एक और दिलीप कुमार मगर सलाखों के पीछे

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मनोरंजन, अभिनय और अपराध साथ-साथ नहीं चल सकते, लेकिन आज के जमाने में सब चलता है। डंके की चोट पर चल रहा है। एक हिंदी गाने के बोल कितने अच्छे हैं कि 'बस यही अपराध मैं हर बार करता हूं, आदमी हूं, आदमी से प्यार करता हूं।'

अभिनेता दिलीप कुमार की फाइल फोटो
अभिनेता दिलीप कुमार की फाइल फोटो
समय कैसा आ गया है कि राजनीति और अपराध का ताना-बाना बड़े-छोटे पर्दे पर बखूबी बुना जाने लगा है। अब फैशन, फिल्म, अपराध, ग्लैमर और चर्चित व्यक्तियों पर केंद्रित फिल्मों को प्रमुखता दी जाने लगी है। हवा में जो जहर घुल रहा है, सांस लेना दुश्वार होता जा रहा है। बातें कहां से कहां तक पहुंच चुकी हैं। 

मलयालम एक्ट्रेस अपहरण केस में दक्षिण के युवा अभिनेता दिलीप कुमार की मुश्किलें खत्म होने का नाम नहीं ले रही हैं। हाईकोर्ट ने चौथी बार उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी। अब वह जेल में ही रहेंगे। दिलीप की पत्नी और अभिनेत्री काव्या माधवन ने केरल हाई कोर्ट में अपने पति की एंटीसिपेट्री बेल के लिए एक याचिका दायर की थी, जिसपर कोर्ट ने कोई राहत नहीं दी। 

मनोरंजन, अभिनय और अपराध साथ-साथ नहीं चल सकते, लेकिन आज के जमाने में सब चलता है। डंके की चोट पर चल रहा है। एक हिंदी गाने के बोल कितने अच्छे हैं कि 'बस यही अपराध मैं हर बार करता हूं, आदमी हूं, आदमी से प्यार करता हूं।' कभी फिल्में जीवन में सुखों के हिलोरे लेकर आया करती थीं, और देश-समाज को बहुत कुछ देती जाती थीं। समय कैसा आ गया है कि राजनीति और अपराध का ताना-बाना बड़े-छोटे पर्दे पर बखूबी बुना जाने लगा है। अब फैशन, फिल्म, अपराध, ग्लैमर और चर्चित व्यक्तियों पर केंद्रित फिल्मों को प्रमुखता दी जाने लगी है। हवा में जो जहर घुल रहा है, सांस लेना दुश्वार होता जा रहा है। बातें कहां से कहां तक पहुंच चुकी हैं।
 
मलयालम के अभिनेता का नाम भी दिलीप कुमार है लेकिन वह रह रहे हैं सलाखों के पीछे, कल ही हाईकोर्ट ने उनकी याचिका ठुकरा दी। पत्नी की हत्या के आरोपी अभिनेता माइकल जेस को 40 वर्ष की सजा मुद्दत पहले दुनिया की सुर्खियों में आ चुकी है। 

वर्ष 2010 में बॉम्बे हाई कोर्ट ने अपने एक फैसले में कहा था कि अगर कोई एडल्ट या कुछ एडल्ट्स निजी तौर पर पॉर्न फिल्म देखते हैं तो यह अपराध नहीं है। एक सबसे बड़ा सवाल ये उभरता है कि जब कोई कवि-लेखक या कलाकार इस तरह के अपराधों में धरा जाता है, घटनाक्रम उतना महत्वपूर्ण नहीं होता, जितनी ये बात कि इनका जन्म समाज को बेहतर बनाने के लिए होता है और जब वही अपराध करने लगें तो समाज में यह साफ संदेश जाता है कि इनसे बेहतर तो पेशेवर अपराधी ही है, कम से कम उसका चेहरा इकहरा तो है। उसे लोग उसी रूप में जानते-पहचानते तो हैं।

