अब गूगल मैप बताएगा टॉयलेट का रास्ता

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2 अक्टूबर से देश के 85 शहरों में मौजूद शौचालयों की लोकेशन गूगल मैप पर डाल दी जाएगी। इसके साथ ही एक ऐप भी लॉन्च की जाएगी जिसमें आसपास शौचालय ढूंढे जा सकेगें। 

फोटो: ट्विटर
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बाजार और भीड़भाड़ वाले इलाकों के अलावा सड़कों पर लोग टॉयलेट ढूंढ़ने के लिए परेशान होते हैं। सबसे अधिक परेशानी महिलाओं को होती है। 

मिशन टॉयलेट लोकेटर के तहत अभी आगरा, अजमेर, अहमदाबाद, भिलाई नगर, भुवनेश्वर, धानबाद, ग्रेटर मुंबई, गुवाहटी, जयपुर, जम्मू,कोच्चि, विजयवाड़ा समेत ग्रेटर बैंगलूरू को शामिल किया गया है।

आप रास्ते में कहीं जा रहे हैं और अचानक टॉयलेट लगे या पेट खराब हो जाए, तो क्या करेंगे। जाहिर है स्थानीय लोगों से सार्वजनिक शौचालय के बारे में पूछेंगे। इसके अलावा कोई विकल्प भी नहीं होता है। मगर, अब आपको आसानी से पता चल जाएगा कि आप जहां हैं, वहां से सबसे पास कौन सा शौचालय है। भारत सरकार ने एक पहल शुरू की है। इसका नाम ‘मिशन टॉयलेट लोकेटर’ है। इसके तहत जल्द ही केन्द्र सरकार गूगल मैप पर सार्वजनिक शौचालयों की लोकेशन डालने जा रही है। 

2 अक्टूबर से देश के 85 शहरों में मौजूद शौचालयों की लोकेशन गूगल मैप पर डाल दी जाएगी। इसके साथ ही एक ऐप भी लॉन्च की जाएगी जिसमें आसपास शौचालय ढूंढे जा सकेगें। इसके लिए नगर निगम सभी टॉयलेट की लोकेशन गूगल मैप पर अपडेट करवाने जा रहा है। ऐप पर पब्लिक टॉयलेट में सफाई की रेटिंग की जानकारी के साथ फीडबैक देने की भी सुविधा होगी। 

दिल्ली में योजना लॉन्च-

इस फीचर को सबसे पहले दिल्ली में 23 अगस्त को लॉन्च कर दिया गया है, बाकी शहरों में काम चल रहा है। ये कदम दिल्ली को साफ-सुथरा बनाने और सार्वजनिक जगहों को शौच मुक्त बनाने के उद्देश्य से उठाया गया है। गूगल मैप की मदद से अब दिल्ली में रहने वाले या टूर पर आने वाले लोग 331 पब्लिक टॉयलेट को ढूंढ सकते हैं। यूजर्स को केवल गूगल मैप में पब्लिक टॉयलेट या टॉयलेट लिखकर सर्च करना होगा। इसके बाद गूगल मैप यूजर्स को उनके आसपास मौजूद सारे टॉयलेट का पता बता देगा।

'स्वच्छ भारत टॉयलेट लोकेटर' ऐप के जरिए अभी शहर के सिर्फ नौ पब्लिक टॉयलेट गूगल मैप पर दिखते हैं। बाकी पब्लिक टॉयलेट के लोकेशन की कोई जानकारी गूगल मैप पर नहीं है, जबकि शहर में इस वक्त 331 पब्लिक और कम्युनिटी टॉयलेट हैं। इस कारण बाजार और भीड़भाड़ वाले इलाकों के अलावा सड़कों पर लोग टॉयलेट ढूंढ़ने के लिए परेशान होते हैं। सबसे अधिक परेशानी महिलाओं को होती है। योजना के तहत गूगल मैप पर सभी पब्लिक टॉयलेट की लोकेशन के साथ इनके खुलने और बंद होने की जानकारी भी शेयर की जाएगी। इस बीच एनडीएमसी ने अपना नया ऐप एनडीएमसी 311 लॉन्च किया है। इसके जरिये यूजर्स विभिन्न नागरिक सेवाओं के बारे में जान सकते हैं और सबसे पास के 'स्मार्ट टॉयलेट' का पता लगा सकते हैं। 

सुविधाएं होंगी और भी बेहतर-

एनडीएमसी अध्यक्ष नरेश कुमार के मुताबिक, ऐसे स्मार्ट शौचालयों में एटीएम, रूफटॉप सौर पैनल्स, सैनिटरी नैपकिन वेंडिंग मशीन के साथ ही कई अन्य सुविधाएं मिल सकेंगी। दिल्ली-एनसीआर में एनडीएमसी द्वारा ऐसे 109 स्मार्ट टॉयलेट का निर्माण किया गया है। एक तरह से एनडीएमसी यात्रियों और आम जनता के लिए शौचालयों को रिसोर्स हब में बदलने की कोशिश कर रहा है। दिल्ली के शौचालयों को गूगल मैप में अपलोड कर दिया गया है, ताकी लोग आसानी से इन्हें खोज सकें। 

इन शौचालयों को एनडीएमसी के मोबाइल ऐप 'NDMC311' में भी सर्च किया जा सकता है। तीन महीने के भीतर 41 और सार्वजनिक शौचालयों को एनडीएमसी द्वारा गूगल मैप में अपलोड किया जाएगा। लोग शौचालयों को उपयोग कर अपने अनुभव भी साझा कर सकते हैं। लोगों के अनुभवों के आधार पर एनडीएमसी शौचालयों की बुनियादी सुविधाओं में सुधार करेगी और जरुरत के मुताबिक सुविधाएं बढ़ाई जाएंगी। ये कदम दिल्ली को साफ-सुथरा बनाने के लिए और शौचमुक्त करने के लिए उठाया गया है।

इन शहरों के टॉयलेट आएंगे मैप पर-

मिशन टॉयलेट लोकेटर के तहत अभी आगरा, अजमेर, अहमदाबाद, भिलाई नगर, भुवनेश्वर, धानबाद, ग्रेटर मुंबई, गुवाहटी, जयपुर, जम्मू,कोच्चि, विजयवाड़ा समेत ग्रेटर बैंगलूरू को शामिल किया गया है। इस पहल की शुरूआत सबसे पहले दिल्ली के नेशनल कैपिटल रीजन में की गई थी। एनसीआर में यह पता चला कि रोजाना करीब 50-60 लोग टॉयलेट लोकेटर ऐप का इस्तेमाल करते हैं। इसके साथ ही टॉयलेट की कंडीशन को भी रेटिंग देते हैं। अभी तक कुल 5,162 शौचालय को मैप पर डाल दिया गया है।

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