स्टार्टअप की पिच पर बल्लेबाज सौरव गांगुली 

मशहूर क्रिकेट प्लेयर सौरव गांगुली का स्टार्टअप...

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मशहूर क्रिकेटर एवं भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली अब स्टार्टअप के पिच पर भी बल्लेबाजी करने के लिए उतर पड़े हैं। और वह पिच है 'फ्लिक्सट्री यूजर्स' का। यह कंपनी सोशल नेटवर्क, मीडिया साइट्स, ब्लॉग्स आदि पर फ्री विडियो देखने की सुविधा दे रही है। 

फ्लिक्स्ट्री को आर्थिक तौर पर मदद करने के साथ-साथ गांगुली इसकी ब्रैंडिंग भी करेंगे। उन्होंने स्टार्टअप सेक्टर के बढ़ते वर्चस्व को देखते हुए स्टार्टअप का निर्णय लिया है।

सूचनाओं के मुताबिक गांगुली इन्वेस्टर भी हैं। उन्होंने फ्लिक्सट्री में अपना पैसा लगाया है। फ्लिक्सट्री यूजर्स को सोशल नेटवर्क, मीडिया साइट्स और ब्लॉग्स पर फ्री विडियो देखने की सुविधा देती है। ‘फ्लिकस्ट्री’ में 20 से ज्‍यादा विडियो कैटेगरी हैं, जिसे यूजर्स फॉलो कर सकते हैं। इसके अलावा इसमें अन्‍य कैटेगरी को भी शामिल किया जा रहा है। 

जिस देश में गूगल जैसी कंपनी हल्ली लैब जैसे स्टार्टअप को खरीदने के लिए लालायित हो उठी हो, भला उस कार्यक्षेत्र में हाथ आजमाने के लिए कोई और भी क्यों न कूद पड़े। यह मामला जरा चौंकाता इसलिए है, कि इस दिशा में एक मशहूर क्रिकेटर ने कदम बढ़ाए हैं। मुंबई की टेक एंटरटेनमेंट कंपनी 'फ्लिक्सट्री' (Flickstree) यूजर्स में देश के मशहूर क्रिकेटर सौरव गांगुली ने भी स्‍टार्टअप की पहलकदमी की है। वह कहते हैं कि सभी क्षेत्रों में डिजिटल भारत का भविष्य है।

सौरव कहते हैं, "देश के डिजिटल इंडिया विजन के मद्देनजर, मैंने फ्लिक्सट्री में निवेश करने का फैसला किया, क्योंकि वे खोजपरक आधुनिकतम तकनीक में अग्रणी हैं और इसके संस्थापक अपना विजन पूरा करने के लिए तत्पर हैं। अलग-अलग यूजर्स के जुनून भी अलग-अलग होते हैं। 'फ्लिक्सट्री यूजर्स' को उनके जुनून का अनुसरण करने और अपनी पर्सनल वीडियो मैगजीन का निर्माण करने में मदद करता है। इस मॉडल में वीडियोज देखने के तरीके में बदलाव लाने का काफी सामर्थ्य है।" साथ ही उनका कहना है, कि इसके अलावा निवेश का उनका कोई बड़ा प्लान नहीं है। फ्लिक्स्ट्री को आर्थिक तौर पर मदद करने के साथ-साथ गांगुली इसकी ब्रैंडिंग भी करेंगे। उन्होंने स्टार्टअप सेक्टर के बढ़ते वर्चस्व को देखते हुए स्टार्टअप का निर्णय लिया है।

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वर्ष 2014 में सौरभ सिंह, राहुल जैन और नागेंद्र ने 'फ्लिक्सट्री' की शुरुआत की थी। इसकी ऑफिशियल लॉचिंग 2016 में हुई थी। फ्लिक्सट्री सोशल नेटवर्क्स, मीडिया साइटों, और ब्लॉग्स से फ्री-टू-वॉच ऑनलाइन वीडियोज का संकलन करता है और फिर एक विशिष्ट यूजर वीडियो फीड का निर्माण करता है।

सूचनाओं के मुताबिक गांगुली इन्वेस्टर भी हैं। उन्होंने फ्लिक्सट्री में अपना पैसा लगाया है। फ्लिक्सट्री यूजर्स को सोशल नेटवर्क, मीडिया साइट्स और ब्लॉग्स पर फ्री विडियो देखने की सुविधा देती है। ‘फ्लिकस्ट्री’ में 20 से ज्‍यादा विडियो कैटेगरी हैं, जिसे यूजर्स फॉलो कर सकते हैं। इसके अलावा इसमें अन्‍य कैटेगरी को भी शामिल किया जा रहा है। ‘फ्लिकस्ट्री यूजर्स’ पर अपनी विडियो मैगजीन भी तैयार कर सकते हैं। वर्ष 2014 में सौरभ सिंह, राहुल जैन और नागेंद्र ने इसकी शुरुआत की थी। इसकी ऑफिशियल लॉचिंग 2016 में हुई थी। फ्लिक्सट्री सोशल नेटवर्क्स, मीडिया साइटों, और ब्लॉग्स से फ्री-टू-वॉच ऑनलाइन वीडियोज का संकलन करता है और फिर एक विशिष्ट यूजर वीडियो फीड का निर्माण करता है। पेटेंट पेंडिंग टेक्नोलॉजी पर आधारित एआई, फ्लिक्सट्री को अपने उपयोक्ताओं के लिए असरदार ढंग से अनुभव का निर्माण कर उसे पर्सनलाइज करने की अनुमति देता है।

फ्लिक्सट्री की शुरुआत से ही सौरव गांगुली इस कंपनी के साथ जुड़े हैं। वह अपने इस स्टार्टअप पर समय देंगे। वह समझेंगे कि यहां किस तरह काम हो रहा है। फिलहाल इसके अलावा कहीं और निवेश का उनका कोई प्लान नहीं है। 

फ्लिक्सट्री के सीईओ सौरभ सिंह कहते हैं- हम बहुत खुश हैं कि वह हमारे पार्टनर बने हैं। गांगुली ने हमारे आइडिया पर विश्वास और भरोसा किया है। हमारी कंपनी फ्री वेब से सारे विडियोज यूजर को उपलब्ध कराएगी। भारत में विडियो की दुनिया में बहुत तेजी आई है और 4G आने के बाद से विडियो की दुनिया बिलकुल बदल गई है। बहुत सारे क्वालिटी विडियो प्लेटफार्म आने की वजह से यूजर को सारे प्लेटफार्म से विडियो तलाशने में काफी मुश्किलें होती हैं। हमारी कंपनी वह कठिनाई आसान कर रही है

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पत्रकार/ लेखक/ साहित्यकार/ कवि/ विचारक/ स्वतंत्र पत्रकार हैं। हिन्दी पत्रकारिता में 35 सालों से सक्रीय हैं। हिन्दी के लीडिंग न्यूज़ पेपर 'अमर उजाला', 'दैनिक जागरण' और 'आज' में 35 वर्षों तक कार्यरत रहे हैं। अब तक हिन्दी की दस किताबें प्रकाशित हो चुकी हैं, जिनमें 6 मीडिया पर और 4 कविता संग्रह हैं।

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