इसी कड़ी में एक अलग तरह की सुर्खी कल शुमार हुई कि मलयालम एक्ट्रेस अपहरण केस में दक्षिण के युवा अभिनेता दिलीप कुमार की मुश्किलें खत्म होने का नाम नहीं ले रही हैं। हाईकोर्ट ने चौथी बार उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी। अब वह जेल में ही रहेंगे। दिलीप की पत्नी और अभिनेत्री काव्या माधवन ने केरल हाई कोर्ट में अपने पति की एंटीसिपेट्री बेल के लिए एक याचिका दायर की थी, जिसपर कोर्ट ने कोई राहत नहीं दी। दिलीप ने 17 फरवरी को कोच्चि जाते वक्त एक एक्ट्रेस का न केवल अपहरण करवाया था बल्कि उसकी तस्वीरें खींचने और अश्लील वीडियो बनाने को भी कहा था। जब सार्वजनिक जीवन में, समाज में जहर घोला जाता है, उसका असर निश्चित ही, संबंधित कार्यक्षेत्र के निजी जीवन में भी खतरनाक तरीके से परिलक्षित होता है। 

अभिनेता संजय दत्त ने क्या किया था, निजी जीवन में क्या सब नहीं भोगा। कुख्यात अबू सलेम ने अवैध रूप से हथियार रखने के आरोपी दत्‍त को एके 56 राइफलें, 250 कारतूस और कुछ हथगोले 16 जनवरी 1993 को उनके आवास पर उन्हें सौंपे थे। आदित्य पंचोली की करतूतें भी सुर्खियां बन चुकी हैं। इसी साल अप्रैल में मुंबई की बांगुर नगर पुलिस ने एक टीवी अभिनेता के खिलाफ बाल अपराध का मामला दर्ज किया था। इससे पहले अभिनेता के खिलाफ छेड़छाड़ का भी मामला दर्ज हो चुका था।

मनोरंजन, अभिनय और अपराध साथ-साथ नहीं चल सकते, लेकिन आज के जमाने में सब चलता है। डंके की चोट पर चल रहा है। शराब पीकर फुटपाथ पर सोए लोगों को कार से कुचल देना, जंगल में जाकर हिरनों का शिकार करना भी फिल्मी इतिहास में दर्ज हो चुका है। कोलकाता में बांग्ला फिल्मों के एक अभिनेता अनिकेत को मॉडल के साथ बलात्कार और उसे ब्लैकमेल करने के मामले में गिरफ्तार कर लिया गया था। इसी तरह पश्चिम बंगाल पुलिस ने मॉडल सोनिका सिंह चौहान की गैर इरादतन हत्या के आरोपी टॉलीवुड अभिनेता विक्रम चटर्जी को दबोच लिया था। 

इसी साल जुलाई में वाराणसी (उ.प्र.) की शिवपुर पुलिस ने जब पूर्वांचल में व्यापारियों को धमकी देकर रंगदारी वसूलने वाले तीन बदमाशों को गिरफ्तार किया तो उनमें एक कई टीवी सीरियलों में काम कर चुका अभिनेता अतुल मिश्रा भी था। 'हसीना द क्वीन ऑफ मुंबई' फिल्म 22 सितंबर को रिलीज हो रही है। फिल्म में लीड रोल श्रद्धा कपूर प्ले कर रही हैं। ये फिल्म अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम की बहन हसीना पारकर पर आधारित है। श्रद्धा कपूर के खिलाफ आपराधिक शिकायत दर्ज हुई है कि फिल्म के प्रचार के दौरान उन्होंने फैशन लेबल एजीटीएम समझौते का उल्लंघन किया है।

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पत्रकार/ लेखक/ साहित्यकार/ कवि/ विचारक/ स्वतंत्र पत्रकार हैं। हिन्दी पत्रकारिता में 35 सालों से सक्रीय हैं। हिन्दी के लीडिंग न्यूज़ पेपर 'अमर उजाला', 'दैनिक जागरण' और 'आज' में 35 वर्षों तक कार्यरत रहे हैं। अब तक हिन्दी की दस किताबें प्रकाशित हो चुकी हैं, जिनमें 6 मीडिया पर और 4 कविता संग्रह हैं।

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