह कई स्टार्टअप्स के साथ भी जुड़े रहे। गौरव कहते हैं कि मेनस्ट्रीम जॉब में रहकर वह अपनी क्रिएटिविटी का सही इस्तेमाल नहीं कर पा रहे थे और न ही समाज के लिए कुछ बेहतर कर पा रहे थे। वह मानते हैं कि सारा काम डीप थिंकिंग या डीप नेटवर्किंग पर हो रहा है, लेकिन कोई भी रिलेशनशिप्स को बेहतर बनाने के बारे में नहीं सोच रहा है।

गौरव कहते हैं कि भारत, दुनिया का 5वां सबसे सेक्शुअली ऐक्टिव देश है और भारत ने ही दुनिया को कामसूत्र दिया। इसके बावजूद भारत में सेक्स को लेकर कई बड़ी समस्याएं और भ्रांतियां बनी हुई हैं। गौरव ने बताया कि उनके डिज़ाइन्स की मदद से कामसूत्र में बताई गईं 250 सेक्स पोज़िशन्स में से 100 से ज़्यादा पोज़िशन्स ट्राई की जा सकती हैं। गौरव ने डिज़ाइन्स तैयार करने से पहले डेटा और डिज़ाइन संबंधी पहलुओं पर काफ़ी रिसर्च की और ट्रायल्स भी किए।

डिज़ाइन रिसर्च पर बात करते हुए गौरव ने जानकारी दी कि बेड का डिज़ाइन तैयार करने के दौरान उनके सामने चुनौती थी कि ये बेड्स सभी शेप और साइज़ के लोगों के हिसाब से हों, क्योंकि सेक्स, एक बेहद निजी मामला होता है। इसके लिए उन्होंने यूज़र डेटा पर पर्याप्त रिसर्च की। ये काउच, आपकी पीठ और गर्दन को भी मज़बूत सपोर्ट देते हैं। काउच के मध्य का हिस्सा, डिज़ाइन के लिहाज़ से बेहद ख़ास है। यह आपके पेल्विस (कमर के ठीक नीचे का हिस्सा) को ऊपर की तरफ़ रखता है और इसकी मदद से प्रेग्नेंसी की संभावनाएं भी बढ़ती हैं। गौरव ने बताया कि उनके प्रोडक्ट्स इस हिसाब से तैयार किए गए हैं कि माहवारी के दौरान महिलाओं को आराम मिलता है।

गौरव के तीन डिज़ाइन्स में एक स्टैंडर्ड वैरिएंट है, एक मिनी वर्ज़न है (जगह बचाने के लिए) और एक कन्वर्टिबल वर्ज़न है, जिसे दो ब्लॉक्स या हिस्सों में अलग-अलग किया जा सकता है। तीसरे वैरिएंट में सिर्फ़ एक बटन दबाने पर काउच दो हिस्सों में बंट जाएगा। इसे वापस जोड़ना भी बेहद आसान है। गौरव ने जानकारी दी कि वह एक चौथे डिज़ाइन पर भी काम कर रहे हैं।

सीधे ग्राहकों तक पहुंचने के साथ-साथ कंपनी बी टू बी (बिज़नेस टू बिज़नेस) मॉडल के तहत होटल चेन्स और स्पाज़ से भी कॉन्ट्रैक्ट करने की कोशिश में है। कंपनी ने बी टू सी (बिज़नेस टू कस्टमर) मॉडल के लिए ऑनलाइन पोर्टल बनाया है और पब्लिकसिटी के लिए डिजिटल मार्केटिंग का सहारा ले रही है। गौरव ने बताया मुख्य रूप से सोशल मीडिया की मदद से लॉन्च के एक महीने के भीतर ही उन्हें 100 से ज़्यादा बुकिंग्स मिल चुकी हैं।

लवरोलर वाली तकिया
लवरोलर वाली तकिया

गौरव ने बताया कि उन्हें टीम बढ़ाने की ज़रूरत थी। उन्होंने हायरिंग की चुनौतियों का ज़िक्र करते हुए कहा कि लोअर-लेवल स्किल्ड वर्कर्स खोजना एक मुश्किल काम था और साथ ही, उन्हें यह समझाना कि जो प्रोडक्ट्स वे बना रहे हैं, वे किस काम में आने वाले हैं। गौरव कहते हैं कि अपने गांव में मदद मांगने में उन्हें आसानी हुई और धीरे-धीरे उनकी टीम तैयार हुई।

अनुमान के मुताबिक़, भारत में 2020 तक ग्लोबल सेक्शुअल वेलनेस इंडस्ट्री का आंकड़ा 52 बिलियन डॉलर्स के पार होगा। गौरव कहते हैं कि फ़िलहाल भारत में इस सेक्टर में काम करने वाली उनकी कंपनी, इकलौती है। गौरव ने बताया, "कुछ अंतरराष्ट्रीय ब्रैंड्स जैसे कि लिबरेटर और तन्त्रा चेयर्स इस सेक्टर में काम कर रहे हैं, लेकिन भारत में इनके प्रोडक्ट्स आयात होकर आते हैं और इसलिए काफ़ी महंगे भी होते हैं। साथ ही, ये प्रोडक्ट्स भारतीय लोगों की बॉडी के शेप और साइज़ के हिसाब से डिज़ाइन नहीं होते हैं।"

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