नितिन गुप्ता ने बनाया एक ऐसा मोबाइल एप जो रोकता है सड़क पर होने वाले हादसे

WatchOut हादसे रोकने के लिए सडक़ों पर ब्लैक स्पॉट्स की मदद से करता है अलर्ट।

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"नितिन गुप्ता की आंखों के सामने हुए एक दर्दनाक हादसे ने उन्हें WatchOut के ज़रिये कुछ ऐसा करने की प्रेरणा दी, जिससे वे हर रोज़ जाने-अनजाने हजारों वाहन चालकों को बचा रहे हैं सडक़ दुर्घटना से।"

नितिन गुप्ता
नितिन गुप्ता
टैक्नोलॉजी का फायदा तब है जब इसकी मदद से मानवीय जीवन को सुरक्षित और खुशहाल बनाया जा सके।

चंडीगढ़ के रहने वाले नितिन गुप्ता की आंखों के सामने हुए एक दर्दनाक हादसे ने उन्हें कुछ ऐसा करने की प्रेरणा दी जिससे वह हर रोज जाने-अनजाने हजारों वाहन चालकों को सडक़ दुर्घटनाओं से बचा रहे हैं। उस दुर्घटना के कारणों पर गंभीरता से विचार करने के बाद उन्होंने WatchOut नाम का एक मोबाइल एप तैयार किया, जो वाहन चालकों को दुर्घटना संभावित क्षेत्र या ऐसे किसी ब्लैक स्पॉट पर पहुंचने से पहले ही अलर्ट कर देता है।

वैबमोब इन्फोर्मेशन सिस्टम के सीईओ नितिन गुप्ता को आज भी वो सडक़ हादसा नहीं भूलता जो उनकी आंखों के सामने हुआ। वे हर रोज की तरह घर से काम के लिए निकले। चंडीगढ़ में हादसों के लिए बदनाम हो चुके सैक्टर 47 और 49 की ट्रेफिक लाइट पॉइंट पर एक युवक किसी दूसरी गाड़ी से टकरा गया था। वह बुरी तरह घायल था और तड़प रह था। उसे अस्पताल ले जाया भी गया, लेकिन बचाया नहीं जा सका। इस हादसे ने नितिन गुप्ता को उस दुर्घटना के कारणों के बारे में सोचने पर मजबूर किया। उन्हें समझ आया कि वो जगह असल में एक ब्लैक स्पॉट है जहां वाहन चालक अन्य दिशाओं से आने वाले वाहनों का ठीक से अंदाजा नहीं लगा पाते। इसपर उन्होंने उस जैसे अन्य स्थानों के अलावा शहर के बीच से गुजरने वाले नेशनल हाइवे पर बीते एक साल के दौरान हुए हादसे के बारे में जानकारी लेने का प्रयास किया। आरटीआई के जरिए भी उन्होंने सड़क दुर्घटनाओं के आंकड़े जुटाने की कोशिश की, लेकिन कुछ खास सफलता हाथ नहीं लगी।

छह महीने बीत गये और दिन एक समाचारपत्र में ब्लैक स्पॉट्स के बारे में छपी रिपोर्ट नितिन गुप्ता के सामने आई। उस ख़बर ने नितिन को रास्ता दिखाया, कि असल में उन्हें क्या करना है। उन्होंने अपकी टीम के साथ मिल कर चंडीगढ़ के साथ लगते मोहाली में ब्लैक स्पॉट ढूंढने शुरू किये। ब्लैक स्पॉट सडक़ों पर ऐसे स्थान होते हैं जो विभिन्न कारणों से वाहन चालकों को उनके इर्द-गिर्द के माहौल के प्रति कन्फ्यूज़ कर देते हैं। उन्हें अन्य वाहनों की गति और उनकी लोकेशन के बारे में भ्रमित करते हैं। इससे वाहन चालाक टकरा जाते हैं। कुछ दिन काम करने का नतीजा ये हुआ, कि उन्हें मोहाली शहर में 25 ब्लैक स्पॉट मिले। इसके बाद उन्होंने एक मोबाइल एप तैयार किया जिस का नाम रखा WatchOut.

WatchOut एक ऐसा एप है जो वाहन चालकों को किसी भी ब्लैक स्पॉट के नजदीक पहुंचने पर करता है अलर्ट।

नितिन गुप्ता कहते हैं, कि ये एक मोबाइल एप है जिसमें किसी जगह पर ब्लैक स्पॉट माने जाने वाली जगहों की जानकारी है। जैसे ही कोई वाहन चालक इन ब्लैक स्पॉट के नजदीक पहुंचता है उसका मोबाइल उसे अलर्ट कर देता है। यह एप 500 मीटर पहले ही अलर्ट बीप देना शुरु कर देता है। इससे वाहन चालक दुर्घटना से बच सकता है। यह बेहद कारगर सिद्ध हुआ है।

मोहाली शहर में इसे लांच करने के बाद उन्होंने नितिन ने चंडीगढ़ में और उस के बाद पंचकुला में ब्लैक स्पॉट्स की पहचान की। नितिन गुप्ता के मुताबिक चंडीगढ़ और इस के दोनों सैटेलाइट टाउन मोहाली और पंचकुला में कुल 42 ब्लैक स्पॉट्स पहचाने गए हैं। इनके आधार पर और पुलिस के ट्रैफिक विभाग से प्राप्त जानकारी के आधार पर इन्हें एप WatchOut में शामिल किया गया है।
इस मोबाइल एप की लोकप्रियता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि लांच होने के कुछ ही समय में इसे पांच हजार से अधिक डाउनलोड किया जा चुका है। चंडीगढ़ के अलावा WatchOut एप उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में भी लॉन्च हो चुका है। लखनऊ शहर की सीमाओं में होने वाले सड़क हादसों के हिसाब से देशभर में छठे नंबर पर आता है। लखनऊ शहर में 51 ब्लैक स्पॉट पहचाने गए हैं।

नितिन गुप्ता के मुताबिक वे देशभर के मुख्य शहरों और राष्ट्रीय राजमार्गों का अध्ययन कर रहे हैं और देशभर में ब्लैक स्पॉट्स की वजह से होने वाली सडक़ दुघर्टनाओं को रोकने की दिशा में काम कर रहे हैं। WatchOut एप गूगज प्ले स्टोर से मुफ्त डाउनलोड किया जा सकता है।

लेखक: रवि शर्मा

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