जब बंसल ने सेंचुरी मार दी, वो बात मैंने दिल पे ले ली: पेटीएम के विजय शेखर शर्मा ने बताई अपनी कहानी

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कार्यक्रम में बोलते हुए विजय शर्मा ने सभी श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। उन्होंने अपने चुटीले अंदाज में सभी सवालों का जवाब दिया। देश की सबसे ताकतवर इंटरनेट कंपनी बनाने वाले विजय की बातें सुनकर लगा कि वे हर एक चुनौती को दिल पर ले लेते हैं।

विजय शेखर शर्मा
विजय शेखर शर्मा
विजय ने बताया कि एक समय ऐसा भी था जब लोग कहते थे कि वह कंपनी के लिए फंड नहीं जुटा पाएंगे। लेकिन आज स्टार्टअप दुनिया की सबसे बड़ी शख्सियत वॉरेन बफे और जैक मा पेटीएम के इन्वेस्टर्स हैं।

योरस्टोरी के सालाना कार्यक्रम टेकस्पार्क्स में पेटीएम के संस्थापक ने अपनी दिलचस्प कहानी बताई। एक छोटे से कस्बे में पले बढ़े विजय आज देश में स्टार्टअप के क्षेत्र में जाना माना नाम हैं। आज पेटीएम देश का सबसे बड़ा पेमेंट ऐप है। विजय ने बताया कि एक समय ऐसा भी था जब लोग कहते थे कि वह कंपनी के लिए फंड नहीं जुटा पाएंगे। लेकिन आज स्टार्टअप दुनिया की सबसे बड़ी शख्सियत वॉरेन बफे और जैक मा पेटीएम के इन्वेस्टर्स हैं।

कार्यक्रम में बोलते हुए विजय शर्मा ने सभी श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। उन्होंने अपने चुटीले अंदाज में सभी सवालों का जवाब दिया। देश की सबसे ताकतवर इंटरनेट कंपनी बनाने वाले विजय की बातें सुनकर लगा कि वे हर एक चुनौती को दिल पर ले लेते हैं। उन्होंने कहा, 'जब फ्लिपकार्ट के सचिन बंसल करोड़ों डॉलर की फंडिंग ला रहे थे तो लोग मुझसे कह रहे थे कि मैं इतने पैसे नहीं जुटा सकता। मुझे ये भी सुनना पड़ता था कि मेरी टीम में कोई एमबीए वाला व्यक्ति नहीं है तो मैं ब्रैंड कैसे खड़ा कर पाऊंगा। लेकिन इन सब बातों को मैंने चुनौती की तरह लिया और आज देखिये मैं कहां कहां से पैसे जुटा कर ले आया।'

आज पेटीएम को वॉरेन बफे, मसोयोशी सन और जैक मा से इन्वेस्टर्स से पैसे मिल रहे हैं और पेटीएम की वैल्युएशन 12 बिलियन डॉलर पहुंच चुकी है। उन्होंने कहा, 'मुझे नहीं लगता कि मेरी एनर्जी इस हॉल में बैठे हुए लोगों से ज्यादा या दृढ़ है। बस बात ये है कि मैंने अपने मौके की सही पहचान की।' नए स्टार्टअप शुरू करने वाले युवाओं को संदेश देते हुए विजय शेखर ने कहा, 'आप बड़ी कंपनियों से डर कर आप अपना आइडिया नहीं गंवा सकते। अगर आपके अंदर लड़ने की क्षमता है तो आप मेरा यकीन कीजिए कि आपके पास 10 गुना ज्यादा संसाधन होंगे। तो अगर आप अपने मौके का उपयोग नहीं करते हैं तो आप कुछ नहीं कर सकते।'

'कुछ बड़ा कीजिए या फिर घर जाइए' ये विजय शेखर का एक ऐसा मंत्र है जो स्टार्टअप की दुनिया में आने वाले लोगों को हमेशा प्रोत्साहित करता रहेगा। स्टार्टअप के लोगों के लिए यह किसी पॉप्युलर बॉलिवुड फिल्म के डायलॉग से कम नहीं है। जब योरस्टोरी की फाउंडर श्रद्धा ने विजय से उनके छोटे कस्बे से यहां तक के सफर के बारे में बात की तो विजय ने कहा, 'यह इस बात का प्रमाण है कि देश में हर किसी के पास कितने अवसर हैं और ये हमारी प्रतिबद्धता को भी दर्शाता है। इससे कोई फर्क नहीं पड़ता है कि आप दुनिया के किस कोने से आते हैं।'

उन्होंने आगे कहा, 'हमें सोचना होगा कि हम दुनिया में नंबर वन हैं। जिस दिन हम ऐसा सोचना शुरू कर देंगे, दुनिया हमारे लिए बदल जाएगी। कोई आईबीएम माइक्रोसॉफ्ट को नहीं रोक सकता और कोई माइक्रोसॉफ्ट गूगल को नहीं रोक सकता, कोई गूगल किसी फेसबुक को नहीं रोक सकता, दरअसल कोई किसी को नहीं रोक सकता। इस तरह आपको सोचना पड़ेगा तब जाकर आपको सफलता मिलेगी।' विजय ने कहा कि गुलदस्तों के साथ ईंट के रोड़े भी मिलते हैं।

बीते काफी समय से विजय शेखर शर्मा को सोशल मीडिया पर ट्रोल किया जाता रहा है। इस पर जब उनसे सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा, 'अपन पत्थर है, नहीं टूटेगा। (हालांकि टूटने का भी टाइम आएगा।) दुनिया में हमेशा ऐसे लोग रहेंगे जिन पर आपको ध्यान नहीं देना होगा। उन्हें नजरअंदाज करना ही बेहतर होता है। मैं यही करता हूं।' इन सब बातचीत के बीच में विजय ने बताया कि पेटीएम आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग जैसी चीजों पर ध्यान दे रहा है। उन्होंने कहा, 'हम इस क्षेत्र में संभावनाएं तलाश रहे हैं और अगर आपके पास कोई आइडिया आता है तो आप मुझे मेल कर सकते हैं।'

विजय शेखर ने कहा कि उनके लिए हर एक आइडिया की कीमत होती है। उन्होंने अपने पुराने दिनों को याद करते हुए कहा, 'जब मैं स्कूल जाता था तो बच्चों के पास चप्पल नहीं होते थे। मैं उस जगह से निकलर यहां आया हूं। मैं हमेशा से उपेक्षा का शिकार रहा हूं।' 

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