टॉप 10 की सूची में जगह पाने टी हब का लक्ष्य, तेलंगाना सरकार बनाएगी 100 करोड़ का फंड

हैदराबाद में स्थापित देश के पहले टी हब ने अपनी पहली वर्षगांठ पर घोषणा की है कि विश्व के टॉप 10 इंक्युबेटर सेंटरों में अपना स्थान बनाने के लिए भरसक प्रयास करेगा। 

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तेलंगाना के आईटी, नागरिक प्रशासन तथा शहरी विकास मंत्री के टी रामाराव ने आज घोषणा की कि तेलंगाना सरकार स्टार्टअप उद्योगों का सहयोग करने के लिए 100 रुपये की टी-हब निधि स्थापित करेगी और यह कार्य आगामी 2 महीनों में किया जाएगा। इससे न केवल स्वरोजगार को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में नवोन्मेषण को प्रोत्साहन दिया जा सकेगा। साथ ही उन्होंने कहा कि टी हब को दुनिया के 10 इंक्युबेटर सेंटरों में से एक बनाने के लिए सरकार हर संभव सहयोग करेगी।

तेलंगाना के युवा मंत्री के.टी. रामाराव टी हब की स्थापना में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुके हैं। आज  साइबरसिटी कंवेंशन हाल में टी हब की प्रथम वर्षगांठ को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने डिजिटल इंडिया के लिए 10 हज़ार करोड़ रुपये का लक्ष्य रखा है। हैदराबाद भारत के इस लक्ष्य में सबसे आगे चलने और देश ही नहीं बल्कि विश्व के टॉप 10 स्टार्टअप केंद्रों में से एक बनेगा। इसके लिए तेलंगाना सरकार शीघ्र ही न केवल अपने नवोन्मेषण नीति की घोषणा कर रही है, बल्कि 100 करोड़ की एक निधि भी स्थापित कर रही है।

आईटी मंत्री ने कहा कि 2 साल पहले जब नये राज्य में स्टार्टअप उद्योगों को प्रोत्साहन देने की बात हुई तो इसमें सरकार का स्पष्ट संकेत था कि इसमें सरकार सहयोगी की भूमिका निभाएगी। प्रत्यक्ष रूप से सरकार का इसमें कोई हस्तक्षेप नहीं होगा। उन्होंने कहा कि नये राज्य में व्यापार को बढाने, आईटी इको सिस्टम स्थापित करने, विकास के नये मार्ग पर प्रशस्त होने के लिए सरकार ने विभिन्न मोर्चों पर काम शुरू किया था, उसी में एक टी हब का सहयोग भी था। टी हब की स्थापना में नये रचनात्मक विचारों को प्रोत्साहित करते हुए एक ही उद्येश्य था कि नये आइडिया को परवान चढ़ने में मदद की जाए। यही कारण था कि विकास के नये नये स्रोतों और क्षेत्रों की पहचान की गयी। उनमें से एक टी हब भी था।

केटीआर ने कहा कि सरकार ने कभी इसमें हस्तक्षेप नहीं किया, लेकिन आधारभूत संरचना एवं आर्थिक सहयोग के लिए कभी भी कदम पीछे नहीं हटाए गये। युवाओं के लिए एक प्लेट फार्म के रूप में इसे स्थापित किया गया और आज यह युवाओं को अपने उद्यम से जुडे सपनों को साकार करने में मदद कर रहा है। युवा अपने रचनात्मक विचारों को आकार देने की कोशिश कर सकते हैं। यदि वह विफल भी हो जाते हैं तो उन्हें जीवन में एक महत्वपूर्ण अनुभव मिल जाएगा।

आईटी मंत्री ने कहा कि टी हब के दूसरे चरण की योजना तैयार है। इसके एक वीडियो के प्रदर्शन के बाद केटीआर ने कहा कि 800 लोगों के काम करने की क्षमता होगी, जबकि टी हब 1 में 200 स्टार्टअप की क्षमता है। यहाँ एक उत्तम आधारभूत संरचना का विकास किया जाएगा। इसको स्थापित करने के लिए उद्यमी राजू रेड्डी सामने आये हैं। इसमें न केवल स्टार्टअप को नयी दिशा मिलेगी, बल्कि ग्रामीण प्रतिभाओं को टेक्नॉलोजी के क्षेत्र में अपने नये आइडिया पर क्रियान्वयन का मौका मिलेगा। राजू रेड्डी निजामाबाद में काफी महत्वपूर्ण काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि टी हब 2 ग्रामीण विकास के लिए टेक्नोलोजी पर अपना काम करेगा। सरकार भी इसका पूरा सहयोग करेगी। इससे तेलंगाना में स्टार्टअप उद्योग को विश्वस्तरीय नक्शे पर लाने में महत्वपूर्ण सहयोग मिलेगा।

टी हब के संस्थापक निदेशक बी. वी. मोहन रेड्डी ने कहा कि टी हब की स्थापना में न केवल विज्नरी नेता शामिल रहे, बल्कि हैदराबाद में स्टार्टअप का नया माहौल बनाने की संकल्ना रखने वाले उद्यमी भी शामिल थे। आज यहाँ से अपनी उद्यमता को शुरू करने वाले 20 से अधिक स्टार्टअप न केवल विकास कर रहे हैं, बल्कि विस्तार भी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि नये टी हब में नये उद्यमों की योजनाओं के साथ साथ इंजीनियरिंग कॉलेजों के इससे जोड़ना अनिवार्य है, ताकि वहाँ छोटे छोटे इंक्युबर सेंटरों की स्थापना की जा सके। अवसर पर आई टी सचिव जयेश रंजन टी हब के सीईओ श्रीनिवास कुल्लीपारा, जय कृष्णन एवं श्रीनी राजू भी उपस्थित थे।

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پچھلی صدی کے آخری دہے میں کہانیاں لکھنے کے مقصدسے صحافت میں قدم رکھا تھا۔ وہ کہانیاں جو چہروں پر پہلے اور کتابوں میں بعد میں آتی ہیں۔ اس سفر میں ان گنت چہروں سے رو بہ رو ہوا، جتنے چہرے اتنی کہانیاں، سلسلہ جاری ہے۔ पिछली सदी के आखरी दशक में कहानियाँ लिखने के उद्देश्य से पत्रकारिता में क़दम रखा था। वो कहानियाँ, जो चेहरों पर पहले और किताबों में बाद में आती हैं। इस सफर में अनगिनत चेहरों से रू ब रू हुआ, जितने चेहरे उतनी कहानियाँ, सिलसिला जारी है।

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